{"_id":"69c04f9965bb8ac3d30259b5","slug":"meeras-links-with-samsu-khan-who-is-on-the-ats-list-ghaziabad-news-c-198-1-gbd1023-16937-2026-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ghaziabad News: एटीएस की लिस्ट में शामिल समसू खान से जुड़े मीरा के तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Ghaziabad News: एटीएस की लिस्ट में शामिल समसू खान से जुड़े मीरा के तार
विज्ञापन
विज्ञापन
कौशांबी। देश की जासूसी के आरोप में गिरफ्तार मथुरा निवासी मीरा ठाकुर के तार देश के बड़े अवैध हथियार तस्करों से जुड़ते नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि उसका सीधा संबंध एटीएस की सूची में शामिल कुख्यात तस्कर समसू खान उर्फ रेहान से था। इस खुलासे के बाद एटीएस व अन्य एजेंसियों की जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है।
रविवार को पुलिस ने मीरा ठाकुर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह देश में अवैध हथियारों और नकली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, वह एक ऑनलाइन ग्रुप के जरिये हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रही थी। इसमें जासूसी गिरोह के मुख्य आरोपी सुहेल समेत कई लोग जुड़े थे।
इससे पहले 24 जुलाई 2025 को दिल्ली की स्पेशल सेल ने मीरा को गिरफ्तार किया था। तब मथुरा स्थित उसके घर से .32 बोर के कारतूस बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि मीरा पति से अलग होने के बाद समसू खान के संपर्क में आई और उसके निर्देश पर मध्य प्रदेश से हथियारों की तस्करी शुरू कर दी। इसके बाद उसने मुंबई, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक नेटवर्क फैला लिया।
सूत्रों के अनुसार समसू खान, जो एटीएस के निशाने पर था, गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली में छिप गया था। वहीं से सोशल मीडिया के जरिये गिरोह संचालित कर रहा था। हालांकि, मीरा की निशानदेही पर 25 जुलाई 2025 को उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में मीरा करीब दो महीने तक तिहाड़ जेल में रही। जमानत पर बाहर आने के बाद वह सुहेल, नौशाद, इरम और दुर्गेश के संपर्क में आकर नए गिरोह से जुड़ गई। डीसीपी सिटी धवल जयसवाल ने बताया कि मीरा के पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है।
Trending Videos
रविवार को पुलिस ने मीरा ठाकुर को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि वह देश में अवैध हथियारों और नकली नोटों की तस्करी करने वाले गिरोह से जुड़ी थी। सूत्रों के मुताबिक, वह एक ऑनलाइन ग्रुप के जरिये हथियारों की सप्लाई का नेटवर्क संचालित कर रही थी। इसमें जासूसी गिरोह के मुख्य आरोपी सुहेल समेत कई लोग जुड़े थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इससे पहले 24 जुलाई 2025 को दिल्ली की स्पेशल सेल ने मीरा को गिरफ्तार किया था। तब मथुरा स्थित उसके घर से .32 बोर के कारतूस बरामद हुए थे। जांच में खुलासा हुआ था कि मीरा पति से अलग होने के बाद समसू खान के संपर्क में आई और उसके निर्देश पर मध्य प्रदेश से हथियारों की तस्करी शुरू कर दी। इसके बाद उसने मुंबई, दिल्ली, हरियाणा और पंजाब तक नेटवर्क फैला लिया।
सूत्रों के अनुसार समसू खान, जो एटीएस के निशाने पर था, गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के हुगली में छिप गया था। वहीं से सोशल मीडिया के जरिये गिरोह संचालित कर रहा था। हालांकि, मीरा की निशानदेही पर 25 जुलाई 2025 को उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले में मीरा करीब दो महीने तक तिहाड़ जेल में रही। जमानत पर बाहर आने के बाद वह सुहेल, नौशाद, इरम और दुर्गेश के संपर्क में आकर नए गिरोह से जुड़ गई। डीसीपी सिटी धवल जयसवाल ने बताया कि मीरा के पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की बात सामने आई है।