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Noida News: कैश वैन कर्मी से लूट और फायरिंग मामले में 7.6 साल का सश्रम कारावास
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नोएडा के जीआईपी मॉल में 6 अगस्त 2012 को बदमाशों ने लूटे थे 15 लाख रुपये
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट ने साल 2012 के एक मामले में कैश वैन के कर्मी से 15 लाख लूटने और सुरक्षाकर्मियों समेत लोगों पर फायरिंग करने वाले आरोपी को 7 साल 6 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 10 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
6 अगस्त 2012 को दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित राइटर सेफगार्ड कंपनी की एक गाड़ी जीआईपी मॉल में एक स्टोर से कैश लेने पहुंची थी। यह कंपनी एटीएम में कैश डालने और बड़े संस्थानों का पैसा एकत्र करने का काम करती है। ड्राइवर ने गाड़ी को मॉल की पार्किंग में पार्क किया था। और पहले से रखे कैश की सुरक्षा के लिए चालक पंकज और गनमैन राजवीर सिंह पार्किंग में ही रुके थे। वहीं, कंपनी का एक अन्य कर्मी सतेंद्र कुमार मॉल में कैश लेने गया था। जैसे ही वह 15.40 लाख रुपये लेकर लिफ्ट के पास पहुंचा तो एक बदमाश विक्रम बैग छीनकर मॉल के गेट नंबर चार की तरफ भाग गया, जहां उसके अन्य साथी गुड्डू और बाबू भी खड़े थे। शोर सुनकर गेट पर तैनात रक्षाकर्मी राजेश ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बदमाश सुरक्षाकर्मी से भिड़ गए। तभी पास में स्थित चौकी से सिपाही गिरवर अन्य लोगों ने बदमाशों को घेर लिया। इस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सुरक्षाकर्मी राजेश, सिपाही गिरवर और एक अन्य व्यक्ति मुकेश घायल हो गए थे। उसके बाद भी घायलों ने लोगों के साथ मिलकर दोनों बदमाश विक्रम और गुड्डू को दबोच लिया। उनके पास से लूट का पैसा बरामद किया गया। जबकि एक अन्य बदमाश बाबू मौके से फरार हो गया। कंपनी की तरफ से सतेंद्र ने सेक्टर-39 कोतवाली में केस दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने जांच कर दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजकर चार्जशीट दाखिल की थी। अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपी विक्रम निवासी हाथरस को सजा सुनाई है।
10 साल से फरार है दूसरा आरोपी गुड्डू
अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जेल जाने के बाद गुड्डू को जमानत मिल गई थी। साल 2016 में जमानत लेने के बाद से वो फरार है। कोर्ट के आरोपी को कई बार समन भेजे, लेकिन वो पेश नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने उसका केस अलग कर दिया। उसके खिलाफ कुर्की औक अन्य कार्रवाई की जा रही है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट ने साल 2012 के एक मामले में कैश वैन के कर्मी से 15 लाख लूटने और सुरक्षाकर्मियों समेत लोगों पर फायरिंग करने वाले आरोपी को 7 साल 6 महीने के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही आरोपी पर विभिन्न धाराओं के तहत 70 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर 10 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
6 अगस्त 2012 को दिल्ली के पंचशील पार्क स्थित राइटर सेफगार्ड कंपनी की एक गाड़ी जीआईपी मॉल में एक स्टोर से कैश लेने पहुंची थी। यह कंपनी एटीएम में कैश डालने और बड़े संस्थानों का पैसा एकत्र करने का काम करती है। ड्राइवर ने गाड़ी को मॉल की पार्किंग में पार्क किया था। और पहले से रखे कैश की सुरक्षा के लिए चालक पंकज और गनमैन राजवीर सिंह पार्किंग में ही रुके थे। वहीं, कंपनी का एक अन्य कर्मी सतेंद्र कुमार मॉल में कैश लेने गया था। जैसे ही वह 15.40 लाख रुपये लेकर लिफ्ट के पास पहुंचा तो एक बदमाश विक्रम बैग छीनकर मॉल के गेट नंबर चार की तरफ भाग गया, जहां उसके अन्य साथी गुड्डू और बाबू भी खड़े थे। शोर सुनकर गेट पर तैनात रक्षाकर्मी राजेश ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन बदमाश सुरक्षाकर्मी से भिड़ गए। तभी पास में स्थित चौकी से सिपाही गिरवर अन्य लोगों ने बदमाशों को घेर लिया। इस पर बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिसमें सुरक्षाकर्मी राजेश, सिपाही गिरवर और एक अन्य व्यक्ति मुकेश घायल हो गए थे। उसके बाद भी घायलों ने लोगों के साथ मिलकर दोनों बदमाश विक्रम और गुड्डू को दबोच लिया। उनके पास से लूट का पैसा बरामद किया गया। जबकि एक अन्य बदमाश बाबू मौके से फरार हो गया। कंपनी की तरफ से सतेंद्र ने सेक्टर-39 कोतवाली में केस दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने जांच कर दोनों आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजकर चार्जशीट दाखिल की थी। अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपी विक्रम निवासी हाथरस को सजा सुनाई है।
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10 साल से फरार है दूसरा आरोपी गुड्डू
अधिवक्ता ने बताया कि पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जेल जाने के बाद गुड्डू को जमानत मिल गई थी। साल 2016 में जमानत लेने के बाद से वो फरार है। कोर्ट के आरोपी को कई बार समन भेजे, लेकिन वो पेश नहीं हुआ, जिसके बाद कोर्ट ने उसका केस अलग कर दिया। उसके खिलाफ कुर्की औक अन्य कार्रवाई की जा रही है।