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Ghaziabad News: कीचड़ और गड्ढों में डूबी सड़क...रोजी-रोटी पर संकट, जाम का झंझट
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इंदिरापुरम। न्यायखंड एक क्षेत्र में सीवर लाइन डालने और नाला निर्माण कार्य के चलते एनएच नौ से जुड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। पिछले छह महीनों से चल रहे निर्माण कार्य को संबंधित विभाग अब तक पूरा नहीं कर पाया है। इस कारण सड़क पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो चुकी है।
इस रास्ते से दिल्ली, साहिबाबाद के हजारों लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। खराब सड़क और जलभराव के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इसका सीधा असर सड़क किनारे बने बाजार पर भी पड़ा है, जहां ग्राहक लगभग नहीं आ रहे हैं। इसके चलते बाजार की अधिकांश दुकानें बंद हो गई हैं।
प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक काम पूरा नहीं होता, विभाग अस्थायी व्यवस्था ही कर दे। कम से कम कुछ राहत तो मिलेगी। हालांकि, विभाग काम पूरा होने के बाद ही सड़क बनवाने की बात कह रहा है।
स्थानीय लोगों का दर्द
सीमा पांडे ने बताया कि सड़क किनारे फल-सब्जी, रजाई-गद्दा, मेडिकल स्टोर, किराना स्टोर, ब्यूटी पार्लर और स्टेशनरी की दुकानें खुली हुई थीं। पास में कॉलोनी और पांच से छह हाईराइज सोसायटी होने के कारण अच्छा व्यापार हो रहा था। अब सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव की वजह से लोग इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
नाटी सिंह और शीला ने बताया कि उन्होंने बाजार में फल-सब्जी की दुकान खोली थी। छह महीने से नाला निर्माण और सीवर लाइन के कारण दुकानों के सामने गंदगी, मिट्टी के ढेर और सीवर का पानी जमा हो गया है। इससे दुकान पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है। इसलिए मजबूरी में दुकान बंद करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
व्यापारियों की मजबूरी
न्यायखंड एक में मेडिकल स्टोर चलाने वाले सुनील ने बताया कि हालात से मजबूर होकर उन्होंने अपनी दुकान का मुख्य गेट बंद कर दिया और पीछे या साइड से वैकल्पिक रास्ता खोला, ताकि थोड़ी बहुत ग्राहक आवाजाही बनी रहे। हालांकि, यह स्थायी समाधान नहीं है और व्यापार पर असर पड़ रहा है।
रजाई-गद्दे की दुकान चलाने वाले शाहिद कहते हैं कि पास में कॉलोनी और सोसायटी होने के बावजूद नाला निर्माण के लिए चारों तरफ गड्ढे खोद दिए गए हैं। नाला अधूरा है और रास्ता ठीक नहीं किया गया। रात में हादसे का डर रहता है। दुकान बंद हो गई है, लेकिन किराया हर महीने 8,000 रुपये देना पड़ता है।
सड़क पर रोजाना लगता है घंटों जाम
स्थानीय निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दिल्ली और साहिबाबाद से नोएडा जाने वाले लोग तकरीबन हर रोज लंबे जाम में फंसते हैं। वन-वे होने की वजह से जाम और बढ़ जाता है। सुबह और शाम लोगों को घंटों सड़क पर रुकना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायत भी की गई, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
अवर अभियंता, निर्माण विभाग, नगर निगम संजय गंगवार ने बताया कि सोसायटी के पास सीवर लाइन डाली गई है। जब तक सीवर लाइन पूरी तरह चालू नहीं होती, नाला निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। सीवर लाइन पूरा होने के बाद ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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इस रास्ते से दिल्ली, साहिबाबाद के हजारों लोग रोजाना आवाजाही करते हैं। खराब सड़क और जलभराव के कारण लोगों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इसका सीधा असर सड़क किनारे बने बाजार पर भी पड़ा है, जहां ग्राहक लगभग नहीं आ रहे हैं। इसके चलते बाजार की अधिकांश दुकानें बंद हो गई हैं।
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प्रभावित लोगों का कहना है कि जब तक काम पूरा नहीं होता, विभाग अस्थायी व्यवस्था ही कर दे। कम से कम कुछ राहत तो मिलेगी। हालांकि, विभाग काम पूरा होने के बाद ही सड़क बनवाने की बात कह रहा है।
स्थानीय लोगों का दर्द
सीमा पांडे ने बताया कि सड़क किनारे फल-सब्जी, रजाई-गद्दा, मेडिकल स्टोर, किराना स्टोर, ब्यूटी पार्लर और स्टेशनरी की दुकानें खुली हुई थीं। पास में कॉलोनी और पांच से छह हाईराइज सोसायटी होने के कारण अच्छा व्यापार हो रहा था। अब सड़क पर फैले कीचड़ और जलभराव की वजह से लोग इस रास्ते से गुजरने से बच रहे हैं। बारिश के बाद स्थिति और भी खराब हो जाती है, जिससे दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
नाटी सिंह और शीला ने बताया कि उन्होंने बाजार में फल-सब्जी की दुकान खोली थी। छह महीने से नाला निर्माण और सीवर लाइन के कारण दुकानों के सामने गंदगी, मिट्टी के ढेर और सीवर का पानी जमा हो गया है। इससे दुकान पर लोगों का आना-जाना बंद हो गया है। कोई दूसरा रास्ता भी नहीं है। इसलिए मजबूरी में दुकान बंद करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि कई बार संबंधित विभाग से शिकायत की, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
व्यापारियों की मजबूरी
न्यायखंड एक में मेडिकल स्टोर चलाने वाले सुनील ने बताया कि हालात से मजबूर होकर उन्होंने अपनी दुकान का मुख्य गेट बंद कर दिया और पीछे या साइड से वैकल्पिक रास्ता खोला, ताकि थोड़ी बहुत ग्राहक आवाजाही बनी रहे। हालांकि, यह स्थायी समाधान नहीं है और व्यापार पर असर पड़ रहा है।
रजाई-गद्दे की दुकान चलाने वाले शाहिद कहते हैं कि पास में कॉलोनी और सोसायटी होने के बावजूद नाला निर्माण के लिए चारों तरफ गड्ढे खोद दिए गए हैं। नाला अधूरा है और रास्ता ठीक नहीं किया गया। रात में हादसे का डर रहता है। दुकान बंद हो गई है, लेकिन किराया हर महीने 8,000 रुपये देना पड़ता है।
सड़क पर रोजाना लगता है घंटों जाम
स्थानीय निवासी दीपक शर्मा ने बताया कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दिल्ली और साहिबाबाद से नोएडा जाने वाले लोग तकरीबन हर रोज लंबे जाम में फंसते हैं। वन-वे होने की वजह से जाम और बढ़ जाता है। सुबह और शाम लोगों को घंटों सड़क पर रुकना पड़ता है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों से कई बार लिखित और ऑनलाइन शिकायत भी की गई, लेकिन समस्या का समाधान अभी तक नहीं हुआ है।
अवर अभियंता, निर्माण विभाग, नगर निगम संजय गंगवार ने बताया कि सोसायटी के पास सीवर लाइन डाली गई है। जब तक सीवर लाइन पूरी तरह चालू नहीं होती, नाला निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता। सीवर लाइन पूरा होने के बाद ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।