फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Three railway overbridges in poor condition; traffic jams occur daily.

Faridabad News: तीन रेलवे ओवरब्रिज की हालत खस्ता, रोजाना लग रहा जाम

Thu, 16 Jul 2026 12:54 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:54 AM IST
विज्ञापन
Three railway overbridges in poor condition; traffic jams occur daily.

विज्ञापन
मानसून के समय अंडरपास में जलभराव और कीचड़ के कारण बढ़ जाता है वाहनों का दबाव

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। मानसून के दौरान शहर के प्रमुख अंडरपास में जलभराव होने से नीलम, बाटा और बड़खल रेलवे ओवरब्रिज पर वाहनों का दबाव तेजी से बढ़ जाता है लेकिन तीनों पुल खुद खराब हालत में हैं। कहीं सड़क उखड़ रही है कहीं एक्सपेंशन ज्वाइंट जवाब दे रहे हैं तो कहीं गहरे गड्ढे और बंद स्ट्रीट लाइट वाहन चालकों के लिए परेशानी खड़ी कर रही हैं। इन पुलों की समय पर व्यापक मरम्मत नहीं होने से जाम और दुर्घटना का खतरा दोनों बढ़ रहे हैं। इसके कारण सुबह व शाम को लंबा जाम लगता है। लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फरीदाबाद में ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन, मेवला महाराजपुर व एनएचपीसी अंडरपास हर बारिश में जलभराव की चपेट में आ जाते हैं। पानी भरने के बाद छोटे वाहन अंडरपास से गुजरने से बचते हैं और पूरा ट्रैफिक रेलवे ओवरब्रिजों पर आ जाता है। सामान्य दिनों में भी सुबह और शाम इन पुलों पर लंबा जाम लगता है जबकि बारिश के दौरान शहर की रफ्तार लगभग थम जाती है। शहर के यातायात विशेषज्ञों का कहना है कि इन पुलों का उपयोग अब उनकी मूल क्षमता से कहीं अधिक हो रहा है, लेकिन रखरखाव उसी गति से नहीं हो पाया है।
विज्ञापन


बाटा रेलवे ओवरब्रिज पर कई स्ट्रीट लाइट खराब

बाटा रेलवे ओवरब्रिज पर लंबे समय से कई स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं। रात के समय पुल का बड़ा हिस्सा कम रोशनी में रहता है। भारी वाहन गुजरने पर पुल पर कंपन महसूस होने की शिकायतें भी स्थानीय लोग लगातार उठा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नीलम ओवरब्रिज की मरम्मत पर भी उठ रहे सवाल

नीलम रेलवे ओवरब्रिज की कुछ समय पहले विशेष मरम्मत कराई गई थी लेकिन कई हिस्सों में सड़क फिर से खराब होने लगी है। वाहन चालकों का कहना है कि मरम्मत के बाद भी सड़क समतल नहीं रह सकी और जगह-जगह ऊबड़-खाबड़ सतह बनने लगी है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। इन्ही शिकायतों को लेकर नीलम रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत के सैंपल भी जांच के लिए लिए गए हैं।

बड़खल ओवरब्रिज क्षमता से अधिक दबाव झेल रहा

बड़खल रेलवे ओवरब्रिज ग्रेटर फरीदाबाद, एनआईटी और राष्ट्रीय राजमार्ग को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। यहां दिनभर भारी और हल्के वाहनों की आवाजाही रहती है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक के कारण सड़क पर कई स्थानों पर गड्ढे बन चुके हैं। बारिश में इनमें पानी भर जाने से गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।

बढ़ते वाहनों के बीच रखरखाव बना सबसे बड़ी चुनौती

फरीदाबाद में पिछले एक दशक में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। औद्योगिक गतिविधियों और ग्रेटर फरीदाबाद के विस्तार के बाद इन तीनों पुलों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ा है। इसके बावजूद नियमित संरचनात्मक निरीक्षण, एक्सपेंशन ज्वाइंट बदलने, सड़क की नई परत बिछाने और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को दुरुस्त करने का काम अपेक्षित गति से नहीं हो पाया। लोक निर्माण विभाग और संबंधित एजेंसियां समय-समय पर मरम्मत का दावा करती रही हैं लेकिन मानसून शुरू होते ही पुलों की स्थिति फिर सवालों के घेरे में आ जाती है।


ड्रेनेज व्यवस्था सुधरे बिना नहीं मिलेगी राहत

विशेषज्ञों का मानना है कि केवल ओवरब्रिज की मरम्मत से समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक शहर के प्रमुख अंडरपास में जलभराव रोकने के लिए ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं होगी, तब तक बारिश के दौरान अतिरिक्त ट्रैफिक इन्हीं पुलों पर आएगा और उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जाएगी। वहीं नगर निगम के एसई ओमदत्त का कहना है कि बाटा रेलवे ओवरब्रिज पर लाइटिंग का काम एफएमडीए की तरफ से देखा जा रहा है। पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता प्रकाश लाल के अनुसार बड़खल रेलवे ओवरब्रिज के पास नए पुल का निर्माण किया जा रहा है वहीं नीलम पुल नगर निगम की तरफ से देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed