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Noida News: सिरिंज मामले में डाटा एंट्री ऑपरेटर पर कार्रवाई, कार्य बदला
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जिला अस्पताल में इंसानों की जगह जानवरों की सिरिंज ऑर्डर करने का मामला
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इंसानों की सिरिंंज की जगह जानवरों की सिरिंज(वेटरनरी सिरिंज) ऑर्डर करने के मामले में जिला अस्पताल के डाटा एंट्री ऑपरेटर योगेश कुमार का कार्य बदल दिया गया है। इसे नशा मुक्ति केंद्र में स्थानांतरित दिया गया है। साथ ही कमेटी गठित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कमेटी में अस्पताल के एमएस डॉ. अरविंद मलिक और नेत्र रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पंकज त्रिपाठी को शामिल किया गया है।
बता दें कि सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में 60 हजार वेटरनरी सिरिंज ऑर्डर कर दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि सिरिंज अस्पताल में आने से पहले ही वापस कर दी गईं। कर्मचारियों के मुताबिक आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से 2016 से अस्पताल में काम कर रहा है। शिकायत मिलने पर अधिकारियों ने इसे कुछ दिन के लिए नौकरी से हटा दिया था।
कोट
डाटा एंट्री ऑपरेटर से तकनीकी गलती हुई है। ऐसे में उसका कार्य बदल दिया गया है। कमेटी गठित करके मामले की जांच जारी है।
-डॉ. अजय राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। इंसानों की सिरिंंज की जगह जानवरों की सिरिंज(वेटरनरी सिरिंज) ऑर्डर करने के मामले में जिला अस्पताल के डाटा एंट्री ऑपरेटर योगेश कुमार का कार्य बदल दिया गया है। इसे नशा मुक्ति केंद्र में स्थानांतरित दिया गया है। साथ ही कमेटी गठित करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कमेटी में अस्पताल के एमएस डॉ. अरविंद मलिक और नेत्र रोग विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पंकज त्रिपाठी को शामिल किया गया है।
बता दें कि सेक्टर-39 स्थित जिला अस्पताल में 60 हजार वेटरनरी सिरिंज ऑर्डर कर दिया गया था। प्रशासन का कहना है कि सिरिंज अस्पताल में आने से पहले ही वापस कर दी गईं। कर्मचारियों के मुताबिक आरोपी डाटा एंट्री ऑपरेटर आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से 2016 से अस्पताल में काम कर रहा है। शिकायत मिलने पर अधिकारियों ने इसे कुछ दिन के लिए नौकरी से हटा दिया था।
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डाटा एंट्री ऑपरेटर से तकनीकी गलती हुई है। ऐसे में उसका कार्य बदल दिया गया है। कमेटी गठित करके मामले की जांच जारी है।
-डॉ. अजय राणा, सीएमएस, जिला अस्पताल