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Noida News: स्पोर्ट्स सिटी में पांच वर्ष बाद हटी नक्शों पर लगी रोक
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- नोएडा प्राधिकरण की 222वीं बोर्ड बैठक में लगी मुहर, 35 हजार खरीदारों की रजिस्ट्री व फ्लैट मिलने की उम्मीद जगी
नंबर
5 सेक्टरों पर लगी थी रोक
46 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को मिलेगी गति
9318 करोड़ रुपये बकाया हैं स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्पोर्ट्स सिटी के पांच सेक्टरों की परियोजनाओं के नक्शों पर जनवरी 2021 में लगाई गई रोक हटा दी गई है। नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को हुई 222वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। अब स्पोर्ट्स सिटी के सेक्टर-78, 79, 101, 150, और 152 में परियोजनाओं के नए नक्शे मंजूर करने, नक्शों की समय-सीमा बढ़ाने, अधिभोग प्रमाणपत्र की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे इन सेक्टरों में पहले लाॅन्च हो चुकी और फंसी हुई 46 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को फिर से गति मिलेगी। इन परियोजनाओं में 35 हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदार फंसे हुए थे।
फैसले के बाद बन चुके फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू होगी साथ ही अधूरी परियोजनाओं में घर मिलने की उम्मीद जगेगी। इसके साथ ही नई परियोजनाएं भी शुरू होंगी। प्राधिकरण खेल सुविधाओं और बकाये को लेकर अपनी शर्तें बिल्डरों पर प्रभावी करेगा। अहम है कि स्पोर्ट्स सिटी की 311.60 हेक्टेयर जमीन पर सेक्टर-78, 79, 101, 150 और 152 में 46 परियोजनाएं अस्तित्व में हैं। इनका नक्शा नोएडा प्राधिकरण की तरफ से पास किया गया है।
उस नक्शे और आसपास प्रस्तावित खेल सुविधाओं के सपने दिखाकर बिल्डरों ने फ्लैट बेचे थे। करीब 14 परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने के साथ कई अटके हुए हैं। सेक्टर-79 और 150 में 16 परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों ने रहना शुरू कर दिया है। बगैर रजिस्ट्री के रहने वाले इन फ्लैट खरीदारों की संख्या करीब 15 हजार है। जबकि 20 हजार फ्लैट निर्माणाधीन हैं या काम पूरा होने वाला है। फ्लैट के इन टावरों को प्राधिकरण की तरफ से अधिभोग प्रमाण पत्र मिलते ही कब्जा मिलना शुरू हो जाएगा। ओसी-सीसी पर रोक नोएडा प्राधिकरण ने जनवरी-2021 में लगाई थी। तब प्राधिकरण का यह पक्ष था कि बिल्डर बकाया जमा कर खेल सुविधाएं विकसित करें तो रोक हटा दी जाएगी। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों पर 9318 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है।
सेक्टर-150 में संशोधित लेआउट को मंजूरी
- 8 हजार फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ
बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 सेक्टर-150 के संशोधित लेआउट मास्टर प्लान को भी मंजूरी दी गई। इस प्लाॅट का क्षेत्रफल करीब 13.29 लाख वर्गमीटर है। उप-विभाजन के बाद प्लाॅट के 24 टुकड़े हो चुके हैं जिनमें से 13 ग्रुप हाउसिंग के नक्शे भी प्राधिकरण ने पास किए हैं। इनमें 8 हजार फ्लैट खरीदार बगैर रजिस्ट्री के रहते हैं। अब यहां रजिस्ट्री का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही मानक के मुताबिक इस प्लाॅट क्षेत्रफल में 29.47 प्रतिशत के हिसाब से यानि 3.91 लाख वर्गमीटर जमीन पर ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैट बन सकेंगे। यहां शुरू होने वाली नई परियोजनाओं में और 10 हजार फ्लैट बनेंगे। सेक्टर में गौर संस, काउंटी ग्रुप, समृद्धि ग्रुप, ऐस आदि बिल्डरों की परियोजनाएं हैं। कुछ और परियोजनाएं यहां लॉन्च होंगी। इस भूखंड पर खेल सुविधाओं के रूप में टेनिस सेंटर, इंडोर मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल, स्वीमिंग एंड मेडिकल सेंटर, 9 होल का गोल्फ कोर्स, मल्टीपर्पज खेल का मैदान, क्रिकेट एकेडमी बनाई जाएंगी। खेल सुविधाओं से जुड़े प्लाॅट पर सुविधाएं नहीं विकसित होने तक प्राधिकरण ने 20 प्रतिशत फ्लैट बंधक बनाने की योजना तैयार की है। इसके साथ ही तीन साल का समय भी बिल्डरों को दिया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि संशोधित ले आउट उन्हीं बिल्डरों का मंजूर माना जाएगा जो खेल सुविधाएं विकसित करने का पूरा प्लान देंगे। खेल सुविधाएं विकसित होने पर ही अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
