{"_id":"6a6e4373e5d08e3a560366a6","slug":"one-time-settlement-scheme-2026-re-implemented-gurgaon-news-c-1-1-noi1546-4567706-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: एकमुश्त निपटान योजना-2026 फिर लागू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: एकमुश्त निपटान योजना-2026 फिर लागू
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एकमुश्त निपटान योजना में एक लाख तक के बकाया पर 100% छूटयोजना 1 जून से 28 सितंबर तक 120 दिनों के लिए प्रभावी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लंबित कर विवादों के समाधान के लिए एकमुश्त निपटान योजना-2026 (ओटीएस) को फिर से लागू किया है। यह योजना 1 जून से 28 सितंबर तक 120 दिनों के लिए प्रभावी है। इसके तहत एक लाख रुपये तक के बकाया कर मामलों में कर, ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट मिलेगी।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य लंबित कर विवादों को कम करना है। इसका लक्ष्य कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना भी है। संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त स्नेह लता यादव ने कहा कि यह योजना सात कराधान अधिनियमों के तहत बकाया निपटान का अवसर देती है। यदि किसी करदाता पर एक लाख रुपये तक का कर बकाया है, तो उसे अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ होगा। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के बकाया पर 70 फीसदी कर छूट मिलेगी। साथ ही, इस पर 100 फीसदी ब्याज और जुर्माना माफ होगा। लंबित वैधानिक प्रपत्रों और न्यायिक मामलों में भी कुछ शर्तों के साथ राहत मिलेगी। स्नेह लता ने व्यापारियों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
विभिन्न अधिनियमों के तहत छूट
अन्य छह अधिनियमों के अंतर्गत एक रुपये से एक लाख रुपये तक की बकाया राशि पर कर, ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट मिलेगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के बकाया पर कर में 60 फीसदी छूट दी जाएगी। 10 लाख रुपये से 60 करोड़ रुपये तक की बकाया राशि पर कर में 30 से 50 फीसदी तक की छूट का प्रावधान है। सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट उपलब्ध रहेगी।
विज्ञापन
किस्तों में भुगतान की सुविधा
योजना के तहत निपटान राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पांच लाख रुपये तक की निपटान राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। पांच लाख रुपये से अधिक और 25 लाख रुपये तक की राशि दो समान किस्तों में जमा की जा सकेगी। 25 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए तीन किस्तों का प्रावधान है, जो 120 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने व्यापारियों के लंबित कर विवादों के समाधान के लिए एकमुश्त निपटान योजना-2026 (ओटीएस) को फिर से लागू किया है। यह योजना 1 जून से 28 सितंबर तक 120 दिनों के लिए प्रभावी है। इसके तहत एक लाख रुपये तक के बकाया कर मामलों में कर, ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट मिलेगी।
उपायुक्त उत्तम सिंह ने बताया कि योजना का उद्देश्य लंबित कर विवादों को कम करना है। इसका लक्ष्य कर प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाना भी है। संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त स्नेह लता यादव ने कहा कि यह योजना सात कराधान अधिनियमों के तहत बकाया निपटान का अवसर देती है। यदि किसी करदाता पर एक लाख रुपये तक का कर बकाया है, तो उसे अलग से आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। ऐसे मामलों में संबंधित वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना पूरी तरह माफ होगा। हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के बकाया पर 70 फीसदी कर छूट मिलेगी। साथ ही, इस पर 100 फीसदी ब्याज और जुर्माना माफ होगा। लंबित वैधानिक प्रपत्रों और न्यायिक मामलों में भी कुछ शर्तों के साथ राहत मिलेगी। स्नेह लता ने व्यापारियों से इस योजना का अधिकतम लाभ उठाने का आग्रह किया।
विज्ञापन
विभिन्न अधिनियमों के तहत छूट
अन्य छह अधिनियमों के अंतर्गत एक रुपये से एक लाख रुपये तक की बकाया राशि पर कर, ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट मिलेगी। एक लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक के बकाया पर कर में 60 फीसदी छूट दी जाएगी। 10 लाख रुपये से 60 करोड़ रुपये तक की बकाया राशि पर कर में 30 से 50 फीसदी तक की छूट का प्रावधान है। सभी श्रेणियों में ब्याज और जुर्माने में 100 फीसदी छूट उपलब्ध रहेगी।
विज्ञापन
किस्तों में भुगतान की सुविधा
योजना के तहत निपटान राशि जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा भी दी गई है। पांच लाख रुपये तक की निपटान राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। पांच लाख रुपये से अधिक और 25 लाख रुपये तक की राशि दो समान किस्तों में जमा की जा सकेगी। 25 लाख रुपये से अधिक की राशि के लिए तीन किस्तों का प्रावधान है, जो 120 दिनों के भीतर जमा करनी होगी।