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कई अस्पतालों में सिर्फ कागजों और फाइलों में पहुंची दवाएं: सौरभ भारद्वाज
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आरोप, 650 करोड़ के दवा घोटाले के अलावा 400 करोड़ की खरीद में भी गड़बड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार की दवा खरीद व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 650 करोड़ के कथित घोटाले के अलावा करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं 400 करोड़ रुपये में खरीदी गईं, लेकिन इनमें से बड़ी मात्रा में खरीद केवल कागजों में दिखाई गईं।
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जबकि रिकार्ड में आपूर्ति दर्शाई गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में लाखों रुपये की दवाओं की आपूर्ति कागजों में दिखाकर वास्तविकता में अस्पताल तक नहीं पहुंचाई गईं।
उन्होंने दवाओं पर अंकित एमआरपी को लेकर भी सवाल उठाया। पहले केंद्रीय खरीद एजेंसी से ली जाने वाली दवाओं पर एमआरपी नहीं अंकित होती थी, जिन पर स्पष्ट लिखा रहता था कि ये दिल्ली सरकार की आपूर्ति हैं और बिक्री के लिए नहीं। आप नेता ने आरोप लगाया कि 100 करोड़ की खरीदी गई दवाओं में से केवल 20-30 फीसदी ही अस्पताल पहुंची, जबकि 70-80 फीसदी कागजों में आपूर्ति दिखाकर खुले बाजार में निजी केमिस्टों को बेच दी गईं।
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इससे पहले भी भारद्वाज 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले का आरोप लगा चुके हैं। उनके इन आरोपों पर अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार की दवा खरीद व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि 650 करोड़ के कथित घोटाले के अलावा करीब 100 करोड़ रुपये मूल्य की दवाएं 400 करोड़ रुपये में खरीदी गईं, लेकिन इनमें से बड़ी मात्रा में खरीद केवल कागजों में दिखाई गईं।
भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं, जबकि रिकार्ड में आपूर्ति दर्शाई गई है। सरदार वल्लभ भाई पटेल अस्पताल में लाखों रुपये की दवाओं की आपूर्ति कागजों में दिखाकर वास्तविकता में अस्पताल तक नहीं पहुंचाई गईं।
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उन्होंने दवाओं पर अंकित एमआरपी को लेकर भी सवाल उठाया। पहले केंद्रीय खरीद एजेंसी से ली जाने वाली दवाओं पर एमआरपी नहीं अंकित होती थी, जिन पर स्पष्ट लिखा रहता था कि ये दिल्ली सरकार की आपूर्ति हैं और बिक्री के लिए नहीं। आप नेता ने आरोप लगाया कि 100 करोड़ की खरीदी गई दवाओं में से केवल 20-30 फीसदी ही अस्पताल पहुंची, जबकि 70-80 फीसदी कागजों में आपूर्ति दिखाकर खुले बाजार में निजी केमिस्टों को बेच दी गईं।
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इससे पहले भी भारद्वाज 650 करोड़ रुपये के दवा घोटाले का आरोप लगा चुके हैं। उनके इन आरोपों पर अभी तक दिल्ली सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।