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Ghaziabad News: गोकशी के आरोपी अनस उर्फ पोपा की जमानत अर्जी खारिज
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गाजियाबाद। वेवसिटी क्षेत्र में गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी अनस उर्फ पोपा को अदालत से राहत नहीं मिली। विशेष अदालत ने अपराध को गंभीर प्रकृति का बताकर उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह गोकशी और चोरी जैसे अपराधों के जरिए अवैध धन अर्जित करता है। इलाके में भय का माहौल बनाता है पुलिस ने गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और वह किसी भी आपराधिक गिरोह का हिस्सा नहीं है। यह भी तर्क दिया गया कि पूर्व मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। इसलिए इस मामले में भी राहत दी जानी चाहिए।
अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह गिरोह के साथ मिलकर गंभीर अपराधों को अंजाम देता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपों को गंभीर मानते हुए यह आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है या दोबारा अपराध कर सकता है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी एक संगठित गिरोह का सक्रिय सदस्य है। वह गोकशी और चोरी जैसे अपराधों के जरिए अवैध धन अर्जित करता है। इलाके में भय का माहौल बनाता है पुलिस ने गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है और वह किसी भी आपराधिक गिरोह का हिस्सा नहीं है। यह भी तर्क दिया गया कि पूर्व मामलों में उसे जमानत मिल चुकी है। इसलिए इस मामले में भी राहत दी जानी चाहिए।
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अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी का आपराधिक इतिहास रहा है। वह गिरोह के साथ मिलकर गंभीर अपराधों को अंजाम देता है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपों को गंभीर मानते हुए यह आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकता है या दोबारा अपराध कर सकता है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।