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Faridabad News: डॉक्टरों की हड़ताल से जिला अस्पताल में ओपीडी सेवाएं ठप, मरीज परेशान

Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 08 Mar 2026 01:12 AM IST
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OPD services at the district hospital stalled due to doctors' strike
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-जिला अस्पताल में प्रतिदिन आते है 1500 से अधिक मरीज ओपीडी में
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-एसएचओ की गिरफ्तारी तक हड़ताल जारी रखने का एलान


संवाद न्यूज एजेंसी


पलवल। करनाल जिले के घरौंडा में एक एसएचओ द्वारा सरकारी डॉक्टर के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में प्रदेशभर के डॉक्टरों में रोष फैला हुआ है। इसी के चलते हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर शनिवार को जिले के सरकारी डॉक्टर भी हड़ताल पर चले गए। डॉक्टरों के ओपीडी से दूर रहने के कारण जिला नागरिक अस्पताल समेत जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी सेवाएं पूरी तरह ठप रहीं। इससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।



हड़ताल के कारण जिला नागरिक अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवाएं ही चालू रखी गईं, जबकि ओपीडी में मरीजों को डॉक्टर नहीं मिले। दूर-दराज के गांवों से आए मरीज काफी देर तक डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन जब उन्हें हड़ताल की जानकारी मिली तो कई मरीज बिना उपचार कराए ही वापस लौट गए। कई मरीजों ने मजबूरी में निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ा।
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मरीजों को निजी अस्पताल का लेना पड़ा सहारा :

जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सामान्य दिनों में प्रतिदिन 1500 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इसके अलावा जिले के विभिन्न प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हजारों मरीज इलाज के लिए आते हैं। लेकिन शनिवार को डॉक्टरों की हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह प्रभावित रहीं और मरीजों को इधर-उधर भटकना पड़ा।
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अल्ट्रासाउंड सेवाओं पर भी असर :



हड़ताल का असर अल्ट्रासाउंड सेवाओं पर भी पड़ा। अस्पताल का अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद रहने के कारण गर्भवती महिलाओं को खासा परेशान होना पड़ा। नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 20 से 25 महिलाएं अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आती हैं, लेकिन शनिवार को उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा या निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ा।


एचसीएमएस ने की कड़ी निंदा :

इस संबंध में हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन (एचसीएमएस) के जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र आर्य ने कहा कि करनाल में डॉक्टर के साथ हुई मारपीट की घटना बेहद निंदनीय है। उन्होंने मांग की है कि दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और अस्पतालों में डॉक्टरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं करती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। डॉ. आर्य ने स्पष्ट कहा कि जब तक संबंधित एसएचओ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक डॉक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी। वहीं, हड़ताल के कारण मरीजों को हुई परेशानियों को देखते हुए लोगों ने जल्द समाधान निकालने की मांग की है।

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क्या कहते है लोग--

मेरे घुटनों में काफी समय से दर्द था, जिला अस्पताल में दिखाने आया था। अस्पताल आकर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं। हड़ताल की पहले कोई जानकारी नहीं दी गई थी, इसलिए अब बिना इलाज कराए ही वापस जाना पड़ रहा है।
-रामचंद्र, मरीज

यहां आकर पता चला कि डॉक्टरों की हड़ताल चल रहा है। पत्नी का अल्ट्रासाउंड और जांच करवानी थी, लेकिन हड़ताल के कारण जांच नहीं हो पाई। अब हड़ताल खत्म होने के बाद दोबारा आएंगे।
- भगत, परिजन
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