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मुन्ना बजरंगी हत्याकांड: गवाह के नहीं पहुंचने से टली सुनवाई
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बागपत जेल में 2018 में हुई हत्या के मामले में आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी
माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। बागपत जिला जेल में वर्ष 2018 में हुई कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में गवाह के अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई टल गई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की है। इस दौरान मामले में आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए।
सीबीआई की जांच के मुताबिक मुन्ना बजरंगी की हत्या जेल के भीतर पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए जेल परिसर के अंदर एक ही बोर की चार पिस्तौलें पहुंचाई गई थीं। इनमें से तीन पिस्तौलों से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, जबकि चौथी पिस्तौल को घटना के बाद जेल परिसर में मौजूद सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था।
जांच के अनुसार, नौ जुलाई 2018 को मुन्ना बजरंगी को एक मामले में पेशी के लिए झांसी जेल से बागपत जिला जेल लाया गया था। जेल पहुंचने के कुछ समय बाद ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में गैंगस्टर सुनील राठी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा परविंद्र राठी, बब्लू तोमर, ओमवीर राठी और अरविंद राठी भी आरोपी हैं।
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मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में हत्याकांड की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अब मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को गवाह के पेश नहीं होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत अब 13 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगी।
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माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। बागपत जिला जेल में वर्ष 2018 में हुई कुख्यात गैंगस्टर मुन्ना बजरंगी की हत्या के मामले में सोमवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में गवाह के अदालत में हाजिर नहीं होने के कारण सुनवाई टल गई। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 13 अगस्त की तारीख तय की है। इस दौरान मामले में आरोपी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के समक्ष पेश हुए।
सीबीआई की जांच के मुताबिक मुन्ना बजरंगी की हत्या जेल के भीतर पूर्व नियोजित साजिश के तहत की गई थी। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए जेल परिसर के अंदर एक ही बोर की चार पिस्तौलें पहुंचाई गई थीं। इनमें से तीन पिस्तौलों से हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया, जबकि चौथी पिस्तौल को घटना के बाद जेल परिसर में मौजूद सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था।
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जांच के अनुसार, नौ जुलाई 2018 को मुन्ना बजरंगी को एक मामले में पेशी के लिए झांसी जेल से बागपत जिला जेल लाया गया था। जेल पहुंचने के कुछ समय बाद ही गोली मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। मामले में गैंगस्टर सुनील राठी को मुख्य आरोपी बनाया गया है। इसके अलावा परविंद्र राठी, बब्लू तोमर, ओमवीर राठी और अरविंद राठी भी आरोपी हैं।
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मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फरवरी 2020 में हत्याकांड की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। जांच पूरी करने के बाद सीबीआई ने अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया। अब मुकदमे की सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को गवाह के पेश नहीं होने के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अदालत अब 13 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगी।