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Faridabad News: खाली प्लॉट में कूड़ा डालने पर मालिक से वसूला जाएगा खर्च
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नई सोच-नया शहर अभियान से पहले निगम सख्त
आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं के साथ बैठक, नागरिकों से लिया फीडबैक
पार्कों में अतिक्रमण रोकने और हरियाली बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि अब सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने वालों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले संपत्ति मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। 1 मई से शुरू हो रहे नई सोच–नया शहर स्वच्छ हरियाणा अभियान से पहले निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने विभिन्न आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के साथ बैठक कर शहर की सफाई व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की।
नगर निगम मुख्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित बैठक में करीब 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी को लेकर अपने सुझाव रखे। यह अभियान स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 और एसबीएम -यू 2.0 के तहत चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। बैठक में निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें हर नागरिक की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाएं लोगों तक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं। नागरिकों के फीडबैक के आधार पर ही योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। शहर में खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा फेंकने की बढ़ती समस्या पर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे प्लॉटों से कचरा हटाने का खर्च संबंधित मालिक के टैक्स में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगह खाली प्लॉट कूड़े के ढेर में बदल चुके हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और बीमारी का खतरा झेलना पड़ता है।
पार्कों में अतिक्रमण पर रोक
बैठक में पार्कों और ग्रीन बेल्ट को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। निगम ने साफ किया कि सार्वजनिक पार्कों में किसी भी प्रकार के धार्मिक निर्माण या अतिक्रमण को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय इन स्थानों को हरा-भरा बनाए रखने और सामुदायिक उपयोग के लिए संरक्षित करने पर जोर दिया गया। आईईसी अभियान के तहत अगले दो सप्ताह तक शहर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, जनसंपर्क गतिविधियां और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। साथ ही सफाई व्यवस्था की निगरानी, रिपोर्टिंग और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था भी लागू की जाएगी। नगर निगम का लक्ष्य इस अभियान के जरिए न केवल शहर की साफ-सफाई में सुधार करना है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में फरीदाबाद की रैंकिंग को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से ही शहर की बड़ी तस्वीर बदली जा सकती है।
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पार्कों में अतिक्रमण रोकने और हरियाली बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने की दिशा में नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए साफ संकेत दिया है कि अब सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने वालों के साथ-साथ लापरवाही बरतने वाले संपत्ति मालिकों पर भी कार्रवाई होगी। 1 मई से शुरू हो रहे नई सोच–नया शहर स्वच्छ हरियाणा अभियान से पहले निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने विभिन्न आरडब्ल्यूए, सामाजिक संगठनों और संस्थाओं के साथ बैठक कर शहर की सफाई व्यवस्था पर व्यापक चर्चा की।
नगर निगम मुख्यालय स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में आयोजित बैठक में करीब 150 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और शहर की सफाई, कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी को लेकर अपने सुझाव रखे। यह अभियान स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 और एसबीएम -यू 2.0 के तहत चलाया जाएगा, जिसका उद्देश्य लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। बैठक में निगम आयुक्त ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है बल्कि इसमें हर नागरिक की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाएं लोगों तक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी बन सकती हैं। नागरिकों के फीडबैक के आधार पर ही योजनाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा। शहर में खाली पड़े प्लॉटों में कूड़ा फेंकने की बढ़ती समस्या पर निगम ने कड़ा रुख अपनाया है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि ऐसे प्लॉटों से कचरा हटाने का खर्च संबंधित मालिक के टैक्स में जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि कई जगह खाली प्लॉट कूड़े के ढेर में बदल चुके हैं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को बदबू और बीमारी का खतरा झेलना पड़ता है।
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पार्कों में अतिक्रमण पर रोक
बैठक में पार्कों और ग्रीन बेल्ट को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। निगम ने साफ किया कि सार्वजनिक पार्कों में किसी भी प्रकार के धार्मिक निर्माण या अतिक्रमण को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। इसके बजाय इन स्थानों को हरा-भरा बनाए रखने और सामुदायिक उपयोग के लिए संरक्षित करने पर जोर दिया गया। आईईसी अभियान के तहत अगले दो सप्ताह तक शहर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, जनसंपर्क गतिविधियां और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े आयोजन किए जाएंगे। साथ ही सफाई व्यवस्था की निगरानी, रिपोर्टिंग और समयबद्ध प्रगति सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था भी लागू की जाएगी। नगर निगम का लक्ष्य इस अभियान के जरिए न केवल शहर की साफ-सफाई में सुधार करना है, बल्कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2026 में फरीदाबाद की रैंकिंग को भी बेहतर बनाना है। इसके लिए प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव से ही शहर की बड़ी तस्वीर बदली जा सकती है।
