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Faridabad News: लीड दो दमकल गाड़ियों के भरोसे 150 गांवों की सुरक्षा
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-एक गाड़ी के जर्जर होने से बढ़ी चिंता, आग लगने पर दमकल टीम के सामने निपटना होगा बड़ी चुनौती
गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। पुन्हाना उपमंडल के करीब 150 गांवों की सुरक्षा महज दो दमकल गाड़ियों के भरोसे चल रही है। इनमें से भी एक दमकल गाड़ी पूरी तरह जर्जर हालत में है, जो कई बार मौके पर पहुंचने से पहले ही जवाब दे देती है। ऐसे में आगजनी की किसी बड़ी घटना की स्थिति में दमकल विभाग के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।
स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार जर्जर हो चुकी दमकल गाड़ी की मरम्मत के लिए विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका भी बढ़ जाती है। खेतों में सूखी फसल के अवशेष, बढ़ता तापमान और तेज हवाएं आग को तेजी से फैलाने का कारण बनती हैं। ऐसे में यदि किसी गांव में आग लग जाती है तो सीमित संसाधनों के कारण आग पर समय रहते काबू पाना मुश्किल हो सकता है।
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कई बार रास्ते में खराब हो जाती है गाड़ी
दमकल विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर गाड़ी कई बार रास्ते में ही खराब हो जाती है, जिससे आग बुझाने के कार्य में देरी हो जाती है। यदि एक ही गाड़ी उपलब्ध हो और उसी दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर आग लग जाए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उपमंडल के गांवों की आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए यहां दमकल गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक गाड़ी के भरोसे इतने बड़े क्षेत्र की सुरक्षा करना जोखिम भरा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर दमकल गाड़ी की जल्द मरम्मत कराई जाए और उपमंडल के लिए नई दमकल गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आगजनी की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
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नगर पालिका के कमरे से संचालित हो रहा दमकल कार्यालय :
दमकल विभाग के पास आज तक अपना भवन नहीं है। ऐसे में विभाग का कार्यालय नगर पालिका कार्यालय के एक कमरे से संचालित किया जा रहा है। सीमित जगह और संसाधनों के बीच कर्मचारियों को काम करना पड़ रहा है, जिससे कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों के अनुसार दमकल विभाग के लिए अलग से भवन की लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पर्याप्त जगह न होने के कारण रिकॉर्ड रखने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी परेशानी होती है।
- साल दर साल बढ़ते जा रहे आगजनी के मामले :
आगजनी की घटनाएं साल दर साल बढ़ती नजर आ रही हैं। दमकल विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में आग लगने के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन कुल मिलाकर घटनाओं की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में आगजनी के 86 मामले सामने आए थे। 2021 में मामलों की संख्या घटकर 58 रह गई। हालांकि वर्ष 2022 में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई और 107 घटनाएं सामने आईं। 2023 में भी यह आंकड़ा बढ़कर 112 तक पहुंच गया।
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2024 में हुईं 163 घटनाएं :
वर्ष 2024 में आगजनी की घटनाओं ने अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा छू लिया, जब पूरे साल में 163 मामले दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2025 में 100 घटनाएं सामने आईं। चालू वर्ष 2026 में भी आग लगने की घटनाएं शुरू हो चुकी हैं। दमकल विभाग के अनुसार 5 मार्च तक क्षेत्र में 8 मामले हो चुके है।
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- ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों में आग के अधिक मामले :
आगजनी की घटनाओं में सबसे अधिक मामले ग्रामीण इलाकों में फसलों में आग लगने के सामने आते हैं। दमकल विभाग के अनुसार गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल के अवशेष और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल जाती है। कई बार छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान का कारण बन जाती है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
