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UP: बच्चों को नहीं मिला दूध, बड़ों को रहना पड़ा भूखा; इसलिए आउटर पर खड़ी रहीं राजधानी और लिच्छवी समेत कई ट्रेन
Wed, 22 Jul 2026 02:34 PM IST
Sharukh Khan
निशा ठाकुर, अमर उजाला, गाजियाबाद
निशा ठाकुर, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: Sharukh Khan
Updated Wed, 22 Jul 2026 02:34 PM IST
सार
गाजियाबाद-नई दिल्ली रेलखंड पर मंगलवार को सोनभद्र से हरियाणा स्थित पावर प्लांट तक जा रही कोयले से भरी मालगाड़ी के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए। हादसा सोमवार देर रात करीब 1:55 बजे हुआ। इसकी वजह से उत्तर रेलवे 20 पैसेंजर ट्रेनों को निरस्त कर दिया। कई ट्रेन आंशिक रूप से रद्द की गईं और 41 ट्रेनों का मार्ग परिवर्तित कर दिल्ली-नई दिल्ली रूट से संचालित किया गया। इस दौरान आउटर पर खड़ी ट्रेनों में सवार यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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sahibabad train derail
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
गाजियाबाद के साहिबाबाद में मालगाड़ी के बेपटरी हो जाने से आनंद विहार और दिल्ली की ओर आने वाली ट्रेनों में लोग घंटों बैठे रहे। निर्धारित समय से कई घंटे लेट होने की वजह से काफी परिवार के बच्चों का दूध खत्म हो गया तो चौबीस घंटे से सफर कर रहे स्लीपर से एसी कोच तक में लोगों का खाना खराब हो गया। रुकी हुई ट्रेन में बच्चे जहां भूख से बिलख गए वहीं बड़े भी खूब परेशान हुए। ट्रेनों को आउटर पर रोका गया था, ऐसे में परेशानी और बढ़ गई।
मालगाड़ी के बेपटरी होने से बिहार, ओडिसा, प्रयागराज, गाजीपुर व उत्तराखंड से आने वाली ट्रेन आठ से दस घंटे लेट हो गई। जिन ट्रेनों को सुबह साढ़े चार से आठ बजे के बीच आनंद विहार पहुंचना था, वह ट्रेनें सुबह दस बजे तक साहिबाबाद के आउटर पर खड़ी रहीं। ट्रेन के घंटों लेट होने से छोटे बच्चों का दूध खत्म हो गया।
सीतामढ़ी से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन से उतरे अमित झा ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर से सवार हुए थे। देर रात टुंडला पहुंचने पर ही ट्रेन की गति धीमी हो गई। साथ में परिवार और बच्चे होने से ज्यादा परेशानी हुई। खाने का सामान गर्मी की वजह से खराब हो गया और ट्रेन की कैंटीन में भी दूध नहीं मिला, इसकी वजह से बच्चे भी खूब परेशान हुए।
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मालगाड़ी के बेपटरी होने से बिहार, ओडिसा, प्रयागराज, गाजीपुर व उत्तराखंड से आने वाली ट्रेन आठ से दस घंटे लेट हो गई। जिन ट्रेनों को सुबह साढ़े चार से आठ बजे के बीच आनंद विहार पहुंचना था, वह ट्रेनें सुबह दस बजे तक साहिबाबाद के आउटर पर खड़ी रहीं। ट्रेन के घंटों लेट होने से छोटे बच्चों का दूध खत्म हो गया।
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सीतामढ़ी से आनंद विहार जाने वाली ट्रेन से उतरे अमित झा ने बताया कि वह मुजफ्फरपुर से सवार हुए थे। देर रात टुंडला पहुंचने पर ही ट्रेन की गति धीमी हो गई। साथ में परिवार और बच्चे होने से ज्यादा परेशानी हुई। खाने का सामान गर्मी की वजह से खराब हो गया और ट्रेन की कैंटीन में भी दूध नहीं मिला, इसकी वजह से बच्चे भी खूब परेशान हुए।
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वहीं, ईएमयू ट्रेन में बैठीं ओमवती ने बताया कि दिल्ली में संबंधी के यहां एक आयोजन है, इसके लिए वह परिवार और बच्चों के संग वहां जा रही थी। बच्चे साथ में थे तो थोड़ा बहुत खाना रख लिया था लेकिन साहिबाबाद आउटर पर ही ट्रेन छह घंटे से रुकी हुई है, यहां कुछ नहीं मिल पा रहा जिसकी वजह से बच्चे परेशान हो गए।
