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Faridabad News: तीन महीने में 6520 लोगों को कुत्तों ने काटा
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शहर में लगातार बढ़ने जा रहे हैं लावारिस कुत्तों के काटने के मामले
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के हमले के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले तीन माह में कुत्तों के काटने के छह हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। एक तरफ निगम की तरफ से लगातार लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जा रही है लेकिन कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर की व्यवस्था न होने के कारण हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है।
सरकारी अस्पतालों में रेबीज विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2025 में 1979 तो नवंबर में 2133 और दिसंबर में 2408 मामले कुत्ते के द्वारा काटने के सामने आए हैं। यानी सिर्फ तीन महीनों में 6520 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। यदि पिछले तीन महीनों की बात करें तो औसतन रोजाना 70 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के चलते अस्पताल पहुंच रहे हैं।
हादसों की वजह भी बन रहे लावारिस कुत्ते
कुत्तों की समस्या केवल काटने तक सीमित नहीं है। शहर के कई हिस्सों में अचानक सड़क पर आ जाने से दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हुए हैं। एनआईटी, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्रों में बीते समय में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें राहगीरों को गंभीर चोटें आईं। एनआईटी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे अचानक पीछे से कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में वह बार बार बचे इस तरह की घटना उनके इलाके में आए दिन होती रहती है।
कुत्ते भूखे होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं
वहीं शहर में कुछ सामाजिक संगठन और पशु प्रेमी लावारिस कुत्तों को नियमित खाना खिलाते हैं। सेक्टर-15 निवासी अनुज शर्मा का कहना है कुत्ते भूखे होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं। हम तय जगह पर खाना देते हैं ताकि वे सड़कों पर न भटकें। समस्या का समाधान मारना नहीं बल्कि नसबंदी और वैक्सीनेशन है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से लगातार कुत्तों की नसंबदी और रैबीज वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जल्द ही बड़े स्तर पर शेल्टर बनाकर कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जाएगी।
लावारिस कुत्तों के कारण आए दिन हो रहीं घटनाएं
ग्रेटर फरीदाबाद की एक आवासीय सोसाइटी में अगस्त 2025 में सामने आई थी जहां आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर सोसाइटी के कुछ निवासियों और एक महिला फीडर के बीच विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। इस मामले में आरडब्ल्यूए ने महिला पर नियम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भारी जुर्माना लगाया। घटना के बाद सोसाइटी में सुरक्षा गार्ड तैनात करने पड़े और मामला पुलिस व प्रशासन तक पहुंचा । वहीं नवंबर 2025 में सेक्टर-88 की एक सोसाइटी में पार्क में खेल रहे एक मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चे के गिरते ही अन्य कुत्ते भी उसके पास पहुंच गए हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते बच्चे की जान बचा ली। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया और निगम से सख्त कार्रवाई की मांग भी उठी थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों के हमले के कारण लोगों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। पिछले तीन माह में कुत्तों के काटने के छह हजार से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। एक तरफ निगम की तरफ से लगातार लावारिस कुत्तों की नसबंदी की जा रही है लेकिन कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर की व्यवस्था न होने के कारण हादसों पर रोक नहीं लग पा रही है।
सरकारी अस्पतालों में रेबीज विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर 2025 में 1979 तो नवंबर में 2133 और दिसंबर में 2408 मामले कुत्ते के द्वारा काटने के सामने आए हैं। यानी सिर्फ तीन महीनों में 6520 लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए। यदि पिछले तीन महीनों की बात करें तो औसतन रोजाना 70 से अधिक लोग कुत्तों के काटने के चलते अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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हादसों की वजह भी बन रहे लावारिस कुत्ते
कुत्तों की समस्या केवल काटने तक सीमित नहीं है। शहर के कई हिस्सों में अचानक सड़क पर आ जाने से दोपहिया वाहन सवार गिरकर घायल हुए हैं। एनआईटी, बल्लभगढ़ और ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्रों में बीते समय में ऐसे कई मामले सामने आए, जिनमें राहगीरों को गंभीर चोटें आईं। एनआईटी निवासी रमेश कुमार ने बताया कि वे सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे अचानक पीछे से कुत्ते ने हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में वह बार बार बचे इस तरह की घटना उनके इलाके में आए दिन होती रहती है।
कुत्ते भूखे होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं
वहीं शहर में कुछ सामाजिक संगठन और पशु प्रेमी लावारिस कुत्तों को नियमित खाना खिलाते हैं। सेक्टर-15 निवासी अनुज शर्मा का कहना है कुत्ते भूखे होते हैं तो आक्रामक हो जाते हैं। हम तय जगह पर खाना देते हैं ताकि वे सड़कों पर न भटकें। समस्या का समाधान मारना नहीं बल्कि नसबंदी और वैक्सीनेशन है। निगम के अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से लगातार कुत्तों की नसंबदी और रैबीज वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जल्द ही बड़े स्तर पर शेल्टर बनाकर कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जाएगी।
लावारिस कुत्तों के कारण आए दिन हो रहीं घटनाएं
ग्रेटर फरीदाबाद की एक आवासीय सोसाइटी में अगस्त 2025 में सामने आई थी जहां आवारा कुत्तों को खाना खिलाने को लेकर सोसाइटी के कुछ निवासियों और एक महिला फीडर के बीच विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया। इस मामले में आरडब्ल्यूए ने महिला पर नियम उल्लंघन का आरोप लगाते हुए भारी जुर्माना लगाया। घटना के बाद सोसाइटी में सुरक्षा गार्ड तैनात करने पड़े और मामला पुलिस व प्रशासन तक पहुंचा । वहीं नवंबर 2025 में सेक्टर-88 की एक सोसाइटी में पार्क में खेल रहे एक मासूम बच्चे पर आवारा कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चे के गिरते ही अन्य कुत्ते भी उसके पास पहुंच गए हालांकि आसपास मौजूद लोगों ने समय रहते बच्चे की जान बचा ली। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी रोष देखा गया और निगम से सख्त कार्रवाई की मांग भी उठी थी।