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Ghaziabad News: प्रतिष्ठित कंपनी के नाम से बिक रहे थे नकली पाइप, प्राथमिकी दर्ज
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इंदिरापुरम। थानाक्षेत्र के न्यायखंड तीन स्थित अग्रवाल हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल नामक दुकान पर क्विक आईपी कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से नकली पाइप बिकते मिले। यह खुलासा छापा मारने के दौरान पांच अप्रैल को हुआ। उस दिन कंपनी की दुकान पर छापा मारा था। कंपनी के इंफोर्समेंट अधिकारी दीवान सिंह की तहरीर पर दुकान संचालक नीतिखंड एक निवासी रविंद्र गर्ग के खिलाफ पुलिस ने नामजद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है।
दीवान सिंह ने बताया कि वह क्विक आईपी कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड में बतौर मुख्य प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें इंदिरापुरम क्षेत्र में कंपनी के नाम से नकली पाइप बेचे जाने की शिकायत मिली। 19 जनवरी को उन्होंने डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन के समक्ष शिकायत की। कार्रवाई न होने पर उन्होंने अपनी गुप्त जांच को आगे बढ़ाया। 5 अप्रैल को वह कंपनी के ही दो तकनीकी विशेषज्ञ कुलदीप सिंह और राम रत्न व इंदिरापुरम पुलिस की टीम लेकर न्यायखंड तीन स्थित अग्रवाल हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल पहुंचे। वहां पर उनकी कंपनी के नाम से 344 पाइप मिले। जो नकली थे। उन्होंने इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए कार्रवाई करने की मांग की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि नकली पाइप कहां से आ रहे थे और किस तरह इनकी सप्लाई हो रही थी इसकी जांच की जा रही है। कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 में आरोपी दुकानदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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दीवान सिंह ने बताया कि वह क्विक आईपी कंसलटेंसी प्राइवेट लिमिटेड में बतौर मुख्य प्रवर्तन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें इंदिरापुरम क्षेत्र में कंपनी के नाम से नकली पाइप बेचे जाने की शिकायत मिली। 19 जनवरी को उन्होंने डीसीपी ट्रांस हिंडन जोन के समक्ष शिकायत की। कार्रवाई न होने पर उन्होंने अपनी गुप्त जांच को आगे बढ़ाया। 5 अप्रैल को वह कंपनी के ही दो तकनीकी विशेषज्ञ कुलदीप सिंह और राम रत्न व इंदिरापुरम पुलिस की टीम लेकर न्यायखंड तीन स्थित अग्रवाल हार्डवेयर एंड इलेक्ट्रिकल पहुंचे। वहां पर उनकी कंपनी के नाम से 344 पाइप मिले। जो नकली थे। उन्होंने इस मामले में पुलिस को लिखित तहरीर देते हुए कार्रवाई करने की मांग की। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि नकली पाइप कहां से आ रहे थे और किस तरह इनकी सप्लाई हो रही थी इसकी जांच की जा रही है। कॉपीराइट एक्ट की धारा 63 में आरोपी दुकानदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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