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Ghaziabad News: जीएसटी टीम ने स्लॉटर हाउस में मारा छापा, हिसाब में मिला 32 लाख का अंतर
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गाजियाबाद। डासना स्थित इंटरनेशनल एग्रो फूड्स फर्म और उसकी गुलावठी व दादरी स्थित शाखाओं पर शनिवार को जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा ने एक साथ छापा मारा। जांच में व्यापारी के लेखा पुस्तकों और स्टॉक में लगभग 32 लाख रुपये का अंतर पाया गया है। इसके साथ ही गुलावठी और दादरी में शाखाएं बंद पाई गईं।
राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड वन रामकेश्वर ने बताया कि फर्म के मुख्य व्यापार स्थल के अतिरिक्त दादरी एवं गुलावठी क्षेत्र में घोषित अतिरिक्त व्यापार स्थलों पर एक साथ छापा मारा गया। केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत यह फर्म स्लॉटर हाउस संचालित करती है। इसमें बफैलो मीट और उसके बाई प्रोडक्ट्स टॉयलो, पोल्ट्री फीड, एमबीएम तैयार किए जाते हैं। फर्म के अतिरिक्त व्यापार स्थलों की जांच पर पाया गया कि यहां कोई व्यापारिक गतिविधि संचालित नहीं की जा रही है, केवल डासना में फैक्टरी संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि एसआईबी टीम ने फर्म के लेखा पुस्तकों की गहनता से जांच की गई और फैक्टरी परिसर में निर्मित बफैलो मीट और बाय प्रोडक्ट्स टॉयलो, पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट, एमबीएम, चमड़ा आदि के स्टॉक की गहनता से जांच की गई।
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टीम ने पूछे सवाल, नहीं मिला संतोषजनक जवाब
अपर आयुक्त ग्रेड वन ने बताया कि जांच टीम ने फैक्टरी संचालक से कैंसिल फर्म से इनपुट टैक्स की प्राप्ति के संबंध में प्रश्न पूछे। 2022-23 से 2026 -27 तक की अवधि में 221 ई वे बिल क्यों निरस्त किए गए हैं, जिससे लगभग 82 करोड़ का माल अच्छादित पाया गया है। व्यापारी की ओर से इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। फर्म की ओर से कार्यालय में आकर इसका जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही फर्म की ओर से अधिकांश बफैलो मीट के निर्यात एवं बाई प्रोडक्ट्स की कर देयता और जमा कर के संबंध में भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। इस संबंध में व्यापारी को अभिलेख के साथ कार्यालय तलब किया गया है। बता दें कि इस फर्म की जांच कुछ माह पहले इनकम टैक्स विभाग और ईडी ने भी की थी। राज्यकर विभाग की टीम का कहना है कि इन विभागों से समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच सुबह 11.00 बजे से शुरू होकर शनिवार की देर रात दो बजे तक चली। जांच टीम में राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी, विनोद कुमार दुबे, रियाजुद्दीन अंसारी, ब्रिज कृष्णा और राजकुमार सहित पुलिस बल उपस्थित रहे।
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राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड वन रामकेश्वर ने बताया कि फर्म के मुख्य व्यापार स्थल के अतिरिक्त दादरी एवं गुलावठी क्षेत्र में घोषित अतिरिक्त व्यापार स्थलों पर एक साथ छापा मारा गया। केंद्रीय क्षेत्राधिकार के अंतर्गत पंजीकृत यह फर्म स्लॉटर हाउस संचालित करती है। इसमें बफैलो मीट और उसके बाई प्रोडक्ट्स टॉयलो, पोल्ट्री फीड, एमबीएम तैयार किए जाते हैं। फर्म के अतिरिक्त व्यापार स्थलों की जांच पर पाया गया कि यहां कोई व्यापारिक गतिविधि संचालित नहीं की जा रही है, केवल डासना में फैक्टरी संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि एसआईबी टीम ने फर्म के लेखा पुस्तकों की गहनता से जांच की गई और फैक्टरी परिसर में निर्मित बफैलो मीट और बाय प्रोडक्ट्स टॉयलो, पोल्ट्री फीड सप्लीमेंट, एमबीएम, चमड़ा आदि के स्टॉक की गहनता से जांच की गई।
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टीम ने पूछे सवाल, नहीं मिला संतोषजनक जवाब
अपर आयुक्त ग्रेड वन ने बताया कि जांच टीम ने फैक्टरी संचालक से कैंसिल फर्म से इनपुट टैक्स की प्राप्ति के संबंध में प्रश्न पूछे। 2022-23 से 2026 -27 तक की अवधि में 221 ई वे बिल क्यों निरस्त किए गए हैं, जिससे लगभग 82 करोड़ का माल अच्छादित पाया गया है। व्यापारी की ओर से इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। फर्म की ओर से कार्यालय में आकर इसका जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा गया। इसके साथ ही फर्म की ओर से अधिकांश बफैलो मीट के निर्यात एवं बाई प्रोडक्ट्स की कर देयता और जमा कर के संबंध में भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका। इस संबंध में व्यापारी को अभिलेख के साथ कार्यालय तलब किया गया है। बता दें कि इस फर्म की जांच कुछ माह पहले इनकम टैक्स विभाग और ईडी ने भी की थी। राज्यकर विभाग की टीम का कहना है कि इन विभागों से समन्वय स्थापित कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच सुबह 11.00 बजे से शुरू होकर शनिवार की देर रात दो बजे तक चली। जांच टीम में राज्य कर अधिकारी सतीश कुमार तिवारी, विनोद कुमार दुबे, रियाजुद्दीन अंसारी, ब्रिज कृष्णा और राजकुमार सहित पुलिस बल उपस्थित रहे।
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