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Gurugram News: आरबीएसके के तहत बच्चों के भेंगापन का होगा मुफ्त इलाज
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18 वर्ष तक के बच्चों का निशुल्क किया जाता है इलाज
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए विभिन्न रोगों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत आंखों से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई बार बच्चों में भेंगापन (स्क्विंट) जैसी समस्या पाई जाती हैं, जिससे उनकी दृष्टि और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
11 मोबाइल हेल्थ टीम करती हैं स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से नियमित रूप से विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान की जा सके। जिले में 11 मोबाइल हेल्थ टीमें गांव-गांव और स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती है। जांच के दौरान जिन बच्चों में भेंगापन या अन्य नेत्र संबंधी समस्या पाई जाती है, उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया जाता है।
17 बच्चों में मिला भेंगापन
जिले में हाल ही में सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। नेत्र सर्जन डॉ. सुशांत शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान 17 बच्चों में भेंगापन पाया गया। इन बच्चों की सर्जरी के लिए मुख्यालय स्तर पर एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मार्च माह में सभी 17 बच्चों का ऑपरेशन किया जाएगा।
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कई बार बच्चों की आंखों में भेंगापन की समस्या देखने को मिलती है, जिससे उनकी दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इस समस्या के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाता है। - डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समय-समय पर विशेष अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत 18 वर्ष तक के बच्चों के लिए विभिन्न रोगों की जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाती हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत आंखों से जुड़ी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कई बार बच्चों में भेंगापन (स्क्विंट) जैसी समस्या पाई जाती हैं, जिससे उनकी दृष्टि और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित होते हैं।
11 मोबाइल हेल्थ टीम करती हैं स्क्रीनिंग
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से नियमित रूप से विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाते हैं, ताकि ऐसे बच्चों की समय रहते पहचान की जा सके। जिले में 11 मोबाइल हेल्थ टीमें गांव-गांव और स्कूलों में पहुंचकर बच्चों की स्क्रीनिंग करती है। जांच के दौरान जिन बच्चों में भेंगापन या अन्य नेत्र संबंधी समस्या पाई जाती है, उन्हें विशेषज्ञ चिकित्सकों के पास रेफर किया जाता है।
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17 बच्चों में मिला भेंगापन
जिले में हाल ही में सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बच्चों की स्क्रीनिंग की गई। नेत्र सर्जन डॉ. सुशांत शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान 17 बच्चों में भेंगापन पाया गया। इन बच्चों की सर्जरी के लिए मुख्यालय स्तर पर एस्टीमेट भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही मार्च माह में सभी 17 बच्चों का ऑपरेशन किया जाएगा।
कई बार बच्चों की आंखों में भेंगापन की समस्या देखने को मिलती है, जिससे उनकी दृष्टि प्रभावित हो सकती है। इस समस्या के समाधान के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई है। समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर ऐसे बच्चों की पहचान और उपचार सुनिश्चित किया जाता है। - डाॅ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग