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Ghaziabad News: नोएडा समेत अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ भरोसे के रिश्तों में छिपे दरिंदे
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गाजियाबाद। जिन चेहरों पर भरोसा कर परिवार अपने बच्चों को सुरक्षित समझते हैं, वही चेहरे कई बार मासूमों के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर सामने आ रहे हैं। गाजियाबाद में बीते कुछ महीनों में बच्चों के साथ हुई बर्बर घटनाओं ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज में घटते भरोसे की भयावह तस्वीर भी दिखाई है।
लूट, हत्या और अन्य अपराधों के बीच मासूमों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में आरोपी अक्सर उनके आसपास रहने वाले परिचित, रिश्तेदार या पड़ोसी निकल रहे हैं। ये आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं और फिर जघन्य वारदात को अंजाम देते हैं।
नंदग्राम थाना क्षेत्र में चार माह के भीतर मासूम को अगवा कर हत्या करने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले भी जिले में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें आरोपी पीड़ित परिवार के विश्वास के दायरे में रहने वाले लोग ही थे।
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मनोचिकित्सकों के अनुसार बच्चों के प्रति इस तरह की विकृत यौन प्रवृत्ति एक गंभीर मानसिक विकार से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता भी बेहद जरूरी है। संवाद
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केस-एक
16 मार्च 2026, नंदग्राम थाना क्षेत्र
घर के बाहर खेल रही बच्ची को पड़ोसी युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सुनसान स्थान पर उसके साथ दरिंदगी की गई। चीखने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब बच्ची के पास पहुंचे तो वह जिंदा थी, लेकिन दो अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने गलत रिपोर्ट भेजी। इंसाफ के लिए पीड़ित ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
केस-दो
15 जनवरी 2025, लिंक रोड थाना क्षेत्र
लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची घर से लापता हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में वह अपने चाचा के साथ जाती दिखाई दी। 18 जनवरी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी चाचा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी भतीजी के साथ दुष्कर्म किया और हत्या के बाद शव बोरे में भरकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले में फेंक दिया था।
केस-तीन
11 अप्रैल 2026, टीला मोड़ थाना क्षेत्र
चार वर्षीय बच्ची को उसका मामा आइसक्रीम खिलाने के बहाने घर से ले गया था। आरोप है कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में 80 फुटा रोड पर खड़ी कार के नीचे फेंक दिया। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 19 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में आरोपी मारा गया।
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बच्चों के प्रति विकृत सोच गंभीर मानसिक विकार का संकेत
मनोचिकित्सक डॉ. साकेत नाथ तिवारी के अनुसार बच्चों के साथ यौन शोषण करने वाले व्यक्ति की मानसिकता को चिकित्सा विज्ञान में गंभीर विकार माना जाता है। इसे मुख्य रूप से पेडोफिलिक डिसऑर्डर कहा जाता है। इसमें व्यक्ति के भीतर यौवन से पहले के बच्चों के प्रति अनुचित यौन इच्छा और रुझान विकसित हो सकते हैं। मनोचिकित्सा के माध्यम से इसका उपचार संभव है।
-डॉ. साकेत नाथ तिवारी, मनोचिकित्सक, एमएमजी अस्पताल
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लूट, हत्या और अन्य अपराधों के बीच मासूमों को निशाना बनाने वाली घटनाओं में आरोपी अक्सर उनके आसपास रहने वाले परिचित, रिश्तेदार या पड़ोसी निकल रहे हैं। ये आरोपी बच्चों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं और फिर जघन्य वारदात को अंजाम देते हैं।
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नंदग्राम थाना क्षेत्र में चार माह के भीतर मासूम को अगवा कर हत्या करने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले भी जिले में ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें आरोपी पीड़ित परिवार के विश्वास के दायरे में रहने वाले लोग ही थे।
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मनोचिकित्सकों के अनुसार बच्चों के प्रति इस तरह की विकृत यौन प्रवृत्ति एक गंभीर मानसिक विकार से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के साथ सामाजिक जागरूकता और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता भी बेहद जरूरी है। संवाद
केस-एक
16 मार्च 2026, नंदग्राम थाना क्षेत्र
घर के बाहर खेल रही बच्ची को पड़ोसी युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सुनसान स्थान पर उसके साथ दरिंदगी की गई। चीखने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी। पीड़ित पिता का आरोप है कि जब बच्ची के पास पहुंचे तो वह जिंदा थी, लेकिन दो अस्पतालों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। उनका यह भी आरोप है कि पुलिस ने गलत रिपोर्ट भेजी। इंसाफ के लिए पीड़ित ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
केस-दो
15 जनवरी 2025, लिंक रोड थाना क्षेत्र
लिंक रोड थाना क्षेत्र में रहने वाली पांच वर्षीय बच्ची घर से लापता हो गई थी। सीसीटीवी फुटेज में वह अपने चाचा के साथ जाती दिखाई दी। 18 जनवरी को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान आरोपी चाचा को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी भतीजी के साथ दुष्कर्म किया और हत्या के बाद शव बोरे में भरकर औद्योगिक क्षेत्र स्थित नाले में फेंक दिया था।
केस-तीन
11 अप्रैल 2026, टीला मोड़ थाना क्षेत्र
चार वर्षीय बच्ची को उसका मामा आइसक्रीम खिलाने के बहाने घर से ले गया था। आरोप है कि उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र में 80 फुटा रोड पर खड़ी कार के नीचे फेंक दिया। आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। 19 अप्रैल को पुलिस मुठभेड़ में आरोपी मारा गया।
बच्चों के प्रति विकृत सोच गंभीर मानसिक विकार का संकेत
मनोचिकित्सक डॉ. साकेत नाथ तिवारी के अनुसार बच्चों के साथ यौन शोषण करने वाले व्यक्ति की मानसिकता को चिकित्सा विज्ञान में गंभीर विकार माना जाता है। इसे मुख्य रूप से पेडोफिलिक डिसऑर्डर कहा जाता है। इसमें व्यक्ति के भीतर यौवन से पहले के बच्चों के प्रति अनुचित यौन इच्छा और रुझान विकसित हो सकते हैं। मनोचिकित्सा के माध्यम से इसका उपचार संभव है।
-डॉ. साकेत नाथ तिवारी, मनोचिकित्सक, एमएमजी अस्पताल