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Ghaziabad News: नालों में बह गए एक करोड़...गंदा पानी सड़क पर
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बरसात मे यह हो जाती है एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में स्तिथि। संवाद
- फोटो : शहर की ईदगाह में शनिवार को नमाज अदा करते लोग।
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गाजियाबाद। साउथ साइड जीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र में यूपीसीडा की ओर से एक करोड़ रुपये से अधिक धन खर्च करके बनाए गए नाले अपनी उपयोगिता साबित नहीं कर पा रहे हैं। गंदा पानी नालों के बजाय सड़क पर बह रहा है। इससे स्थानीय लोगों और उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आईपेम कॉलेज रोड के दोनों ओर बने नाले गंदगी से पटे हैं। मानसून से पहले तैयार किए गए इन नालों की अब तक सफाई नहीं हुई है। ऐसे में हल्की बारिश में ही नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे गंदा पानी सड़कों से होते हुए फैक्टरियों व कॉलेज परिसर में घुस जाता है।
जानकारी के अनुसार, इन नालों को अब तक वृहद नाले से नहीं जोड़ा गया है। इस कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है। उद्यमियों का आरोप है कि नालों का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। कई स्थानों पर नालों की सतह ऊंची-नीची है। इससे पानी आगे बढ़ने के बजाय वापस लौट आता है।
इस मामले में यूपीसीडा के सहायक अभियंता सोनू कुमार का कहना है कि शिकायत की जानकारी अभी संज्ञान में नहीं आई है। जल्द ही मौके पर जाकर सर्वे कराया जाएगा और समस्या का समाधान किया जाएगा।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई : इस समस्या को लेकर उद्यमियों ने कई बार उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता देव त्यागी ने बताया कि नालों का पानी सड़क पर आने से आवागमन प्रभावित होता है। खासकर कॉलेज के स्टाफ और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कॉलेज में अवकाश तक घोषित करना पड़ता है।
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आईपेम कॉलेज रोड के दोनों ओर बने नाले गंदगी से पटे हैं। मानसून से पहले तैयार किए गए इन नालों की अब तक सफाई नहीं हुई है। ऐसे में हल्की बारिश में ही नाले ओवरफ्लो हो जाते हैं। इससे गंदा पानी सड़कों से होते हुए फैक्टरियों व कॉलेज परिसर में घुस जाता है।
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जानकारी के अनुसार, इन नालों को अब तक वृहद नाले से नहीं जोड़ा गया है। इस कारण पानी का बहाव बाधित हो रहा है। उद्यमियों का आरोप है कि नालों का निर्माण मानकों के अनुरूप नहीं किया गया। कई स्थानों पर नालों की सतह ऊंची-नीची है। इससे पानी आगे बढ़ने के बजाय वापस लौट आता है।
इस मामले में यूपीसीडा के सहायक अभियंता सोनू कुमार का कहना है कि शिकायत की जानकारी अभी संज्ञान में नहीं आई है। जल्द ही मौके पर जाकर सर्वे कराया जाएगा और समस्या का समाधान किया जाएगा।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई : इस समस्या को लेकर उद्यमियों ने कई बार उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा), मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शिकायतकर्ता देव त्यागी ने बताया कि नालों का पानी सड़क पर आने से आवागमन प्रभावित होता है। खासकर कॉलेज के स्टाफ और छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ती है। कई बार हालात इतने खराब हो जाते हैं कि कॉलेज में अवकाश तक घोषित करना पड़ता है।