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Ghaziabad News: कस्तूरबा गांधी की बालिकाओं को मिलेगा रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण
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हापुड़। बालिकाओं को आत्मविश्वासी बनाने के साथ उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए जिले के चार कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान शुरू होगा। समग्र शिक्षा के तहत यह प्रशिक्षण 48 कार्यदिवस तक चलेगा। इस संबंध में शनिवार को चितौली स्थित बीएसए कार्यालय में बैठक भी संपन्न हुई।
सेल्फ डिफेंस क्लब के माध्यम से कस्तूरबा गांधी की 540 बालिकाओं को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें महिला सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन और जेंडर सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा का हुनर भी बालिकाओं को सिखाया जाएगा। लैंगिक समानता और शारीरिक सुरक्षा के बारे में भी बताया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा पूजा सैनी ने विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाओं की बैठक ली।
छात्राओं को संवेदनशील अंगों की पहचान, वार्मअप और मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया जाएगा। बचाव के व्यावहारिक तरीके और आत्मरक्षा किट तैयार करने की जानकारी देने के साथ ही जेंडर सशक्तिकरण और विपरीत परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाएं प्रशिक्षण का संचालन करेंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा। क्लब में 10 प्रशिक्षित छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वह नियमित रूप से अन्य छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराएगी।
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बीएसए दीपा भाटी ने बताया कि अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए वीरांगना पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रशिक्षण की उपस्थिति, गतिविधियों के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस अभियान के जरिये छात्राओं को केवल आत्मरक्षा ही नहीं, बल्कि उनमें साहस, आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने का गुण भी विकसित किया जाएगा। राज्य परियोजना समग्र शिक्षा निदेशालय ने फरवरी 2027 तक इस अभियान को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
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सेल्फ डिफेंस क्लब के माध्यम से कस्तूरबा गांधी की 540 बालिकाओं को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें महिला सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन और जेंडर सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा का हुनर भी बालिकाओं को सिखाया जाएगा। लैंगिक समानता और शारीरिक सुरक्षा के बारे में भी बताया जाएगा। बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देशन में जिला समन्वयक बालिका शिक्षा पूजा सैनी ने विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाओं की बैठक ली।
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छात्राओं को संवेदनशील अंगों की पहचान, वार्मअप और मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया जाएगा। बचाव के व्यावहारिक तरीके और आत्मरक्षा किट तैयार करने की जानकारी देने के साथ ही जेंडर सशक्तिकरण और विपरीत परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाएं प्रशिक्षण का संचालन करेंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा। क्लब में 10 प्रशिक्षित छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वह नियमित रूप से अन्य छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराएगी।
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बीएसए दीपा भाटी ने बताया कि अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए वीरांगना पोर्टल का उपयोग किया जाएगा। प्रशिक्षण की उपस्थिति, गतिविधियों के फोटो और वीडियो पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस अभियान के जरिये छात्राओं को केवल आत्मरक्षा ही नहीं, बल्कि उनमें साहस, आत्मविश्वास, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और कठिन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने का गुण भी विकसित किया जाएगा। राज्य परियोजना समग्र शिक्षा निदेशालय ने फरवरी 2027 तक इस अभियान को पूरा करने के निर्देश दिए हैं।