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UP: ISI जासूस इरम को नहीं मिली जमानत, कोर्ट की टिप्पणी- देश की सुरक्षा को खतरे में डाला, ये अपराध गंभीर
माई सिटी रिपोर्टर, गाजियाबाद
Published by: अनुज कुमार
Updated Sat, 11 Apr 2026 08:20 PM IST
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सार
पाकिस्तान महिला जासूस साने इरम उर्फ महक की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि देश की सुरक्षा खतरे में डालने वाला यह अपराध गंभीर है, इसलिए जमानत नहीं दी जा सकती।
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हरियाणा के सोनीपत रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरा लगाकर देश से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां पाकिस्तान भेजने की आरोपी साने इरम उर्फ महक की जमानत अर्जी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने खारिज कर दी है। अदालत ने कहा कि देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ करना गंभीर अपराध है। इसके चलते आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती।
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अदालत से मिली जानकारी के अनुसार, मूल रूप से संभल की रहने वाली साने इरम को पुलिस ने गाजियाबाद के कौशांबी से बीती 13 मार्च को पांच साथियों के साथ गिरफ्तार किया था। साने इरम पर आरोप है कि उसने देश के कई रेलवे स्टेशनों पर सोलर कैमरे लगाकर उनसे एकत्र फोटो और वीडियो के साथ सैन्य ठिकानों की लोकेशन पाकिस्तानी नंबरों पर भेजी।
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आरोप है कि उसने इस सबके माध्यम से देश की संप्रभुता और सुरक्षा को खतरे में डाला। यह मामला गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) से संबंधित है और इसकी विवेचना जारी है।
अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि साने इरम को फंसाया गया है। उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। उसने अपराध नहीं किया है और उचित जमानत देने के लिए तैयार है। हालांकि, अदालत ने जमानत देने का आधार अपर्याप्त पाया।