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Ghaziabad News: गैस की किल्लत से एमएसएमई 500 उद्योग बंद होने के कगार पर
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साहिबाबाद। साइट चार स्थित सीलिंग फैन बनाने वाली फैक्टरी 15 दिन से बंद पड़ी है। श्रमिक भी अब अपने घरों के लिए रवाना होना शुरू कर दिए है। फैक्टरी बंद होने के पीछे व्यावसायिक गैस सिलिंडर न मिलना बताया गया है। अब पीएनजी की लंबी और महंगी प्रक्रिया भी इस दौरान उद्यमियों को परेशान कर रही है। मजबूरन फैक्टरी पर ताला लगाना पड़ गया है। इससे एमएसएमई की 500 से अधिक फैक्टरियां एलपीजी गैस से प्रभावित हैं। पश्चिमी एशिया का युद्ध अगर लंबा चला तो इनकी संख्या और बढ़ सकती है।
दरअसल, फैक्टरियों में गैस वेल्डिंग से रोटो मोल्डिंग, लोहा कटिंग, पावडर कटिंग आदि कामों में एलजीपी की जरूरत होती है। इस तरह के काम में आम तौर पर दो से चार सिलिंडर ही लगते है लेकिन इनके बिना काम भी नहीं चल सकता है। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस समय के हालात में व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिल नहीं रहे हैं और पीएनजी की लंबी प्रक्रिया तात्कालिक तौर पर अपनाई नहीं जा सकती है। इस कारण एमएसएमई की सैकड़ों कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
उद्योग संगठन एसोसिएशन के महासचिव मुकेश गुप्ता का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन के लिए 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक रुपये जमा करने होते हैं। एक साथ अचानक उद्यमी यह खर्च उठाने नहीं चाहते क्योंकि महीने में दो से चार कामर्शियल सिलिंडर से काम चल जाता है। पीएनजी कनेक्शन घाटे का सौदा होता है। सिक्योरिटी मनी और फिर मंहगाई के कारण उत्पाद में मुनाफे के बजाय घाटा हो जाएगा। हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि युद्ध लंबा चला तो छोटे उद्यमियों का इस तरह आगे बढ़ना मुशकिल हो जाएगा। ऐसे में 500 से अधिक छोटे उद्यमी बुरी तरह प्रभावित होंगे।
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क्या बोले उद्यमी
सीलिंग फैन का काम है कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह से 15 दिन से फैक्टरी का काम बंद पड़ा हुआ है। मजदूरों को भी खाना पकाने के लिए सिलिंडर नहीं मिला तो वह गांव लौट गए हैं। राहुल गुप्ता, उद्यमी।
-पीएनजी कनेक्शन प्रक्रिया लंबी और महंगी है। गैस की समस्या गाजियाबाद में ज्यादा है। हापुड़-बागपत में उद्यमियों को सिलिंडर आसानी से मिल रहे हैं। प्रशासन को फैक्टरियों के लिए सिलिंडर की व्यवस्था करानी चाहिए। शांतनु रस्तोगी, उद्यमी।
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दरअसल, फैक्टरियों में गैस वेल्डिंग से रोटो मोल्डिंग, लोहा कटिंग, पावडर कटिंग आदि कामों में एलजीपी की जरूरत होती है। इस तरह के काम में आम तौर पर दो से चार सिलिंडर ही लगते है लेकिन इनके बिना काम भी नहीं चल सकता है। साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस समय के हालात में व्यावसायिक गैस सिलिंडर मिल नहीं रहे हैं और पीएनजी की लंबी प्रक्रिया तात्कालिक तौर पर अपनाई नहीं जा सकती है। इस कारण एमएसएमई की सैकड़ों कंपनियों पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।
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उद्योग संगठन एसोसिएशन के महासचिव मुकेश गुप्ता का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी कनेक्शन के लिए 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक रुपये जमा करने होते हैं। एक साथ अचानक उद्यमी यह खर्च उठाने नहीं चाहते क्योंकि महीने में दो से चार कामर्शियल सिलिंडर से काम चल जाता है। पीएनजी कनेक्शन घाटे का सौदा होता है। सिक्योरिटी मनी और फिर मंहगाई के कारण उत्पाद में मुनाफे के बजाय घाटा हो जाएगा। हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि युद्ध लंबा चला तो छोटे उद्यमियों का इस तरह आगे बढ़ना मुशकिल हो जाएगा। ऐसे में 500 से अधिक छोटे उद्यमी बुरी तरह प्रभावित होंगे।
क्या बोले उद्यमी
सीलिंग फैन का काम है कामर्शियल सिलिंडर नहीं मिल रहे हैं। इसकी वजह से 15 दिन से फैक्टरी का काम बंद पड़ा हुआ है। मजदूरों को भी खाना पकाने के लिए सिलिंडर नहीं मिला तो वह गांव लौट गए हैं। राहुल गुप्ता, उद्यमी।
-पीएनजी कनेक्शन प्रक्रिया लंबी और महंगी है। गैस की समस्या गाजियाबाद में ज्यादा है। हापुड़-बागपत में उद्यमियों को सिलिंडर आसानी से मिल रहे हैं। प्रशासन को फैक्टरियों के लिए सिलिंडर की व्यवस्था करानी चाहिए। शांतनु रस्तोगी, उद्यमी।