{"_id":"6a6e3c358a62618ecd0a2c3b","slug":"traffic-management-will-be-the-top-priority-in-gurugram-metro-phase-2-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-96388-2026-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: गुरुग्राम मेट्रो फेज-2 में ट्रैफिक प्रबंधन होगा सबसे बड़ी प्राथमिकता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: गुरुग्राम मेट्रो फेज-2 में ट्रैफिक प्रबंधन होगा सबसे बड़ी प्राथमिकता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यह चरण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जहां सड़कों की चौड़ाई कम है
दूसरे चरण में सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक का निर्माण कार्य प्रस्तावित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण में ट्रैफिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह चरण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जहां सड़कों की चौड़ाई कम है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान अत्यंत सावधानी बरतना आवश्यक होगा। हाल ही में जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्र शेखर खरे ने फेज दो का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में गुरुग्राम मेट्रो का पहला चरण मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माणाधीन है। दूसरे चरण में सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण खंड के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए जल्द टेंडर जारी होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर के संरेखण, स्टेशन स्थलों और इंजीनियरिंग से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई है। निर्माण शुरू होने से पहले, जीएमआरएल को उपयोगिता स्थानांतरण की जटिलताओं, प्रभावी यातायात प्रबंधन रणनीतियों और भूमि अधिग्रहण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवश्यक पूर्व-योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जीएमआरएल के अनुसार, फेज 2 घनी आबादी वाले शहरी इलाकों से गुजरेगा, जहां सड़क की चौड़ाई सीमित है। इस स्थिति में, निर्माण कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने और यातायात, स्थानीय व्यवसायों तथा निवासियों को न्यूनतम असुविधा पहुंचाने के लिए अत्यंत सावधानीपूर्वक योजना की आवश्यकता होगी।
डबल-डेकर संरचनाओं की व्यवहार्यता का अध्ययन
बाजघेड़ा चौक और सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशनों को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जीएमआरएल इन स्टेशनों को डबल डेकर संरचनाओं के रूप में विकसित करने की व्यवहार्यता की जांच कर रहा है। इस नए डिजाइन का उद्देश्य सीमित सड़क स्थान का अधिकतम उपयोग करना है, जहां एक ही कॉरिडोर में मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सड़क की सुविधाएं भी समायोजित की जा सकेंगी। प्रबंध निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि मेट्रो नेटवर्क पूरा होने पर आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और साइबर सिटी के बीच कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा।
विज्ञापन
साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन...प्रमुख मल्टी मॉडल हब
साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन गुरुग्राम कॉरिडोर का अंतिम बिंदु होगा। इस स्टेशन के लेआउट, यात्रियों के आवागमन की योजना, इंटरचेंज की व्यवस्था और आसपास के परिवहन बुनियादी ढांचे के साथ इसके एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस स्टेशन को गुरुग्राम मेट्रो, रैपिड मेट्रो और एनसीआरटीसी के नमो भारत कॉरिडोर को जोड़ने वाले एक प्रमुख इंटरचेंज के रूप में योजनाबद्ध किया गया है। इससे तीनों रेल आधारित परिवहन प्रणालियों के बीच निर्बाध हस्तांतरण संभव होगा। विशाल कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म क्षेत्रों के साथ एक डबल-वेस्टिबुल स्टेशन के रूप में डिजाइन किया गया। यह स्टेशन बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने और बाधा मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने में सक्षम होगा। साइबर सिटी स्टेशन गुरुग्राम के प्रमुख वाणिज्यिक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा, जो प्रतिदिन साइबर सिटी, साइबर हब, उद्योग विहार और व्यावसायिक केंद्रों तक यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक का निर्माण कार्य प्रस्तावित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की ओर से मेट्रो के दूसरे चरण के निर्माण में ट्रैफिक प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। यह चरण घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, जहां सड़कों की चौड़ाई कम है। ऐसे में निर्माण कार्य के दौरान अत्यंत सावधानी बरतना आवश्यक होगा। हाल ही में जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंद्र शेखर खरे ने फेज दो का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
वर्तमान में गुरुग्राम मेट्रो का पहला चरण मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक निर्माणाधीन है। दूसरे चरण में सेक्टर-7 से साइबर सिटी तक का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। इस महत्वपूर्ण खंड के लिए विश्व बैंक से वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए जल्द टेंडर जारी होने की उम्मीद है। प्रस्तावित कॉरिडोर के संरेखण, स्टेशन स्थलों और इंजीनियरिंग से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा की गई है। निर्माण शुरू होने से पहले, जीएमआरएल को उपयोगिता स्थानांतरण की जटिलताओं, प्रभावी यातायात प्रबंधन रणनीतियों और भूमि अधिग्रहण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर आवश्यक पूर्व-योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जीएमआरएल के अनुसार, फेज 2 घनी आबादी वाले शहरी इलाकों से गुजरेगा, जहां सड़क की चौड़ाई सीमित है। इस स्थिति में, निर्माण कार्य को सुचारु रूप से संपन्न कराने और यातायात, स्थानीय व्यवसायों तथा निवासियों को न्यूनतम असुविधा पहुंचाने के लिए अत्यंत सावधानीपूर्वक योजना की आवश्यकता होगी।
विज्ञापन
डबल-डेकर संरचनाओं की व्यवहार्यता का अध्ययन
बाजघेड़ा चौक और सेक्टर-21 मेट्रो स्टेशनों को गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जीएमआरएल इन स्टेशनों को डबल डेकर संरचनाओं के रूप में विकसित करने की व्यवहार्यता की जांच कर रहा है। इस नए डिजाइन का उद्देश्य सीमित सड़क स्थान का अधिकतम उपयोग करना है, जहां एक ही कॉरिडोर में मेट्रो इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ सड़क की सुविधाएं भी समायोजित की जा सकेंगी। प्रबंध निदेशक ने इस बात पर जोर दिया कि मेट्रो नेटवर्क पूरा होने पर आवासीय क्षेत्रों, वाणिज्यिक केंद्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और साइबर सिटी के बीच कनेक्टिविटी को काफी मजबूत करेगा।
विज्ञापन
साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन...प्रमुख मल्टी मॉडल हब
साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन गुरुग्राम कॉरिडोर का अंतिम बिंदु होगा। इस स्टेशन के लेआउट, यात्रियों के आवागमन की योजना, इंटरचेंज की व्यवस्था और आसपास के परिवहन बुनियादी ढांचे के साथ इसके एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस स्टेशन को गुरुग्राम मेट्रो, रैपिड मेट्रो और एनसीआरटीसी के नमो भारत कॉरिडोर को जोड़ने वाले एक प्रमुख इंटरचेंज के रूप में योजनाबद्ध किया गया है। इससे तीनों रेल आधारित परिवहन प्रणालियों के बीच निर्बाध हस्तांतरण संभव होगा। विशाल कॉनकोर्स और प्लेटफॉर्म क्षेत्रों के साथ एक डबल-वेस्टिबुल स्टेशन के रूप में डिजाइन किया गया। यह स्टेशन बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने और बाधा मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने में सक्षम होगा। साइबर सिटी स्टेशन गुरुग्राम के प्रमुख वाणिज्यिक प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करेगा, जो प्रतिदिन साइबर सिटी, साइबर हब, उद्योग विहार और व्यावसायिक केंद्रों तक यात्रा करने वाले हजारों यात्रियों को सेवा प्रदान करेगा।