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Ghaziabad News: पहले दिन उम्मीद से कम निकले यात्री, दूसरे दिन उमड़ी भीड़
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साहिबाबाद। होली पर यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए जहां परिवहन निगम ने अपनी व्यवस्थाओं को बढ़ाया वहीं शनिवार को यात्रियों की संख्या उम्मीद से काफी कम रही। हालांकि रविवार को कौशांबी डिपो पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। शनिवार को त्योहार के मौके पर परिवहन निगम के कौशांबी डिपो से बसों ने रात 12 बजे तक करीब 882 फेरे लगाए। करीब बीस हजार यात्रियों ने सफर किया।
होली के मौके पर बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों में सफर करते हैं। तीन दिन पहले से ही बसों में भीड़ बढ़ना शुरू हो जाता है। ऐसे में शनिवार जहां अधिकारियों ने यात्री बढ़ने की उम्मीद लगाई थी, यात्रियों की संख्या उससे काफी कम रही। शनिवार को कौशांबी डिपो से करी 20 हजार लोगों ने ही सफर किया। इसके ठीक उलट रविवार की शाम चार बजे तक 35 हजार से अधिक लोगों ने परिवहन निगम की बस में यात्रा की। कौशांबी डिपो के एआरएम अंशुल भटनागर ने बताया कि शनिवार को बसों के 882 फेरे लगाए। वहीं भीड़ बढ़ने के साथ-साथ कौशांबी डिपो पर व्यवस्थाएं भी चरमराई। कहीं पूछताछ केंद्र पर लोगों को दिक्कत हुई तो कहीं बस पर चढ़ने तक की जगह बेहद मुश्किल से मिली। हालात यह रहे कि कई यात्रियों को बसों में खड़े होकर जाना पड़ा।
बसों तो बढ़ीं लेकिन यात्रियों को दिक्कतें नहीं घटीं
परिवहन निगम ने वर्ष 2025 और इस वर्ष का आंकड़ा जारी किया है। एआरएम अंशुल भट्नागर ने बताया कि पिछले वर्ष होली 14 मार्च को थी। उससे पहले 11 मार्च को 1337 बसों का संचालन हुआ था। वहीं इस वर्ष 1611 बसें चलाई गई हैं। 274 बसें अलग-अलग बस अड्डों से संचालित की गई। इन बस अड्डों में कौशाम्बी, आनंद विहार, कश्मीरी गेट और सराय काले खां शामिल हैं। आनंद विहार से 664 बसें रवाना हुईं, जो पिछले साल 600 थीं। कश्मीरी गेट से 133 बसों का संचालन हुआ, जबकि पिछले साल 119 बसें चली थीं। सराय काले खां से 55 बसें रवाना हुईं, जो पिछले साल 54 थीं।
ट्रैफिक जाम से परेशान हुए राहगीर
रविवार को यात्रियों की भीड़ बढ़ी तो इसका असर मुख्य मार्ग पर भी दिखाई दिया। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पार्किंग से मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई। कौशांबी से दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़क पर लगने वाले जाम से राहगीरों को जूझना पड़ रहा है। पेयजल की व्यवस्था भी फेल रही। वहीं अब अड्डे पर शराब पीकर सोने वालों से भी यात्री परेशान रहे। किसी को बैठने की जगह नहीं मिली तो बहसबाजी भी हुई। हालांकि परिवहन निगम अधिकारियों ने मौके पर रहकर असामाजिक तत्वों को बस अड्डे से बाहर कराया।
-- -वर्जन-- -
पहले दिन यात्रियों भी संख्या कम रही, बसों ने अतिरिक्त फेरे भी लगाए। रविवार को दूसरे दिन यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। शाम तक करीब 35 हजार यात्रियों ने सफर किया। पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और उत्तराखंड मार्ग पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। अंशुल भट्नागर, एआरएम कौशांबी डिपो
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होली के मौके पर बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों में सफर करते हैं। तीन दिन पहले से ही बसों में भीड़ बढ़ना शुरू हो जाता है। ऐसे में शनिवार जहां अधिकारियों ने यात्री बढ़ने की उम्मीद लगाई थी, यात्रियों की संख्या उससे काफी कम रही। शनिवार को कौशांबी डिपो से करी 20 हजार लोगों ने ही सफर किया। इसके ठीक उलट रविवार की शाम चार बजे तक 35 हजार से अधिक लोगों ने परिवहन निगम की बस में यात्रा की। कौशांबी डिपो के एआरएम अंशुल भटनागर ने बताया कि शनिवार को बसों के 882 फेरे लगाए। वहीं भीड़ बढ़ने के साथ-साथ कौशांबी डिपो पर व्यवस्थाएं भी चरमराई। कहीं पूछताछ केंद्र पर लोगों को दिक्कत हुई तो कहीं बस पर चढ़ने तक की जगह बेहद मुश्किल से मिली। हालात यह रहे कि कई यात्रियों को बसों में खड़े होकर जाना पड़ा।
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बसों तो बढ़ीं लेकिन यात्रियों को दिक्कतें नहीं घटीं
परिवहन निगम ने वर्ष 2025 और इस वर्ष का आंकड़ा जारी किया है। एआरएम अंशुल भट्नागर ने बताया कि पिछले वर्ष होली 14 मार्च को थी। उससे पहले 11 मार्च को 1337 बसों का संचालन हुआ था। वहीं इस वर्ष 1611 बसें चलाई गई हैं। 274 बसें अलग-अलग बस अड्डों से संचालित की गई। इन बस अड्डों में कौशाम्बी, आनंद विहार, कश्मीरी गेट और सराय काले खां शामिल हैं। आनंद विहार से 664 बसें रवाना हुईं, जो पिछले साल 600 थीं। कश्मीरी गेट से 133 बसों का संचालन हुआ, जबकि पिछले साल 119 बसें चली थीं। सराय काले खां से 55 बसें रवाना हुईं, जो पिछले साल 54 थीं।
ट्रैफिक जाम से परेशान हुए राहगीर
रविवार को यात्रियों की भीड़ बढ़ी तो इसका असर मुख्य मार्ग पर भी दिखाई दिया। ऑटो रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों की मनमानी पार्किंग से मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई। कौशांबी से दिल्ली की तरफ जाने वाली सड़क पर लगने वाले जाम से राहगीरों को जूझना पड़ रहा है। पेयजल की व्यवस्था भी फेल रही। वहीं अब अड्डे पर शराब पीकर सोने वालों से भी यात्री परेशान रहे। किसी को बैठने की जगह नहीं मिली तो बहसबाजी भी हुई। हालांकि परिवहन निगम अधिकारियों ने मौके पर रहकर असामाजिक तत्वों को बस अड्डे से बाहर कराया।
पहले दिन यात्रियों भी संख्या कम रही, बसों ने अतिरिक्त फेरे भी लगाए। रविवार को दूसरे दिन यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ। शाम तक करीब 35 हजार यात्रियों ने सफर किया। पश्चिमी यूपी, पूर्वांचल और उत्तराखंड मार्ग पर अतिरिक्त बसें लगाई गई हैं। अंशुल भट्नागर, एआरएम कौशांबी डिपो