सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Ghaziabad News ›   CMO should appoint a cardiologist, I will issue permission: Deputy Chief Minister

सीएमओ कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति करें, अनुमति जारी कर दूंगा : उपमुख्यमंत्री

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jan 2026 01:46 AM IST
विज्ञापन
CMO should appoint a cardiologist, I will issue permission: Deputy Chief Minister
जिला अस्पताल में निरीक्षण के दौरान मरीज से बात करते उप मुख्यमंत्री ब्रिजेश पाठक। संवाद
विज्ञापन
गाजियाबाद। उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने रविवार को जिला एमएमजी अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों का जायजा लिया। निरीक्षण के समय उन्होंने अस्पताल प्रशासन को कई अहम निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में कार्डियोलॉजिस्ट की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाए और इसके लिए लखनऊ स्तर से अनुमति वह स्वयं जारी कर देंगे। साथ ही उन्होंने एमएमजी अस्पताल की ओपीडी क्षमता को मौजूदा दो हजार से बढ़ाकर पांच हजार प्रतिदिन करने के निर्देश भी दिए।
Trending Videos




उपमुख्यमंत्री ने कहा कि गाजियाबाद जैसे बड़े जिले में जिला अस्पताल की सेवाओं को और मजबूत करना जरूरी है। इसके लिए नगर निगम पार्षदों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आम लोगों को जिला अस्पताल में इलाज के लिए आने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी और वार्ड में भर्ती मरीजों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी जानी। मरीजों से पूछा गया कि क्या उन्हें बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। पत्रकारों के सवालों के जवाब में मंत्री ने दावा किया कि अस्पताल में संसाधनों की कोई कमी नहीं है। ऐसी स्थिति में किसी भी मरीज को रेफर नहीं किया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन




निरीक्षण के दौरान मंत्री ने निर्माणाधीन क्रिटिकल केयर यूनिट के कार्य को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही लोनी क्षेत्र में पूर्व में मिले खसरे के मरीजों और उनके इलाज का पूरा विवरण भी सीएमओ से मांगा। हालांकि निरीक्षण के दौरान अस्पताल की अव्यवस्थाएं भी सामने आ गईं। विजयनगर निवासी एक महिला काजल इलाज के लिए अस्पताल पहुंची थी। पर्ची काउंटर के पास वह अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी। आसपास मौजूद स्टाफ ने उसे संभाला लेकिन मौके पर न तो व्हीलचेयर उपलब्ध थी और न ही स्ट्रेचर। मजबूरी में स्टाफ उसे सहारा देकर इमरजेंसी की ओर ले जाने लगा। काफी दूर जाने के बाद एक कर्मचारी स्ट्रेचर लेकर पहुंचा, तब जाकर महिला को इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया।



इस घटना ने मंत्री के दावों के बावजूद अस्पताल की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया। जिस समय उपमुख्यमंत्री स्वयं निरीक्षण पर मौजूद थे। उस समय भी जरूरी उपकरणों की उपलब्धता नहीं होना सवाल खड़े करता है। वहीं निरीक्षण को लेकर स्टाफ में भी नाराजगी देखने को मिली। सामान्य दिनों में दोपहर दो बजे के बाद अधिकांश स्टाफ अस्पताल से चला जाता है लेकिन मंत्री के आगमन के चलते चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को छुट्टी के दिन शाम पांच बजे तक अस्पताल में रोका गया।



कई चिकित्सकों और कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें अनावश्यक रूप से छुट्टी के दिन बुलाया गया और पूरे समय इधर उधर इंतजार करना पड़ा। निरीक्षण के समय विधायक संजीव शर्मा, जिलाधिकारी दीपक मांदड, सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन, सीएमएस डॉ. राकेश कुमार सहित अन्य चिकित्सा अधिकारी भी मौजूद रहे। निरीक्षण के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर प्रशासन पर दबाव जरूर बढ़ गया है लेकिन अब देखना यह है कि दिए गए निर्देश जमीनी स्तर पर कब और कितना लागू होते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed