इंजीनियर का आत्मघाती कदम: दो बेटों संग नहर में कूदा पिता, जानें रात 10 बजे अचानक क्यों लिया खौफनाक फैसला?
भगवत दयाल (35) पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। पहले वह गुजरात के अहमदाबाद की निजी कंपनी में काम करते हैं। लेकिन अब गुरुग्राम की कंपनी में काम करते हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हरियाणा के बल्लभगढ़ स्थित गांव असावटी में रहने वाले सिविल इंजीनियर अपने पांच और आठ वर्षीय दो बेटों के साथ रविवार रात करीब 10 बजे आगरा नहर में कूद गया। युवक ने आगरा नहर के ऊपर बने पुल पर बाइक खड़ी की और छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ टीम मौके पर पहुंची और नहर में सर्च अभियान शुरू किया। सर्च अभियान के दौरान सोमवार की सुबह घटना स्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर पुलिस ने सुरक्षित बड़ा बेटा नहर किनारे मिल गया। सूत्रों से अनुसार युवक और उसकी पत्नी के बीच विवाद चल रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया कि झगड़े के बाद ही उसने यह कदम उठाया।
पहले अहमदाबाद, अब गुरुग्राम में करते थे काम
गांव असावटी निवासी भगवत दयाल (35) पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। पहले वह गुजरात के अहमदाबाद की निजी कंपनी में काम करते हैं। लेकिन अब गुरुग्राम की कंपनी में काम करते हैं। रविवार रात 9 बजे वह अपने बेटे सम्राट (8) और युग (5) को लेकर डींग फतेहपुर बिल्लौच स्थित आगरा नहर के पुल पर ले आया और आगरा नहर में छलांग लगा दी।
राहगीर ने बाइक देख पुलिस को सूचना दी
पुल से गुजर रहे एक राहगीर ने भगवत की बाइक देखी तो पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सूचना पाकर पहुंची डायल 112 और एसडीआरएफ टीम ने नहर में सर्च अभियान शुरू किया। तभी उसका बेटा सम्राट पुलिस को पांच किलोमीटर दूर नहर के किनारे सोमवार की सुबह सुरक्षित मिल गया है।
नहीं मिले भगवत और छोटा बेटा युग
पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि कंट्रोल रूम से उनके पास सूचना पहुंची थी कि एक लावारिस बाइक पुल पर है। यह भी संदेह जताया गया कि आगरा नहर में बाइक सवार कूद गया है। इसके बाद जांच में पता चला कि युवक अपने बच्चों के साथ कूदा है। एक बच्चा सम्राट सुरक्षित मिल गया है, जबकि युवक भगवत और उसके छोटे बेटे युग की तलाश सोमवार देर शाम तक जारी रही। लेकिन उनकी कोई सूचना नहीं मिली।