23 साल बड़ी प्रेमिका का मर्डर: 23 साल के प्रेमी ने 45 की प्रेमिका को मारा; अब आरोपी के पिता को कोर्ट से राहत
प्रेमिका हत्या मामले में आरोपी पिता जगविंदर को नियमित जमानत मिली। अदालत ने पाया कि वह हत्या में शामिल नहीं था, केवल बेटे को संरक्षण दिया। यह धारा जमानती है।
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23 साल बड़ी प्रेमिका की हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अजय शर्मा की अदालत ने आदेश सुनाते हुए आरोपी पिता को नियमित जमानत दे दी है। अदालत ने मामले के तथ्यों और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर स्पष्ट किया कि आरोपी पिता जगविंदर की महिला की हत्या या उसके साथ हुई किसी भी गलत हरकत (दुष्कर्म) में कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है।
अदालत ने माना कि उसके खिलाफ केवल अपने बेटे को संरक्षण देने और मामले को छिपाने का आरोप है, जिसके तहत जोड़ी गई कानूनी धारा पूरी तरह जमानती प्रकृति की है। बचाव पक्ष की दलीलों और पुलिस की रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा है कि आरोपी पिता जगविंदर पर हत्या की धारा 103(1) और धारा 238ए लागू नहीं होतीं। धारा 103(1) हत्या से जुड़ी है, जबकि धारा 238ए महिला के साथ गलत काम/यौन अपराध से संबंधित गंभीर आरोपों से जुड़ी मानी गई थी। अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे जगविंदर की इन आरोपों में सीधी संलिप्तता साबित हो सके। जगविंदर के खिलाफ केवल धारा 249 बनती है, जो अपराध के बाद आरोपी को शरण देने, छिपाने या मदद करने से संबंधित और जमानती धारा है।
पुलिस ने जांच के दौरान कबूलपुर बांगर निवासी जगविंदर को 18 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में सामने आया कि जब बेटे ब्रह्मजीत ने हत्या की बात अपने पिता को बताई, तो जगविंदर ने पुलिस को सूचित करने के बजाय बेटे को बचाने का प्रयास किया। उसने बेटे को पांच हजार रुपये दिए और मोटरसाइकिल पर छोड़कर अपनी बहन के घर भेज दिया, जहां से उसे हरिद्वार भागने के निर्देश दिए गए थे। सुनवाई के दौरान जांच अधिकारी ने भी अदालत में माना कि हत्या में पिता का कोई हाथ नहीं है।
शादीशुदा था बेटा, महिला लगातार ब्लैकमेल कर रही थी
पुलिस जांच और मुख्य आरोपी ब्रह्मजीत के कबूलनामे के अनुसार, मृतक महिला (45) उसकी उम्र से करीब 23 साल बड़ी थी और दोनों के बीच संबंध थे। ब्रह्मजीत शादीशुदा था और महिला उसे लगातार ब्लैकमेल कर रही थी। इसी विवाद के चलते ब्रह्मजीत महिला को बहाने से खेतों में ले गया, जहां तीखी बहस के बाद उसने पैर से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को नग्न अवस्था में नाले में फेंक दिया ताकि पहचान छिपाई जा सके। घटना का खुलासा तब हुआ जब इलाके के एक लावारिस कुत्ते की वजह से नाले में तैरते शव की तरफ लोगों का ध्यान गया। 17 अप्रैल को थाना सेक्टर-8 क्षेत्र के अंतर्गत कबूलपुर गांव के पास एक गंदे नाले से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया था। मृतका की पहचान हुई, जो 15 अप्रैल को घर से बिजली का बिल जमा कराने निकली थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने शुरू में बीएनएस की धारा 103(1) (हत्या) और 238ए के तहत केस दर्ज किया था।
एक लाख के मुचलके पर नियमित जमानत याचिका मंजूर
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि चूंकि आरोपी जगविंदर का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और मामले का ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लग सकता है, इसलिए उसे जेल में रखने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने मामले के गुण-दोष पर अंतिम टिप्पणी किए बिना जगविंदर की जमानत याचिका मंजूर कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी को ड्यूटी मजिस्ट्रेट की संतुष्टि के अनुसार एक लाख रुपये का जमानत बांड और इतनी ही राशि का मुचलका जमा करने पर तुरंत नियमित जमानत पर रिहा किया जाए।