प्वाइंटर
- स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं में नक्शों पर मंजूरी देने की रोक जनवरी 2021 से लगी हुई थी। प्राधिकरण की 201 वीं बोर्ड बैठक में रोक लगाई गई थी। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड पर रोक हटाई गई थी।
10,290 करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी
सोमवार को सेक्टर-6 स्थित कार्यालय के बोर्डरूम में अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त व चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। बैठक में नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि एनजी व यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य एजेंडा नोएडा का वित्तीय वर्ष 2026-027 का बजट था। प्राधिकरण की तरफ से 10,290 करोड़ 76 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा गया। इसे बोर्ड ने मंजूरी दी। बजट में प्राप्तियों के साथ प्राधिकरण ने 10,004 करोड़ 58 लाख रुपये के व्यय का भी लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष 2025-026 में प्राधिकरण को 9008 करोड़ 26 लाख रुपये के लक्ष्य की तुलना में 6589 करोड़ 35 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है।
ओटीएस को सैद्धांतिक मंजूरी, शासन के निर्देश पर आगे लागू होगा
नोएडा प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग, आवासीय भवन, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस के बकाएदार आवंटियों के लिए राहत की खबर है। प्राधिकरण के बोर्ड ने एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लाने की सैद्धांतिक सहमति दी। इसमें ब्याज पर राहत का विकल्प प्राधिकरण देगा। आगे ओटीएस को शासन स्तर से दिशा-निर्देश प्राप्त कर प्राधिकरण लागू करेगा।
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5 सेक्टरों पर लगी थी रोक
46 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को मिलेगी गति
9318 करोड़ रुपये बकाया हैं स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों पर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। स्पोर्ट्स सिटी के पांच सेक्टरों की परियोजनाओं के नक्शों पर जनवरी 2021 में लगाई गई रोक हटा दी गई है। नोएडा प्राधिकरण की सोमवार को हुई 222वीं बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लग गई। अब स्पोर्ट्स सिटी के सेक्टर-78, 79, 101, 150, और 152 में परियोजनाओं के नए नक्शे मंजूर करने, नक्शों की समय-सीमा बढ़ाने, अधिभोग प्रमाणपत्र की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे इन सेक्टरों में पहले लाॅन्च हो चुकी और फंसी हुई 46 ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को फिर से गति मिलेगी। इन परियोजनाओं में 35 हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदार फंसे हुए थे।
फैसले के बाद बन चुके फ्लैटों की रजिस्ट्री शुरू होगी साथ ही अधूरी परियोजनाओं में घर मिलने की उम्मीद जगेगी। इसके साथ ही नई परियोजनाएं भी शुरू होंगी। प्राधिकरण खेल सुविधाओं और बकाये को लेकर अपनी शर्तें बिल्डरों पर प्रभावी करेगा। अहम है कि स्पोर्ट्स सिटी की 311.60 हेक्टेयर जमीन पर सेक्टर-78, 79, 101, 150 और 152 में 46 परियोजनाएं अस्तित्व में हैं। इनका नक्शा नोएडा प्राधिकरण की तरफ से पास किया गया है।
