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Faridabad News: चूल्हे पर लौटने को मजबूर लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। फरीदाबाद क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों एलपीजी गैस सिलिंडरों की किल्लत देखने को मिल रही है। शहरों के साथ-साथ अब गांवों में भी गैस संकट गहराने लगा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हालात यह है कि कहीं लोग गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनों में खड़े नजर आ रहे हैं, तो कहीं परिवार चूल्हे पर खाना बनाने को मजबूर हो गए हैं।
रामनगर मच्छगर के निवासी राजेश ने बताया कि उन्होंने गैस सिलिंडर की बुकिंग तो करा दी है, लेकिन उन्हें डिलीवरी की तारीख काफी दूर की दी गई है। घर में पिछले कई दिनों से गैस खत्म हो चुकी है। मजबूरी में उन्हें लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है और चूल्हे पर खाना बनाकर परिवार का पेट भरना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोजाना लकड़ी लाना भी एक अलग परेशानी बन गया है।
वहीं हीरापुर में एक फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर दीपक ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते वे गैस सिलिंडर भरवाने में असमर्थ हैं। उनके पास गैस कनेक्शन की आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं है। उन्होंने बताया कि बाजार में सिलिंडर ब्लैक में करीब 3000 रुपये तक मिल रहा है, जो उनके बजट से बाहर है। इसी कारण उन्होंने लकड़ी खरीदकर चूल्हा बना लिया है और उसी पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। धुएं में खाना बनाने से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गैस की आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।
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रामनगर मच्छगर के निवासी राजेश ने बताया कि उन्होंने गैस सिलिंडर की बुकिंग तो करा दी है, लेकिन उन्हें डिलीवरी की तारीख काफी दूर की दी गई है। घर में पिछले कई दिनों से गैस खत्म हो चुकी है। मजबूरी में उन्हें लकड़ी का सहारा लेना पड़ रहा है और चूल्हे पर खाना बनाकर परिवार का पेट भरना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि रोजाना लकड़ी लाना भी एक अलग परेशानी बन गया है।
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वहीं हीरापुर में एक फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर दीपक ने बताया कि आर्थिक तंगी के चलते वे गैस सिलिंडर भरवाने में असमर्थ हैं। उनके पास गैस कनेक्शन की आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी नहीं है। उन्होंने बताया कि बाजार में सिलिंडर ब्लैक में करीब 3000 रुपये तक मिल रहा है, जो उनके बजट से बाहर है। इसी कारण उन्होंने लकड़ी खरीदकर चूल्हा बना लिया है और उसी पर खाना बनाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गैस की कमी के कारण महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। धुएं में खाना बनाने से स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। कई लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द गैस की आपूर्ति सुचारू कराने की मांग की है।