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Ghaziabad News: यू-ट्यूब वीडियो से सीखी वाहन चोरी, सगरना समेत दो गिरफ्तार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 23 Feb 2026 01:19 AM IST
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Sagarna and two others arrested for learning vehicle theft from YouTube videos
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मोदीनगर। यू-ट्यूब पर कार लॉक खोलने और तकनीकी खराबी दूर करने से जुड़े वीडियो देखकर वाहन चोरी करना सीखने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना समेत दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच और मोदीनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में दोनों आरोपियों को दबोचा गया। उनके कब्जे से चोरी की दो गाड़ियों समेत तीन कार, पांच फर्जी नंबर प्लेट और कार का इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल माड्यूल (ईसीएम) बरामद किया गया है।
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पुलिस के अनुसार, गिरोह दिल्ली-एनसीआर, मेरठ, बुलंदशहर और हापुड़ क्षेत्र से लग्जरी कारें चोरी कर राजस्थान, गुजरात व मध्यप्रदेश में बेचता था। आरोपियों ने पूछताछ में पिछले करीब 10 वर्षों में 250 से अधिक वाहन चोरी करने की बात कुबूली है।
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एसीपी मोदीनगर भास्कर वर्मा ने बताया कि कुछ समय पहले सिहानी गेट और क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों महताब उर्फ बच्चा और शमीम उर्फ पिल्ला को गिरफ्तार किया था। उन्होंने अपने अन्य कई साथियों के नाम बताए थे। उनकी निशानदेही पर रविवार को गिरोह के सरगना दिल्ली के खजूरी निवासी हरेन्द्र उर्फ हन्नी गुर्जर और उसके साथी मेरठ के कंकरखेड़ा निवासी अमित चौधरी को मोदीनगर के आबिदपुर मानकी में गिरफ्तार किया गया। दोनों कार से कहीं जा रहे थे। हरेन्द्र भी मूलरूप से मेरठ का ही रहने वाला है। वह स्थान बदल-बदल कर गिरोह संचालित करता है। उस पर विभिन्न थानों में 27 केस दर्ज हैं।

मेरठ के सोतीगंज से शुरू हुआ नेटवर्क

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सरगना हरेन्द्र ने बताया कि वर्ष 2014 में उसने टप्पेबाजी से आपराधिक गतिविधियां शुरू कीं। पहले वह खड़ी गाड़ियों से मोबाइल और पर्स चोरी करता था। इंदिरापुरम में एक वारदात के बाद उसे गिरफ्तार किया गया था।। जमानत पर बाहर आने के बाद उसने मेरठ के सोतीगंज में 12 हजार रुपये में कार चालक की नौकरी कर ली। इसी दौरान वाहन चोरी के नेटवर्क से जुड़ा और अपना गिरोह खड़ा किया। चोरी के वाहन खपाने के लिए उसने जीतू और मेहराज निवासी मकबरा डिग्गी, मेरठ को गिरोह में शामिल किया। इनको भी पुलिस तलाश रही है। वाहन चोरी के मामलों में हरेन्द्र मेरठ, बुलंदशहर, गाजियाबाद और दिल्ली में जेल जा चुका है।

हाईटेक तरीके से करते थे चोरी

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह विशेष रूप से मारुति सुजुकी और महिंद्रा के नए मॉडल व तकनीक वाली गाड़ियों को निशाना बनाता था। आरोपी टैबलेट और एप की मदद से कार के इंजन कंट्रोल मॉड्यूल (ईसीएम) को एक्सेस करते थे। बताया गया कि वे पहले कार का शीशा तोड़कर अंदर घुसते, फिर टैबलेट को इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जोड़कर एप की मदद से इंजन स्टार्ट कर लेते थे। पुलिस को आशंका है कि इस तकनीकी जानकारी में कुछ वर्कशॉप कर्मचारियों की भी भूमिका हो सकती है। इस पहलू की जांच की जा रही है।

समस्या के समाधान वाले वीडियो से चोरी का ज्ञान

पुलिस पूछताछ में हरेन्द्र ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक कारों के लॉक और सिस्टम से जुड़ी समस्याओं के समाधान वाले यू-ट्यूब वीडियो देखकर उन्होंने कार चोरी का हाईटेक तरीका सीखा। पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की तलाश में जुटी है।
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