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Ghaziabad News: तीन घंटे तक बच्ची के साथ बर्बरता, मोबाइल फोन में व्यस्त रहा सुरक्षाकर्मी
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राजनगर एक्सटेंशन स्थित मॉल के बेसमेंट के तीसरे तल पर यहां मिला बच्ची का शव। संवाद
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गाजियाबाद। चार एकड़ में फैले निर्माणाधीन मॉल के गेट और बाहरी हिस्से में लगे सीसीटीवी कैमरों ने खौफनाक वारदात की पूरी कहानी सामने ला दी। पुलिस की जांच में सामने आया कि शुक्रवार रात करीब 7:40 बजे दोनों आरोपी बच्ची को लेकर मॉल परिसर में दाखिल हुए थे। इसके करीब सवा तीन घंटे बाद रात 11 बजे एक आरोपी बाहर निकलता दिखाई दिया। कुछ देर बाद अन्य आरोपी भी दूसरे रास्तों से निकल गए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने करीब तीन घंटे तक बच्ची के साथ बर्बरता की।
फॉरेंसिक टीम की जांच में निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में कई जगह खून के निशान मिले हैं। कमरे के फर्श पर बिखरी रेत में मिले खून के धब्बे वारदात की भयावहता बयां कर रहे थे। मौके से बच्ची की खून से सनी स्कर्ट, चप्पल, चिप्स का खाली पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद हुई है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से करीब 40 मीटर दूर शराब का पव्वा और बीड़ी के जले हुए टुकड़े भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के साथ वारदात के वक्त आरोपी निगरानी भी कर रहे थे।
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राज खुलने के डर से की हत्या
बच्ची की मां ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी उनकी झुग्गी से करीब 60-70 मीटर दूर रहते हैं और उनके साथ ही मजदूरी करते हैं। बच्ची दोनों आरोपियों को अच्छी तरह पहचानती थी। मां का आरोप है कि अपनी करतूत सामने आने के डर से आरोपियों ने बेटी की हत्या कर दी। शव को जिस स्थान से फेंका गया, वहां भी खून के निशान मिले हैं। बच्ची का शव लिफ्ट एरिया में फैली बिजली की वायरिंग तोड़ता हुआ बेसमेंट में जाकर गिरा।
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मोबाइल फोन चलाता रहा सुरक्षाकर्मी
निर्माणाधीन परियोजना में सुरक्षा के लिए 20 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इनमें दिन में 15 और रात में पांच सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर रहते हैं। मुख्य गेट पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। परिजनों के अनुसार, थाने से लौटने के बाद उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू की तो एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि उसने बच्ची के रोने और ''''''''मम्मी-मम्मी'''''''' पुकारने की आवाज सुनी थी। हालांकि, उसे यह अंदाजा नहीं था कि आवाज बिल्डिंग के अंदर से आ रही है। उस समय सुरक्षाकर्मी मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त था। इसके बाद परिजन और उनके साथ पहुंचे लोगों ने इमारत में बच्ची की तलाश शुरू की। तीसरी मंजिल पर कमरे में खून के निशान मिलने के बाद अनहोनी की आशंका बढ़ गई। करीब एक घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव मिला।
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फॉरेंसिक टीम की जांच में निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर बने एक कमरे में कई जगह खून के निशान मिले हैं। कमरे के फर्श पर बिखरी रेत में मिले खून के धब्बे वारदात की भयावहता बयां कर रहे थे। मौके से बच्ची की खून से सनी स्कर्ट, चप्पल, चिप्स का खाली पैकेट और कोल्ड ड्रिंक की बोतल बरामद हुई है।
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पुलिस सूत्रों के मुताबिक, घटनास्थल से करीब 40 मीटर दूर शराब का पव्वा और बीड़ी के जले हुए टुकड़े भी मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि बच्ची के साथ वारदात के वक्त आरोपी निगरानी भी कर रहे थे।
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राज खुलने के डर से की हत्या
बच्ची की मां ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपी उनकी झुग्गी से करीब 60-70 मीटर दूर रहते हैं और उनके साथ ही मजदूरी करते हैं। बच्ची दोनों आरोपियों को अच्छी तरह पहचानती थी। मां का आरोप है कि अपनी करतूत सामने आने के डर से आरोपियों ने बेटी की हत्या कर दी। शव को जिस स्थान से फेंका गया, वहां भी खून के निशान मिले हैं। बच्ची का शव लिफ्ट एरिया में फैली बिजली की वायरिंग तोड़ता हुआ बेसमेंट में जाकर गिरा।
मोबाइल फोन चलाता रहा सुरक्षाकर्मी
निर्माणाधीन परियोजना में सुरक्षा के लिए 20 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। इनमें दिन में 15 और रात में पांच सुरक्षाकर्मी ड्यूटी पर रहते हैं। मुख्य गेट पर दो सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। परिजनों के अनुसार, थाने से लौटने के बाद उन्होंने बच्ची की तलाश शुरू की तो एक सुरक्षाकर्मी ने बताया कि उसने बच्ची के रोने और ''''''''मम्मी-मम्मी'''''''' पुकारने की आवाज सुनी थी। हालांकि, उसे यह अंदाजा नहीं था कि आवाज बिल्डिंग के अंदर से आ रही है। उस समय सुरक्षाकर्मी मोबाइल फोन चलाने में व्यस्त था। इसके बाद परिजन और उनके साथ पहुंचे लोगों ने इमारत में बच्ची की तलाश शुरू की। तीसरी मंजिल पर कमरे में खून के निशान मिलने के बाद अनहोनी की आशंका बढ़ गई। करीब एक घंटे की तलाश के बाद बच्ची का शव मिला।