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Faridabad News: उज्ज्वला लाभार्थियों की रसोई में संकट के बादल
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सिलेंडर को तरसे उज्ज्वला लाभार्थी... रसोई में आपूर्ति ठप होने से चूल्हे हुए ठंडे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में रसोई गैस आपूर्ति की समस्या लगातार बनी हुई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थी भी प्रभावित हो रहे हैं। जिले में योजना के तहत 50 हजार से अधिक लाभार्थी जुड़े हुए हैं और दूसरे चरण में यह संख्या और बढ़ी है। सरकार की ओर से प्रति सिलिंडर 300 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जा रही है, लेकिन आपूर्ति में अनियमितता के चलते इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।
गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं होने से लोगों को एजेंसियों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पास सीमित विकल्प होने के कारण उन्हें मजबूरी में अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका सीधा असर घरेलू कामकाज और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
गैस खत्म होने के बाद कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरी में लकड़ी या चूल्हे का सहारा लेना पड़ता है। -पूनम, बल्लभगढ़
बुकिंग के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। एजेंसी के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब जाकर कहीं गैस मिलती है। -पुष्पा, नीलम बाटा रोड
हमें बुकिंग के कुल 33 दिन बाद एजेंसी की तरफ से घर पर आपूर्ति की गई। इस बीच कई बार एजेंसी के चक्कर भी काटने पड़े। -अरुणा, सेक्टर-75
सीमित आय के चलते वैकल्पिक इंतजाम करना आसान नहीं है। गैस में देरी होने से पूरे घर का काम प्रभावित है। -अनीता, सेक्टर-14
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में रसोई गैस आपूर्ति की समस्या लगातार बनी हुई है। इससे आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लाभार्थी भी प्रभावित हो रहे हैं। जिले में योजना के तहत 50 हजार से अधिक लाभार्थी जुड़े हुए हैं और दूसरे चरण में यह संख्या और बढ़ी है। सरकार की ओर से प्रति सिलिंडर 300 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी भी दी जा रही है, लेकिन आपूर्ति में अनियमितता के चलते इसका पूरा लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा।
गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उपभोक्ताओं को लंबे इंतजार का सामना करना पड़ रहा है। बुकिंग के बाद भी समय पर डिलीवरी नहीं होने से लोगों को एजेंसियों के बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के पास सीमित विकल्प होने के कारण उन्हें मजबूरी में अन्य पारंपरिक ईंधन का सहारा लेना पड़ रहा है। इसका सीधा असर घरेलू कामकाज और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ रहा है।
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गैस खत्म होने के बाद कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। मजबूरी में लकड़ी या चूल्हे का सहारा लेना पड़ता है। -पूनम, बल्लभगढ़
बुकिंग के बावजूद समय पर सिलिंडर नहीं मिल रहा। एजेंसी के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं, तब जाकर कहीं गैस मिलती है। -पुष्पा, नीलम बाटा रोड
हमें बुकिंग के कुल 33 दिन बाद एजेंसी की तरफ से घर पर आपूर्ति की गई। इस बीच कई बार एजेंसी के चक्कर भी काटने पड़े। -अरुणा, सेक्टर-75
सीमित आय के चलते वैकल्पिक इंतजाम करना आसान नहीं है। गैस में देरी होने से पूरे घर का काम प्रभावित है। -अनीता, सेक्टर-14