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एक गाड़ी की मरम्मत का काम होना है, जिसके लिए विभाग के उच्च अधिकारीयों को लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक गाड़ी की मरम्मत नहीं हुई है। कई बार आगजनी की घटनाओ के मौके पर गाड़ी जवाब दे जाती है।
- इज्जत नसीब, फायर अधिकारी पुन्हाना।
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गुरुदत्त भारद्वाज
पुन्हाना। पुन्हाना उपमंडल के करीब 150 गांवों की सुरक्षा महज दो दमकल गाड़ियों के भरोसे चल रही है। इनमें से भी एक दमकल गाड़ी पूरी तरह जर्जर हालत में है, जो कई बार मौके पर पहुंचने से पहले ही जवाब दे देती है। ऐसे में आगजनी की किसी बड़ी घटना की स्थिति में दमकल विभाग के सामने गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।
स्थानीय कर्मचारियों के अनुसार जर्जर हो चुकी दमकल गाड़ी की मरम्मत के लिए विभाग को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। विभागीय उदासीनता के कारण समस्या जस की तस बनी हुई है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की घटनाओं में बढ़ोतरी की आशंका भी बढ़ जाती है। खेतों में सूखी फसल के अवशेष, बढ़ता तापमान और तेज हवाएं आग को तेजी से फैलाने का कारण बनती हैं। ऐसे में यदि किसी गांव में आग लग जाती है तो सीमित संसाधनों के कारण आग पर समय रहते काबू पाना मुश्किल हो सकता है।
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कई बार रास्ते में खराब हो जाती है गाड़ी
दमकल विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि जर्जर गाड़ी कई बार रास्ते में ही खराब हो जाती है, जिससे आग बुझाने के कार्य में देरी हो जाती है। यदि एक ही गाड़ी उपलब्ध हो और उसी दौरान दो अलग-अलग स्थानों पर आग लग जाए तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। उपमंडल के गांवों की आबादी और क्षेत्रफल को देखते हुए यहां दमकल गाड़ियों की संख्या बढ़ाने की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक गाड़ी के भरोसे इतने बड़े क्षेत्र की सुरक्षा करना जोखिम भरा है। क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जर्जर दमकल गाड़ी की जल्द मरम्मत कराई जाए और उपमंडल के लिए नई दमकल गाड़ियां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आगजनी की घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके।
नगर पालिका के कमरे से संचालित हो रहा दमकल कार्यालय :
दमकल विभाग के पास आज तक अपना भवन नहीं है। ऐसे में विभाग का कार्यालय नगर पालिका कार्यालय के एक कमरे से संचालित किया जा रहा है। सीमित जगह और संसाधनों के बीच कर्मचारियों को काम करना पड़ रहा है, जिससे कार्यप्रणाली भी प्रभावित हो रही है। कर्मचारियों के अनुसार दमकल विभाग के लिए अलग से भवन की लंबे समय से मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पर्याप्त जगह न होने के कारण रिकॉर्ड रखने और अन्य प्रशासनिक कार्यों में भी परेशानी होती है।
- साल दर साल बढ़ते जा रहे आगजनी के मामले :
आगजनी की घटनाएं साल दर साल बढ़ती नजर आ रही हैं। दमकल विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में आग लगने के मामलों में लगातार उतार-चढ़ाव रहा है, लेकिन कुल मिलाकर घटनाओं की संख्या चिंता बढ़ाने वाली है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में आगजनी के 86 मामले सामने आए थे। 2021 में मामलों की संख्या घटकर 58 रह गई। हालांकि वर्ष 2022 में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई और 107 घटनाएं सामने आईं। 2023 में भी यह आंकड़ा बढ़कर 112 तक पहुंच गया।
2024 में हुईं 163 घटनाएं :
वर्ष 2024 में आगजनी की घटनाओं ने अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा छू लिया, जब पूरे साल में 163 मामले दर्ज किए गए। वहीं वर्ष 2025 में 100 घटनाएं सामने आईं। चालू वर्ष 2026 में भी आग लगने की घटनाएं शुरू हो चुकी हैं। दमकल विभाग के अनुसार 5 मार्च तक क्षेत्र में 8 मामले हो चुके है।
- ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों में आग के अधिक मामले :
आगजनी की घटनाओं में सबसे अधिक मामले ग्रामीण इलाकों में फसलों में आग लगने के सामने आते हैं। दमकल विभाग के अनुसार गर्मी के मौसम में खेतों में सूखी फसल के अवशेष और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल जाती है। कई बार छोटी सी चिंगारी भी बड़े नुकसान का कारण बन जाती है, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर जाता है।
एक गाड़ी की मरम्मत का काम होना है, जिसके लिए विभाग के उच्च अधिकारीयों को लिखा जा चुका है लेकिन अभी तक गाड़ी की मरम्मत नहीं हुई है। कई बार आगजनी की घटनाओ के मौके पर गाड़ी जवाब दे जाती है।
- इज्जत नसीब, फायर अधिकारी पुन्हाना।