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उस नक्शे और आसपास प्रस्तावित खेल सुविधाओं के सपने दिखाकर बिल्डरों ने फ्लैट बेचे थे। करीब 14 परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने के साथ कई अटके हुए हैं। सेक्टर-79 और 150 में 16 परियोजनाओं में फ्लैट खरीदारों ने रहना शुरू कर दिया है। बगैर रजिस्ट्री के रहने वाले इन फ्लैट खरीदारों की संख्या करीब 15 हजार है। जबकि 20 हजार फ्लैट निर्माणाधीन हैं या काम पूरा होने वाला है। फ्लैट के इन टावरों को प्राधिकरण की तरफ से अधिभोग प्रमाण पत्र मिलते ही कब्जा मिलना शुरू हो जाएगा। ओसी-सीसी पर रोक नोएडा प्राधिकरण ने जनवरी-2021 में लगाई थी। तब प्राधिकरण का यह पक्ष था कि बिल्डर बकाया जमा कर खेल सुविधाएं विकसित करें तो रोक हटा दी जाएगी। लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है। स्पोर्ट्स सिटी के बिल्डरों पर 9318 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है।
सेक्टर-150 में संशोधित लेआउट को मंजूरी
- 8 हजार फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ
बोर्ड बैठक में स्पोर्ट्स सिटी के प्लाट नंबर-2 सेक्टर-150 के संशोधित लेआउट मास्टर प्लान को भी मंजूरी दी गई। इस प्लाॅट का क्षेत्रफल करीब 13.29 लाख वर्गमीटर है। उप-विभाजन के बाद प्लाॅट के 24 टुकड़े हो चुके हैं जिनमें से 13 ग्रुप हाउसिंग के नक्शे भी प्राधिकरण ने पास किए हैं। इनमें 8 हजार फ्लैट खरीदार बगैर रजिस्ट्री के रहते हैं। अब यहां रजिस्ट्री का रास्ता खुलेगा। इसके साथ ही मानक के मुताबिक इस प्लाॅट क्षेत्रफल में 29.47 प्रतिशत के हिसाब से यानि 3.91 लाख वर्गमीटर जमीन पर ग्रुप हाउसिंग के तहत फ्लैट बन सकेंगे। यहां शुरू होने वाली नई परियोजनाओं में और 10 हजार फ्लैट बनेंगे। सेक्टर में गौर संस, काउंटी ग्रुप, समृद्धि ग्रुप, ऐस आदि बिल्डरों की परियोजनाएं हैं। कुछ और परियोजनाएं यहां लॉन्च होंगी। इस भूखंड पर खेल सुविधाओं के रूप में टेनिस सेंटर, इंडोर मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स हॉल, स्वीमिंग एंड मेडिकल सेंटर, 9 होल का गोल्फ कोर्स, मल्टीपर्पज खेल का मैदान, क्रिकेट एकेडमी बनाई जाएंगी। खेल सुविधाओं से जुड़े प्लाॅट पर सुविधाएं नहीं विकसित होने तक प्राधिकरण ने 20 प्रतिशत फ्लैट बंधक बनाने की योजना तैयार की है। इसके साथ ही तीन साल का समय भी बिल्डरों को दिया है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि संशोधित ले आउट उन्हीं बिल्डरों का मंजूर माना जाएगा जो खेल सुविधाएं विकसित करने का पूरा प्लान देंगे। खेल सुविधाएं विकसित होने पर ही अधिभोग प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
प्वाइंटर
- स्पोर्ट्स सिटी की परियोजनाओं में नक्शों पर मंजूरी देने की रोक जनवरी 2021 से लगी हुई थी। प्राधिकरण की 201 वीं बोर्ड बैठक में रोक लगाई गई थी। 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सिर्फ सेक्टर-150 के एससी-02 भूखंड पर रोक हटाई गई थी।
10,290 करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी
सोमवार को सेक्टर-6 स्थित कार्यालय के बोर्डरूम में अवस्थापना व औद्योगिक विकास आयुक्त व चेयरमैन दीपक कुमार की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई। बैठक में नोएडा के सीईओ कृष्ण करुणेश, ग्रेटर नोएडा के सीईओ रवि एनजी व यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य एजेंडा नोएडा का वित्तीय वर्ष 2026-027 का बजट था। प्राधिकरण की तरफ से 10,290 करोड़ 76 लाख रुपये के बजट का प्रस्ताव रखा गया। इसे बोर्ड ने मंजूरी दी। बजट में प्राप्तियों के साथ प्राधिकरण ने 10,004 करोड़ 58 लाख रुपये के व्यय का भी लक्ष्य रखा है। वित्तीय वर्ष 2025-026 में प्राधिकरण को 9008 करोड़ 26 लाख रुपये के लक्ष्य की तुलना में 6589 करोड़ 35 लाख रुपये की प्राप्ति हुई है।
ओटीएस को सैद्धांतिक मंजूरी, शासन के निर्देश पर आगे लागू होगा
नोएडा प्राधिकरण के ग्रुप हाउसिंग, आवासीय भवन, वाणिज्यिक, संस्थागत, औद्योगिक, आईटी-आईटीएस के बकाएदार आवंटियों के लिए राहत की खबर है। प्राधिकरण के बोर्ड ने एकमुश्त समाधान (ओटीएस) योजना लाने की सैद्धांतिक सहमति दी। इसमें ब्याज पर राहत का विकल्प प्राधिकरण देगा। आगे ओटीएस को शासन स्तर से दिशा-निर्देश प्राप्त कर प्राधिकरण लागू करेगा।