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कार में चलता था 'बेटा या बेटी' बताने का गोरखधंधा: गर्भपात का भी इंतजाम, चीन की मशीन से खोल रहे थे गर्भ का राज

Mon, 06 Jul 2026 08:26 AM IST
Vijay Singh Pundir अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद Published by: Vijay Singh Pundir Updated Mon, 06 Jul 2026 08:26 AM IST
सार

आरोपियों से बरामद मशीन नेपाल के रास्ते मंगाई गई थी। अस्पतालों में उपयोग होने वाली पोर्टेबल मशीनों को कीमत सामान्य तौर पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक होती है, जबकि आरोपियों तक पहुंची मशीन दो से तीन लाख रुपये में उपलब्ध होने की बात सामने आई है।

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Four accused arrested in case involving fetal examination using a portable machine in a car
कार में पोर्टेबल मशीन से करते थे भ्रूण की लिंग जांच, 4 गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद जिले में भ्रूण की लिंग जांच करने व गर्भपात कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। प्रकरण में स्वास्थ्य विभाग व पुलिस की संयुक्त टीम ने एक अस्पताल संचालक समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कार में पोर्टेबल मशीन से महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण की लिंग जांच करते थे।

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आरोपियों को शनिवार देर रात महामाया स्टेडियम के पास उस समय पकड़ा गया, जब वे जांच के लिए एक महिला के आने का इंतजार कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से चीन निर्मित पोर्टेबल जांच मशीन, कार, 20 हजार रुपये नकद और जांच से जुड़े अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

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एसीपी कोतवाली उपासना पांडेय ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बागपत के चांदीनगर थाना क्षेत्र के गठी कलंजरी निवासी संदीप, बुलंदशहर के खानपुर निवासी तस्लीम, गढ़मुक्तेश्वर निवासी सलमान और गाजियाबाद के सिहानी निवासी साहिद शामिल हैं।

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एसीपी के अनुसार, संदीप लोनी के बंथला फ्लाईओवर के पास स्थित साईं अस्पताल का संचालक है और पहले भी भ्रूण जांच के मामलों में नाम सामने आ चुका है। जनवरी 2025 में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के दौरान उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बावजूद उसके इस नेटवर्क से जुड़े रहने की बात सामने आई है। पुलिस अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।

20 हजार में लिंग जांच और 60 हजार रुपये में गर्भपात का पैकेज
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी तस्लीम ने बताया कि केवल भ्रूण की लिंग जांच के लिए 15 से 20 हजार रुपये तक लिए जाते थे, जबकि जांच और गर्भपात दोनों शामिल होने पर पैकेज 50 से 60 हजार रुपये तक पहुंच जाता था। आरोपियों के साथी निजी व सरकारी अस्पतालों के बाहर सक्रिय रहते थे और गर्भवतियों व उनके परिजनों से संपर्क करते थे। लिंग जांच के लिए उनको हर मामले में 2,500 से 3,000 रुपये और जांच व गर्भपात दोनों कराने पर 10 हजार रुपये तक कमीशन दिया जाता था। आरोपियों ने बताया कि उनके पास हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों से महिलाएं आती थीं।

जांच या गर्भपात कराने वाली महिलाओं की तलाश
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में आरोपियों ने गर्भ में बेटी होने की जानकारी देने के बाद गर्भपात की व्यवस्था भी की। कुछ महिलाओं का गर्भपात बंथला स्थित साईं अस्पताल में कराए जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस अब इन महिलाओं के बारे में जानकारी जुटा रही है। यह जांच भी की जा रही है कि इस नेटवर्क से देश के अन्य राज्यों के लोग जुड़े हैं या नहीं।

नेपाल के रास्ते पहुंची चीन निर्मित मशीन
पीसीपीएनडीटी (प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटल डायग्नोस्टिक टेक्निक्स) के नोडल अधिकारी व उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनुराग संजोग ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि बरामद पोर्टेबल मशीन नेपाल के रास्ते मंगाई गई थी। इस संबंध में पुलिस को भी जानकारी दी गई है। जानकारी के अनुसार अस्पतालों में उपयोग होने वाली पोर्टेबल मशीनों की कीमत सामान्य तौर पर पांच लाख से 25 लाख रुपये तक होती है, जबकि आरोपियों तक पहुंची चीन निर्मित मशीन दो से तीन लाख रुपये में उपलब्ध होने की बात सामने आई है। पुलिस अब मशीन सप्लाई करने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है।

आशा कार्यकर्ताओं से संपर्क की भी जांच
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपियों के संपर्क आशा कार्यकर्ताओं से तो नहीं थे। शुरुआती जांच में संकेत मिले हैं कि गर्भवतियों की जानकारी जुटाने के लिए सरकारी और निजी स्तर पर मौजूद नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा था। पीसीपीएनडीटी नोडल अधिकारी ने बताया कि यदि जांच में किसी आशा कार्यकर्ता या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

छह साल से सक्रिय था गिरोह, अब तक 200 से अधिक जांच
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह करीब छह वर्षों से सक्रिय था। संदीप पर ही वर्ष 2021 और वर्ष 2025 में दो केस दर्ज हो चुके हैं। आरोपियों ने तीन महीने में ही सात जांच करवाने की बात कबूली है। पुलिस को अंदेशा है कि गिरोह अब तक 200 से अधिक भ्रूण लिंग जांच कर चुका है।

एक वर्ष में 36 केंद्रों पर कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार, पिछले एक वर्ष में 36 अल्ट्रासाउंड केंद्रों के खिलाफ सक्षम न्यायालय में वाद दायर किए गए हैं, जबकि नियमों के उल्लंघन पर नौ केंद्रों का पंजीकरण निलंबित किया गया है। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पिछले पांच वर्षों में लोनी क्षेत्र में सबसे अधिक कार्रवाई करते हुए 36 प्राथमिकी दर्ज कराई हैं।

तीन वर्षों में प्रमुख कार्रवाई
  • 13 मई 2023 को नंदग्राम में तीन लोग पकड़े।
  • 14 मई 2023 को लोनी में दो लोग पकड़े।
  • 16 मई 2023 को गनौली गांव में छापा मारा गया।
  • दिसंबर 2024 और जनवरी 2025 में लोनी में तीन पकड़े।
  • मई 2025 में लालकुआं में महिला समेत दो पकड़े।
  • 10 मार्च 2026 को विजयनगर क्षेत्र में दो आरोपी पकड़े।
  • 2 जून 2026 को लोनी में टेक्नीशियन जांच करते गिरफ्तार।
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