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Ghaziabad News: गलत आय निर्धारण के आधार पर दिया जा रहा अधिक वेतन, छह को नोटिस
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गाजियाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग में कई शिक्षकों को गलत आय निर्धारण के आधार पर अधिक वेतन दिया जा रहा है। इस बात का खुलासा सेवानिवृत्त के बाद सर्विस पुस्तिका जांच करने के दौरान हुआ। इस संबंध में छह को नोटिस भेजा गया है, जबकि दो से रिकवरी की जा चुकी है। मामले में खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब मांगा गया है।
इसी साल 31 मार्च को 28 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। इसमें से 15 की फाइल पेंशन के लिए मेरठ भेजी जा चुकी है, जबकि अधिक वेतन मिलने पर दो शिक्षकों से एक लाख 70 हजार से तीन लाख तक की रिकवरी की गई है। छह शिक्षकों की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगाकर खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इसके अलावा सात को नोटिस भेजा गया है। इसमें नगर क्षेत्र के तीन, लोनी के तीन, मुरादनगर का एक शिक्षक शामिल है। लेखाकार रजनीश कुमार का कहना है कि यह खुलासा सर्विस बुक चेक करने के दौरान हुआ। इसकी गणना की जा रही है। इस कारण पेंशन बनने में देरी हो रही है। 2016-17 के दौरान ब्याज की गणना पूरे जिले में गलत की गई है। इससे 90 प्रतिशत को निर्धारण से अधिक वेतन मिल रहा है। इसकी भी जांच की जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों ने हस्ताक्षर तक यह गलत गणना के वेतन दिलवाए हैं। उन्हें नोटिस भेज जवाब मांगा गया है। लेखाधिकारी आदित्य कुमार का कहना है कि ब्याज की गणना में गलती पाई गई है। गलत निर्धारण के कारण दोबारा गणना कराई जा रही है। जिन्हें अधिक वेतन मिल रहा है, उनसे रिकवरी की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव का कहना है कि नोटिस लेखाकार की ओर से सीधे खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया होगा। वह पूरे मामले को दिखवाएंंगे। अभी मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है।
शिक्षक संघ लगा चुका है सुविधा शुल्क मांगने का आरोप
प्राथमिक शिक्षक संघ पेंशन बनवाने के लिए लेखा विभाग पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगा चुका है। इस संबंध में विभाग सहित प्रशासन से जांच की मांग की जा चुकी है। जिसकी विभागीय जांच की जा रही है।
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इसी साल 31 मार्च को 28 शिक्षक सेवानिवृत्त हुए हैं। इसमें से 15 की फाइल पेंशन के लिए मेरठ भेजी जा चुकी है, जबकि अधिक वेतन मिलने पर दो शिक्षकों से एक लाख 70 हजार से तीन लाख तक की रिकवरी की गई है। छह शिक्षकों की फाइल पर ऑब्जेक्शन लगाकर खंड शिक्षा अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। इसके अलावा सात को नोटिस भेजा गया है। इसमें नगर क्षेत्र के तीन, लोनी के तीन, मुरादनगर का एक शिक्षक शामिल है। लेखाकार रजनीश कुमार का कहना है कि यह खुलासा सर्विस बुक चेक करने के दौरान हुआ। इसकी गणना की जा रही है। इस कारण पेंशन बनने में देरी हो रही है। 2016-17 के दौरान ब्याज की गणना पूरे जिले में गलत की गई है। इससे 90 प्रतिशत को निर्धारण से अधिक वेतन मिल रहा है। इसकी भी जांच की जा रही है। खंड शिक्षा अधिकारियों ने हस्ताक्षर तक यह गलत गणना के वेतन दिलवाए हैं। उन्हें नोटिस भेज जवाब मांगा गया है। लेखाधिकारी आदित्य कुमार का कहना है कि ब्याज की गणना में गलती पाई गई है। गलत निर्धारण के कारण दोबारा गणना कराई जा रही है। जिन्हें अधिक वेतन मिल रहा है, उनसे रिकवरी की जाएगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी यादव का कहना है कि नोटिस लेखाकार की ओर से सीधे खंड शिक्षा अधिकारियों को भेजा गया होगा। वह पूरे मामले को दिखवाएंंगे। अभी मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है।
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प्राथमिक शिक्षक संघ पेंशन बनवाने के लिए लेखा विभाग पर सुविधा शुल्क मांगने का आरोप लगा चुका है। इस संबंध में विभाग सहित प्रशासन से जांच की मांग की जा चुकी है। जिसकी विभागीय जांच की जा रही है।