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Ghaziabad News: पांच साल पुराने एटीएम गबन मामले में इंजीनियर को अग्रिम जमानत

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 14 Jun 2026 01:44 AM IST
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Engineer granted anticipatory bail in five-year-old ATM embezzlement case.
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गाजियाबाद। थाना कविनगर क्षेत्र में दर्ज एटीएम कैश गबन के करीब पांच साल पुराने मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो की न्यायाधीश पूनम सिंघल ने आरोपी अजय कुमार यादव को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने कई शर्तों के साथ राहत प्रदान करते हुए निर्देश दिया कि अभियुक्त जांच में पूरा सहयोग करेगा और विवेचक द्वारा बुलाए जाने पर उपस्थित होगा।


अभियोजन के अनुसार सीएमएस इंफोसिस्टम लिमिटेड विभिन्न बैंकों के एटीएम में नकदी लोड करने का कार्य करती है। कंपनी की साहिबाबाद शाखा में अक्टूबर 2020 के दौरान एक एटीएम में 6.82 लाख रुपये की कमी सामने आई थी। जांच में आरोप लगाया गया कि एटीएम से डोंगल डिस्पेंस के जरिये रकम निकाली गई और इसमें कंपनी से जुड़े कुछ कर्मचारियों तथा इंजीनियरों की संलिप्तता रही। कंपनी की ओर से दर्ज एफआईआर में कहा गया था कि 2.93 लाख रुपये बाद में वापस कर दिए गए, जबकि 3.89 लाख रुपये शेष रहे।
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बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि अजय कुमार यादव को झूठा फंसाया गया है और वह केवल सर्विसिंग व मेंटेनेंस इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। उनका नकदी लोडिंग या एटीएम कैश प्रबंधन से कोई संबंध नहीं था। अधिवक्ता ने यह भी बताया कि आरोपी ने जून 2021 में कंपनी से त्यागपत्र दे दिया था। अप्रैल 2026 में पुलिस पहली बार उसकी तलाश में पहुंची। आरोपी का कहना था कि एफआईआर में उसका नाम त्रुटिवश शामिल कर दिया गया।
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बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, न ही उसके पास से कोई बरामदगी हुई है। साथ ही सह अभियुक्त वीरेश कुमार और अमित कुमार को पहले ही अदालतों से अग्रिम जमानत मिल चुकी है। विवेचक की ओर से भी लिखित रूप में आरोपी की कस्टडी की आवश्यकता नहीं बताई गई।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो की न्यायाधीश पूनम सिंघल ने मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अग्रिम जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने आदेश दिया कि आरोपी विवेचना में सहयोग करेगा, किसी गवाह को प्रभावित नहीं करेगा, बिना न्यायालय की अनुमति भारत नहीं छोड़ेगा और प्रत्येक तिथि पर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहेगा।
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