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Gurugram News: हरियाणा में अब भी बिल्डर भूमि के मालिक

Sun, 02 Aug 2026 12:35 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2026 12:35 AM IST
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Builders still own land in Haryana
40 से अधिक अपार्टमेंट एसोसिएशनों ने शासन तंत्र में आवश्यक सुधारों पर किया विचार विमर्श
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर 109 स्थित ब्रिस्क लुंबिनी टेरेस होम्स के क्लब हाउस में फेडरेशन ऑफ अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन्स (एफएओए) की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें हरियाणा भर के रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशनों, विधि विशेषज्ञों एवं अपार्टमेंट के मालिकों ने भाग लिया।
इस कार्यक्रम में 40 से अधिक अपार्टमेंट एसोसिएशनों की सहभागिता रही। बैठक का उद्देश्य आवासीय समुदायों के शासन तंत्र में आवश्यक सुधारों पर विचार-विमर्श करना था। सत्र में संजय लाल, रितु भरियोक और संजय गुप्ता ने अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसके पश्चात प्रतिभागियों के साथ विस्तृत संवाद हुआ।
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सत्र में संजय लाल ने अपार्टमेंट स्वामित्व कानूनों का तुलनात्मक विश्लेषण किया। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र के कानूनों की तुलना की। उन्होंने बताया कि हरियाणा में बिल्डर अभी भी भूमि के मालिक हैं। महाराष्ट्र में बिल्डर को सोसाइटी के नाम भूमि का हस्तांतरण करना अनिवार्य है। यदि बिल्डर ऐसा नहीं करता, तो सोसायटी डीम्ड कन्वेयंस प्राप्त कर सकती है। वहीं रितु भरियोक ने पारदर्शी सदस्यता, लोकतांत्रिक चुनाव और उत्तरदायी वित्तीय प्रबंधन पर जोर दिया। उन्होंने एचआरआरएस अधिनियम को मजबूत करने के लिए सुझाव दिए। इनमें नियामक प्राधिकरणों की अधिक जवाबदेही और एक सोसाइटी– एक आरडब्ल्यूए का सिद्धांत शामिल है। संजय गुप्ता ने प्लॉटेड कॉलोनियों की चुनौतियों पर बात की।
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आधारभूत संरचना की कमियों पर चिंता जताई

संजय लाल ने बताया कि हरियाणा में महाराष्ट्र जैसी डीम्ड कन्वेयंस व्यवस्था नहीं है। इससे बिल्डरों की ओर से कॉमन एरिया के हस्तांतरण न करने पर कॉमन एरिया को लेकर लंबे विवाद होते हैं। फेडरेशन ने बिल्डरों द्वारा कॉमन एरिया के हस्तांतरण में देरी और आधारभूत संरचना की कमियों पर चिंता जताई।


एक पृथक जिला रजिस्ट्रार नियुक्त करने की मांग

रितु भरियोक ने रजिस्ट्रार जनरल और अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा से अनुरोध किया। इसमें लंबित सदस्यता विवादों के डेटा एकत्र करने और उनके समयबद्ध समाधान के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की। फेडरेशन ने मासिक मेंटेनेंस बिलों पर लगाए जा रहे जीएसटी के मुद्दे पर जोर दिया। उन्होंने वित्त मंत्रालय से जीएसटी की सीमा 7,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने या 18 फीसदी दर कम करने की अनुशंसा की है। फेडरेशन ने अपार्टमेंट सोसाइटियों के मामलों के लिए एक पृथक जिला रजिस्ट्रार नियुक्त करने की मांग की। फेडरेशन ऑफ अफोर्डेबल होम बायर्स के संस्थापक सदस्य आरके जैन ने कहा कि डीटीसीपी की अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजनाओं के लिए पांच वर्ष तक निःशुल्क मेंटेनेंस की नीति का वास्तविक अर्थों में क्रियान्वयन नहीं किया गया है।
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