फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   World Lung Cancer Day: GIMS does not offer lung cancer treatment; Delhi or private hospitals remain the only options.

विश्व लंग कैंसर दिवस : जिम्स लंग कैंसर का इलाज नहीं, दिल्ली या निजी अस्पताल बचता है विकल्प

Fri, 31 Jul 2026 05:51 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:51 PM IST
विज्ञापन
World Lung Cancer Day: GIMS does not offer lung cancer treatment; Delhi or private hospitals remain the only options.
हर महीने 12 से 15 मरीजों को जांच और बीमारी की पुष्टि के बाद रेफर किया जाता है
विज्ञापन

नितेश कुमार
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के लोगों को फेफड़े के कैंसर का इलाज कराने के लिए या तो दिल्ली जाना पड़ता है या निजी अस्पताल क्योंकि जिम्स में समुचित उपचार की सुविधा नहीं है। अस्पताल से हर महीने 12 से 15 मरीजों को जांच और बीमारी की पुष्टि के बाद रेफर कर दिया जाता है। जिम्स प्रबंधन का दावा है कि अस्पताल में लंग कैंसर उपचार के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के पद की शासन स्तर से स्वीकृति मिल चुकी है और नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।
जिम्स पश्चिमी यूपी का प्रमुख सरकारी मेडिकल संस्थान है। यहां बुलंदशहर, हापुड़, अलीगढ़, मेरठ और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। निजी अस्पतालों में कैंसर के इलाज का खर्च लाखों रुपये तक पहुंचने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम वर्गीय परिवार सरकारी अस्पताल से राहत की उम्मीद लेकर आते हैं।
विज्ञापन

यहां लंग कैंसर के विशेष उपचार की सुविधा नहीं होने से उन्हें दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा संस्थानों का रुख करना पड़ता है। अस्पताल में मरीजों की जांच और प्रारंभिक डायग्नोसिस की व्यवस्था है। शुरुआती अवस्था के कुछ मरीजों के लिए बाहर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद ली जाती है जबकि गंभीर मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेज दिया जाता है जिससे मरीज के परिजनों पर रेफर होने के बाद इलाज में देरी के साथ-साथ यात्रा, रहने और उपचार का खर्च भी काफी बढ़ जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
लंग कैंसर उपचार को और सशक्त बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक के पद की स्वीकृति शासन से मिल गई है। जल्द नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर अस्पताल में बेहतर सुविधाएं विकसित की जाएंगी ताकि मरीजों को अधिक से अधिक इलाज स्थानीय स्तर पर मिल सके। भविष्य में उन्हें इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। -डॉ. ब्रिगेडियर राकेश कुमार गुप्ता, निदेशक, जिम्स
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed