{"_id":"6a6624cc41d148d52e0d7a10","slug":"markets-opened-after-six-days-but-the-buzz-is-still-missing-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-147653-2026-07-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: छह दिन बाद खुले बाजार, मगर रौनक अब भी गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: छह दिन बाद खुले बाजार, मगर रौनक अब भी गायब
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
-सिर्फ 20 फीसदी दुकानें खुलीं, पटरी बाजार रहे पूरी तरह बंद
-लुटियंस दिल्ली में अनिश्चित माहौल और कम ग्राहक आने की आशंका के चलते ज्यादातर ने दुकानें नहीं खोलीं
-पालिका मार्केट, सीपी और जनपथ समेत अन्य प्रमुख बाजारों में भी कारोबार रहा प्रभावित
सिमरन
नई दिल्ली। छह दिनों तक बंद रहने के बाद रविवार को दिल्ली के प्रभावित बाजारों में कारोबार तो शुरू हुआ, लेकिन सामान्य रौनक नहीं लौट सकी। प्रदर्शन के असर से जंतर-मंतर और आसपास के प्रमुख बाजारों में केवल करीब 20 फीसदी दुकानें ही खुलीं, जबकि पटरी बाजार पूरी तरह बंद रहे। अनिश्चित माहौल और ग्राहकों की कम आवाजाही की आशंका के चलते अधिकांश व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलीं।
प्रभाव केवल मुख्य बाजार तक सीमित नहीं रहा। पालिका बाजार, कनॉट प्लेस (सीपी) और जनपथ जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कारोबार सुस्त रहा। व्यापारियों के अनुसार माल की आपूर्ति और ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने से बाजार पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया। रविवार सुबह कुछ दुकानदारों ने शटर जरूर खोले, लेकिन बाजारों में सामान्य दिनों जैसी भीड़ नहीं दिखी। सबसे अधिक परेशानी छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को हुई, जिनकी रोज की कमाई पर परिवार की आजीविका निर्भर करती है। पटरी बाजार बंद रहने से सैकड़ों छोटे कारोबारियों की आय प्रभावित रही।
जनपथ के दुकानदार अहमद ने बताया कि छह दिन की बंदी से पहले ही बड़ा आर्थिक नुकसान हो चुका है। रविवार को दुकान खुली, लेकिन ग्राहक बेहद कम आए। लोगों में अभी यह भरोसा नहीं बना है कि बाजार पूरी तरह सामान्य हो गया है। पालिका बाजार के व्यापारियों का कहना है कि कारोबार शुरू तो हो गया है, लेकिन गति लौटने में समय लगेगा। उनका कहना है कि जब तक पूरा बाजार नहीं खुलेगा, ग्राहक भी बड़ी संख्या में नहीं आएंगे। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने और व्यापारियों में भरोसा पैदा करने की मांग की है। उनका कहना है कि राजधानी के प्रमुख बाजारों में सामान्य गतिविधियां जल्द शुरू होना जरूरी है, ताकि त्योहारी सीजन से पहले कारोबार दोबारा रफ्तार पकड़ सके और हजारों छोटे-बड़े व्यापारियों की आजीविका पर पड़ा असर कम हो सके।
विज्ञापन
बंदी का आर्थिक झटका, बढ़ा मानसिक दबाव
पालिका बाजार के कपड़ा व्यापारी रिहान ने बताया कि छह दिन तक दुकानें बंद रहने से आमदनी पूरी तरह ठप रही, जबकि किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार चलते रहे। आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ा है। उनका कहना है कि यदि त्योहारी सीजन से पहले बाजार पूरी तरह सामान्य नहीं हुए तो नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी।
रफ्तार लौटने में अभी लगेगा वक्त
पालिका बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी ने कहा कि फिलहाल कुछ ही दुकानें खुली हैं। जब पूरा बाजार संचालित नहीं होता, तो ग्राहक भी आने से बचते हैं। कारोबार शुरू होने के बावजूद पहले जैसी रौनक और बिक्री लौटने में अभी कुछ समय लगेगा।
विज्ञापन
-लुटियंस दिल्ली में अनिश्चित माहौल और कम ग्राहक आने की आशंका के चलते ज्यादातर ने दुकानें नहीं खोलीं
-पालिका मार्केट, सीपी और जनपथ समेत अन्य प्रमुख बाजारों में भी कारोबार रहा प्रभावित
सिमरन
नई दिल्ली। छह दिनों तक बंद रहने के बाद रविवार को दिल्ली के प्रभावित बाजारों में कारोबार तो शुरू हुआ, लेकिन सामान्य रौनक नहीं लौट सकी। प्रदर्शन के असर से जंतर-मंतर और आसपास के प्रमुख बाजारों में केवल करीब 20 फीसदी दुकानें ही खुलीं, जबकि पटरी बाजार पूरी तरह बंद रहे। अनिश्चित माहौल और ग्राहकों की कम आवाजाही की आशंका के चलते अधिकांश व्यापारियों ने दुकानें नहीं खोलीं।
प्रभाव केवल मुख्य बाजार तक सीमित नहीं रहा। पालिका बाजार, कनॉट प्लेस (सीपी) और जनपथ जैसे प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में भी कारोबार सुस्त रहा। व्यापारियों के अनुसार माल की आपूर्ति और ग्राहकों की आवाजाही बाधित होने से बाजार पूरी तरह पटरी पर नहीं लौट पाया। रविवार सुबह कुछ दुकानदारों ने शटर जरूर खोले, लेकिन बाजारों में सामान्य दिनों जैसी भीड़ नहीं दिखी। सबसे अधिक परेशानी छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को हुई, जिनकी रोज की कमाई पर परिवार की आजीविका निर्भर करती है। पटरी बाजार बंद रहने से सैकड़ों छोटे कारोबारियों की आय प्रभावित रही।
विज्ञापन
जनपथ के दुकानदार अहमद ने बताया कि छह दिन की बंदी से पहले ही बड़ा आर्थिक नुकसान हो चुका है। रविवार को दुकान खुली, लेकिन ग्राहक बेहद कम आए। लोगों में अभी यह भरोसा नहीं बना है कि बाजार पूरी तरह सामान्य हो गया है। पालिका बाजार के व्यापारियों का कहना है कि कारोबार शुरू तो हो गया है, लेकिन गति लौटने में समय लगेगा। उनका कहना है कि जब तक पूरा बाजार नहीं खुलेगा, ग्राहक भी बड़ी संख्या में नहीं आएंगे। व्यापारिक संगठनों ने प्रशासन से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने और व्यापारियों में भरोसा पैदा करने की मांग की है। उनका कहना है कि राजधानी के प्रमुख बाजारों में सामान्य गतिविधियां जल्द शुरू होना जरूरी है, ताकि त्योहारी सीजन से पहले कारोबार दोबारा रफ्तार पकड़ सके और हजारों छोटे-बड़े व्यापारियों की आजीविका पर पड़ा असर कम हो सके।
विज्ञापन
बंदी का आर्थिक झटका, बढ़ा मानसिक दबाव
पालिका बाजार के कपड़ा व्यापारी रिहान ने बताया कि छह दिन तक दुकानें बंद रहने से आमदनी पूरी तरह ठप रही, जबकि किराया, कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च लगातार चलते रहे। आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक तनाव भी बढ़ा है। उनका कहना है कि यदि त्योहारी सीजन से पहले बाजार पूरी तरह सामान्य नहीं हुए तो नुकसान की भरपाई मुश्किल होगी।
रफ्तार लौटने में अभी लगेगा वक्त
पालिका बाजार के एक इलेक्ट्रॉनिक्स व्यापारी ने कहा कि फिलहाल कुछ ही दुकानें खुली हैं। जब पूरा बाजार संचालित नहीं होता, तो ग्राहक भी आने से बचते हैं। कारोबार शुरू होने के बावजूद पहले जैसी रौनक और बिक्री लौटने में अभी कुछ समय लगेगा।