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बंधवाड़ी लैंडफिल : चारों सैंपल फेल, निगम को नोटिस
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बारिश के दौरान लीचेट के बाहर बहने के मामले में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट से बारिश के दौरान जहरीले रसायन युक्त पानी (लीचेट) का रिसाव एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम गुरुग्राम को नोटिस जारी किया है। दरअसल, हालिया जांच में लीचेट के चार सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए हैं, जो अरावली के पर्यावरण और स्थानीय भूजल के लिए बड़े खतरे की घंटी हैं। नियमों की इस निरंतर अनदेखी के कारण नगर निगम पर हर महीने 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जा रहा है, जिससे डंपयार्ड के कचरा और अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम से लीचेट के प्रबंधन और रोकथाम को लेकर जवाब मांगा है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि लैंडफिल से लीचेट बाहर बहने के मामले को लेकर नगर निगम को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में लीचेट के उचित प्रबंधन और इसके बाहर निकलने से रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
लैंडफिल साइट पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर लगे करोड़ों रुपये के जुर्माने के बाद भी निगम की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि वर्षा के पानी के साथ लीचेट के आसपास के क्षेत्र में फैलने से पर्यावरण और भूजल पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बंधवाड़ी लैंडफिल साइट से बारिश के दौरान जहरीले रसायन युक्त पानी (लीचेट) का रिसाव एक बार फिर गंभीर चर्चा का विषय बन गया है। इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम गुरुग्राम को नोटिस जारी किया है। दरअसल, हालिया जांच में लीचेट के चार सैंपल पूरी तरह फेल पाए गए हैं, जो अरावली के पर्यावरण और स्थानीय भूजल के लिए बड़े खतरे की घंटी हैं। नियमों की इस निरंतर अनदेखी के कारण नगर निगम पर हर महीने 10 लाख का जुर्माना भी लगाया जा रहा है, जिससे डंपयार्ड के कचरा और अपशिष्ट प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम से लीचेट के प्रबंधन और रोकथाम को लेकर जवाब मांगा है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने बताया कि लैंडफिल से लीचेट बाहर बहने के मामले को लेकर नगर निगम को नोटिस भेजा गया है। नोटिस में लीचेट के उचित प्रबंधन और इसके बाहर निकलने से रोकने के लिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
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लैंडफिल साइट पर पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन पर लगे करोड़ों रुपये के जुर्माने के बाद भी निगम की तरफ से ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। पर्यावरणविदों का कहना है कि वर्षा के पानी के साथ लीचेट के आसपास के क्षेत्र में फैलने से पर्यावरण और भूजल पर दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
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