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Faridabad News: ईरान-अमेरिका तनाव थमने से जिले के उद्योगों को राहत
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महंगाई पर लगाम की उम्मीद,
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव कम होने और युद्ध के बादल छंटने से जिले के औद्योगिक क्षेत्र ने राहत की सांस ली है। पिछले काफी समय से खाड़ी देशों में बने तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, जिससे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स लागत में भारी बढ़ोतरी हो गई थी।
फरीदाबाद में मुख्य रूप से ऑटो पार्ट्स, लाइट इंजीनियरिंग गुड्स, मेटल फैब्रिकेशन, टेक्सटाइल और प्लास्टिक सेक्टर इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित था। स्टील, एल्युमिनियम और प्लास्टिक पॉलीमर के दाम बढ़ने से एमएसएमई सेक्टर के लिए अपनी उत्पादन लागत को नियंत्रित करना नामुमकिन हो गया था। तैयार माल महंगा होने के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
स्थानीय औद्योगिक संगठनों का कहना है कि अब हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से न केवल ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होगा, बल्कि पैकेजिंग और अन्य कच्चे माल की इनपुट कॉस्ट भी घटेगी। इससे बाजार में मंदी का दौर खत्म होगा और त्योहारी व आगामी सीजन में मांग को दोबारा रफ्तार मिलेगी।
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कच्चे तेल के दाम घटने से माल ढुलाई का खर्च कम होगा, जिससे हमारी उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद है।- हेमंत शर्मा, उद्यमी
युद्ध बंद होने से ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग सेक्टर में उत्पादन की रफ्तार अब दोगुनी हो सकेगी।- दीपक प्रसाद, उद्यमी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता आने से मेटल और स्टील की कीमतों में सुधार होगा।- पवन कुमार, उद्यमी
ईरान-अमेरिका तनाव कम होने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन सुधरेगी।- श्यामसुंदर कपूर, उद्यमी
युद्ध जैसी स्थिति टलने से न केवल फरीदाबाद बल्कि पूरे देश के औद्योगिक सेंटिमेंट को मजबूती मिलेगी।- आरके भाटी , उद्यमी
हमारे एक्सपोर्ट ऑर्डर समय पर डिलीवर हो सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा की आमद बढ़ेगी।- प्रमोद सिंह-- उद्यमी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ईरान और अमेरिका के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव कम होने और युद्ध के बादल छंटने से जिले के औद्योगिक क्षेत्र ने राहत की सांस ली है। पिछले काफी समय से खाड़ी देशों में बने तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं, जिससे माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स लागत में भारी बढ़ोतरी हो गई थी।
फरीदाबाद में मुख्य रूप से ऑटो पार्ट्स, लाइट इंजीनियरिंग गुड्स, मेटल फैब्रिकेशन, टेक्सटाइल और प्लास्टिक सेक्टर इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित था। स्टील, एल्युमिनियम और प्लास्टिक पॉलीमर के दाम बढ़ने से एमएसएमई सेक्टर के लिए अपनी उत्पादन लागत को नियंत्रित करना नामुमकिन हो गया था। तैयार माल महंगा होने के कारण घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग में भारी गिरावट दर्ज की गई थी।
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स्थानीय औद्योगिक संगठनों का कहना है कि अब हालात सामान्य होने की ओर बढ़ रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से न केवल ट्रांसपोर्टेशन का खर्च कम होगा, बल्कि पैकेजिंग और अन्य कच्चे माल की इनपुट कॉस्ट भी घटेगी। इससे बाजार में मंदी का दौर खत्म होगा और त्योहारी व आगामी सीजन में मांग को दोबारा रफ्तार मिलेगी।
कच्चे तेल के दाम घटने से माल ढुलाई का खर्च कम होगा, जिससे हमारी उत्पादन लागत में कमी आने की उम्मीद है।- हेमंत शर्मा, उद्यमी
युद्ध बंद होने से ऑटो पार्ट्स और इंजीनियरिंग सेक्टर में उत्पादन की रफ्तार अब दोगुनी हो सकेगी।- दीपक प्रसाद, उद्यमी
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिरता आने से मेटल और स्टील की कीमतों में सुधार होगा।- पवन कुमार, उद्यमी
ईरान-अमेरिका तनाव कम होने से कच्चे तेल की सप्लाई चेन सुधरेगी।- श्यामसुंदर कपूर, उद्यमी
युद्ध जैसी स्थिति टलने से न केवल फरीदाबाद बल्कि पूरे देश के औद्योगिक सेंटिमेंट को मजबूती मिलेगी।- आरके भाटी , उद्यमी
हमारे एक्सपोर्ट ऑर्डर समय पर डिलीवर हो सकेंगे, जिससे विदेशी मुद्रा की आमद बढ़ेगी।- प्रमोद सिंह