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Ghaziabad News: गर्मी से बढ़ रहा चिड़चिड़ापन, थकान और गुस्सा
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जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीज। संवाद
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गाजियाबाद। भीषण गर्मी का असर अब लोगों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर भी साफ दिखाई देने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी के कारण लोगों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, थकान और आलस्य की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। जिला एमएमजी अस्पताल में रोजाना 100 से 150 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जो गर्मी से जुड़ी मानसिक और शारीरिक परेशानियों से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि तेज गर्मी शरीर के साथ-साथ दिमाग पर भी असर डालती है, जिससे व्यक्ति का व्यवहार बदलने लगता है।
एमएमजी अस्पताल के मन प्रकोष्ठ के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. साकेत नाथ तिवारी ने बताया कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। शरीर का तापमान बढ़ने से दिमाग को संतुलन बनाए रखने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे व्यक्ति जल्दी थकान महसूस करता है और उसका धैर्य कम हो जाता है। इस कारण चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लगता है। उन्होंने कहा कि गर्मी में नींद पूरी न होने, डिहाइड्रेशन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण मानसिक स्थिति और अधिक प्रभावित होती है।
आईएमए के प्रदेश सचिव व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि गर्मी के दौरान शरीर की सहनशीलता कम हो जाती है, जिससे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना सामान्य हो जाता है। उन्होंने बताया कि लू के दौरान शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, जिससे ऊर्जा की खपत बढ़ जाती है और व्यक्ति जल्दी थक जाता है। यही कारण है कि लोगों में आलस्य और काम करने की क्षमता में कमी देखने को मिलती है।
तापमान बढ़ने से परेशानी
शरीर का तापमान बढ़ने से मस्तिष्क पर दबाव बढ़ता है
डिहाइड्रेशन से चक्कर, थकान और चिड़चिड़ापन होता है
नींद की कमी से मानसिक संतुलन प्रभावित होता है
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से कमजोरी और गुस्सा बढ़ता है
अधिक पसीना आने से ऊर्जा स्तर कम हो जाता है
इस तरह से बचाव की सलाह
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
धूप में निकलने से बचें और सिर को ढककर रखें
हल्का और सुपाच्य भोजन करें
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें
कैफीन और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें
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एमएमजी अस्पताल के मन प्रकोष्ठ के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. साकेत नाथ तिवारी ने बताया कि अत्यधिक गर्मी का सीधा असर मस्तिष्क की कार्यप्रणाली पर पड़ता है। शरीर का तापमान बढ़ने से दिमाग को संतुलन बनाए रखने में अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जिससे व्यक्ति जल्दी थकान महसूस करता है और उसका धैर्य कम हो जाता है। इस कारण चिड़चिड़ापन और गुस्सा बढ़ने लगता है। उन्होंने कहा कि गर्मी में नींद पूरी न होने, डिहाइड्रेशन और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन के कारण मानसिक स्थिति और अधिक प्रभावित होती है।
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आईएमए के प्रदेश सचिव व वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. वीबी जिंदल का कहना है कि गर्मी के दौरान शरीर की सहनशीलता कम हो जाती है, जिससे छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आना सामान्य हो जाता है। उन्होंने बताया कि लू के दौरान शरीर लगातार खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, जिससे ऊर्जा की खपत बढ़ जाती है और व्यक्ति जल्दी थक जाता है। यही कारण है कि लोगों में आलस्य और काम करने की क्षमता में कमी देखने को मिलती है।
तापमान बढ़ने से परेशानी
शरीर का तापमान बढ़ने से मस्तिष्क पर दबाव बढ़ता है
डिहाइड्रेशन से चक्कर, थकान और चिड़चिड़ापन होता है
नींद की कमी से मानसिक संतुलन प्रभावित होता है
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन से कमजोरी और गुस्सा बढ़ता है
अधिक पसीना आने से ऊर्जा स्तर कम हो जाता है
इस तरह से बचाव की सलाह
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें
धूप में निकलने से बचें और सिर को ढककर रखें
हल्का और सुपाच्य भोजन करें
पर्याप्त नींद लें और शरीर को आराम दें
कैफीन और ज्यादा मसालेदार भोजन से बचें

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