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Gurugram News: अमेरिकी टैरिफ से चुनौती, भारतीय उद्योगों के लिए अवसर भी
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-वैश्विक कंपनियों की सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ने की उम्मीद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने के अमेरिकी सीनेट के प्रस्ताव को लेकर प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने प्रतिक्रिया दी है। फेडरेशन के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि अमेरिकी फैसले का भारत पर असर पड़ सकता है, लेकिन बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर भी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। रूस से व्यापार पर प्रतिबंध और अतिरिक्त टैरिफ का दबाव बढ़ने पर कच्चे तेल के साथ शिपिंग, बीमा और भुगतान की लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग लागत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, भारत के पास ऊर्जा और व्यापार के लिए कई वैकल्पिक बाजार हैं।
नई सप्लाई चेन में भारत की भूमिका-
दीपक मैनी ने कहा कि रूस से जुड़े कारोबार में जोखिम कम करने के लिए यदि वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में बदलाव करती हैं तो भारत को इसका फायदा मिल सकता है। चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब तलाशने वाली कंपनियों के लिए भारत मजबूत विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और गुरुग्राम इस बदलाव का लाभ उठा सकते हैं। गुरुग्राम में आईटी, कॉरपोरेट, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर की बड़ी संख्या में कंपनियां हैं। नई सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ने से निवेश, निर्यात, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। फेडरेशन ने सरकार से अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक बातचीत बढ़ाने और गुरुग्राम-हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर व निर्यात सुविधाएं मजबूत करने की अपील की है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने के अमेरिकी सीनेट के प्रस्ताव को लेकर प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री ने प्रतिक्रिया दी है। फेडरेशन के चेयरमैन दीपक मैनी ने कहा कि अमेरिकी फैसले का भारत पर असर पड़ सकता है, लेकिन बदलते वैश्विक व्यापार परिदृश्य में भारतीय उद्योगों के लिए नए अवसर भी बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदता है। रूस से व्यापार पर प्रतिबंध और अतिरिक्त टैरिफ का दबाव बढ़ने पर कच्चे तेल के साथ शिपिंग, बीमा और भुगतान की लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर परिवहन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग लागत पर भी पड़ सकता है। हालांकि, भारत के पास ऊर्जा और व्यापार के लिए कई वैकल्पिक बाजार हैं।
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नई सप्लाई चेन में भारत की भूमिका-
दीपक मैनी ने कहा कि रूस से जुड़े कारोबार में जोखिम कम करने के लिए यदि वैश्विक कंपनियां अपनी सप्लाई चेन में बदलाव करती हैं तो भारत को इसका फायदा मिल सकता है। चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक मैन्युफैक्चरिंग हब तलाशने वाली कंपनियों के लिए भारत मजबूत विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और गुरुग्राम इस बदलाव का लाभ उठा सकते हैं। गुरुग्राम में आईटी, कॉरपोरेट, ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर की बड़ी संख्या में कंपनियां हैं। नई सप्लाई चेन में भारत की भूमिका बढ़ने से निवेश, निर्यात, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। फेडरेशन ने सरकार से अमेरिका समेत अन्य देशों के साथ व्यापारिक बातचीत बढ़ाने और गुरुग्राम-हरियाणा में इंफ्रास्ट्रक्चर व निर्यात सुविधाएं मजबूत करने की अपील की है।
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