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UP: फिरोज गांधी की कब्रगाह पर अब चढ़ेंगे सियासत के फूल, कांग्रेस की अनदेखी को टटोलती रही भाजपा; अब सक्रिय
Wed, 05 Aug 2026 04:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
शशांक वर्मा, प्रयागराज
शशांक वर्मा, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 05 Aug 2026 04:23 AM IST
सार
भाजपा की बहुत पहले से फिरोज पर निगाह है। कुंभ के दौरान भी एक मंत्री कब्रगाह पर फूल चढ़ाने पहुंचे थे।
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सांकेतिक चित्र
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
रिश्तों के फूल के लिए तरस रही फिरोज जहांगीर गांधी की कब्रगाह पर अब सियासत के फूल चढ़ेंगे। वर्षों से जहां नेहरू खानदान का कोई नहीं पहुंचा, वहां भाजपा ने दस्तक दे दी। पिछले महीने भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने मम्फोर्डगंज स्थित उनकी कब्रगाह पर सिर नवाया। अब यह मुद्दा भाजपा के एजेंडे में है। सीएम योगी ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को कब्रगाह की सफाई का जिम्मा सौंपा है। परिसर का प्रबंधन पारसी समुदाय के हाथ में है।
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केयरटेकर अनिल ने बताया कि सोनिया गांधी और बाद में राहुल आए थे, लेकिन इसको जमाना बीत गया। आठ सितंबर को फिरोज गांधी की पुण्यतिथि पर कोई फूल चढ़ाने वाला नहीं होता। पिछले महीने भाजपा नेता प्रकाश पाल आए थे, जिन्होंने कब्र पर माल्यार्पण किया। प्रकाश पाल का कहना है कि कांग्रेस जिसे भूल गई, उसे भाजपा सम्मान देगी।
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भाजपा की बहुत पहले से फिरोज पर निगाह है। कुंभ के दौरान भी एक मंत्री कब्रगाह पर फूल चढ़ाने पहुंचे थे। एक डिप्टी सीएम ने बयान भी दिया था। इधर, राहुल गांधी के प्रयागराज में संवाद कार्यक्रम को देखते हुए पार्टी कांग्रेस की अनदेखी को मुद्दा भी बना सकती है।
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फिरोज मरे नहीं हैं...
ही इज नॉट डेड...फिरोज गांधी की कब्र पर लिखी यह इबारत टूटे-फूटे अक्षरों में आज भी पढ़ी जा सकती है। कब्र का घेरा जीर्णशीर्ण हो चुका है। सामने लगे बिजली के खंभे ने रोशनी देना बंद कर दिया है। परिसर में झाड़ियां विस्तार ले रही हैं। फिलहाल, यह भी एक सच्चाई है कि सिमटती कौम को भी अपनी विरासत की चिंता नहीं है। हालांकि, दो दिन पहले पारसी समुदाय के एक सदस्य पहुंचे थे, जिन्होंने बदहाली पर प्रबंधन से बात की।