इसी तरह खुर्जा से दिल्ली जा रही मीना के साथ ही बच्चे थे जो परेशान हो गए। लखनऊ से दिल्ली जा रहे रूपेश ने बताया कि वह छुट्टियां लेकर घर गए हुए थे, आज से दफ्तर ज्वाइन करना था लेकिन 11 साहिबाबाद स्टेशन पर ही बज गए। कानपुर सेंट्रल ट्रेन से साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पर उतरे विकास और माया ने बताया कि, ट्रेन 5:45 पर दिल्ली उतारती है। ट्रेन में बैठे-बैठे ही दोपहर के 12 बज गए तो परिजनों ने यहीं उतर कर मेट्रो से दिल्ली आने को का है।
स्टेशन के बाहर खड़े ई-रिक्शा वालों ने जमकर काटी चांदी
आधी रात के बाद जैसे ही ट्रेन हादसा हुआ तो दिल्ली और आनंद विहार की ओर जाने वाली ट्रेनें आउटर पर खड़ी करनी पड़ गईं। लंबे इंतजार के बाद सुबह आठ बजे से यात्रियों ने आउटर पर ही उतरना शुरू कर दिया। वहां से यात्री जैसे-तैसे साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे।
आधी रात के बाद जैसे ही ट्रेन हादसा हुआ तो दिल्ली और आनंद विहार की ओर जाने वाली ट्रेनें आउटर पर खड़ी करनी पड़ गईं। लंबे इंतजार के बाद सुबह आठ बजे से यात्रियों ने आउटर पर ही उतरना शुरू कर दिया। वहां से यात्री जैसे-तैसे साहिबाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचे।
अन्य दिनों की अपेक्षा स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक रही। ई-रिक्शा और ऑटो चालकों की लाइन स्टेशन के बाहर लग गई। यात्रियों को जीटी रोड तक पहुंचाने के रिक्शा चालकों ने 30 से 40 रुपये वसूले, जबकि यहां का किराया महज 10 रुपये ही है। उधर, साहिबाबाद रेलवे रोड पर अचानक बढ़ी भीड़ के कारण जाम के हालात बन गए।
ईमयू ट्रेन में खराब हुआ कई दूधियों का दूध हुआ खराब
खुर्जा, बुलंदशहर से दिल्ली-गाजियाबाद की ओर जाने वाली ईएमयू ट्रेन में खुर्जा के करीब एक दर्जन से अधिक दूधिया सवार थे, काफी दूध खराब हो गया। दूधिया राजकुमार ने बताया कि उनके यहां से बहुत से लोग दिल्ली एनसीआर में गाय-भैंसों का दूध बेचने जाते हैं।
खुर्जा, बुलंदशहर से दिल्ली-गाजियाबाद की ओर जाने वाली ईएमयू ट्रेन में खुर्जा के करीब एक दर्जन से अधिक दूधिया सवार थे, काफी दूध खराब हो गया। दूधिया राजकुमार ने बताया कि उनके यहां से बहुत से लोग दिल्ली एनसीआर में गाय-भैंसों का दूध बेचने जाते हैं।
ट्रेन लेट हो जाने की वजह से ज्यादातर का दूध खराब हो गया। दूध कारोबारी राजकुमार ने बताया कि सुबह तीन बजे ही दूध निकलवाया था। ट्रेन को सुबह 6 बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन दोपहर 12 बजे पहुंच पाए। सारा दूध खराब हो गया।
आउटर पर रुकी ये ट्रेनें
12801 (पुरुषोत्तम एक्सप्रेस), 14005 (लिच्छवी एक्सप्रेस), 22437 (हमसफर एक्सप्रेस), 12427 (रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस), 12367 (विक्रमशिला एक्सप्रेस), 14015 (सद्भावना एक्सप्रेस), 12557 (सप्तक्रांति एक्सप्रेस), 22419 (सुहेलदेव एक्सप्रेस). 5579 (पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल), 14090 (कोटद्वार-आनंद विहार मेल) आदि।
12801 (पुरुषोत्तम एक्सप्रेस), 14005 (लिच्छवी एक्सप्रेस), 22437 (हमसफर एक्सप्रेस), 12427 (रीवा-आनंद विहार एक्सप्रेस), 12367 (विक्रमशिला एक्सप्रेस), 14015 (सद्भावना एक्सप्रेस), 12557 (सप्तक्रांति एक्सप्रेस), 22419 (सुहेलदेव एक्सप्रेस). 5579 (पूर्णिया कोर्ट-आनंद विहार स्पेशल), 14090 (कोटद्वार-आनंद विहार मेल) आदि।