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Noida News: चालान के नाम पर ठगी का नया खेल, फाइल डाउनलोड करते ही खाते से निकले 14.55 लाख
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व्हाट्सएप पर आया आरटीओ चालान का एपीके फाइल, क्लिक करते 14.55 लाख साफ
- साइबर ठगों ने एप के जरिये हासिल की बैंकिंग जानकारी, व्हाट्सएप अकाउंट भी किया हैक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठग अब यातायात चालान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। नोएडा में एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान नाम की फाइल भेजी गई। इस एपीके फाइल खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी भरना पीड़ित को भारी पड़ गया। कुछ ही देर में उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया और बैंक खाते से 14.55 लाख रुपये तीन अलग-अलग आरटीजीएस ट्रांजेक्शन के जरिये निकाल लिए गए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नोएडा निवासी मनोज कुमार पटेल ने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई 2026 को उनके व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान से संबंधित एपीके फाइल आई थी। उन्होंने फाइल खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी भर दी। इसके बाद उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया। आरोप है कि ठगों ने उनके कॉल को दूसरे मोबाइल नंबर पर फॉरवर्ड कर दिया। इसके बाद बैंकिंग लेनदेन के जरिये रकम निकाल ली गई।
पीड़ित के अनुसार, ठगों ने बैंक खाते की लेनदेन सीमा भी बढ़ाकर करीब 21 लाख रुपये कर दी। इसके बाद खाते से तीन आरटीजीएस ट्रांजेक्शन किए गए। पहली बार चार लाख रुपये, दूसरी बार छह लाख रुपये और तीसरी बार चार लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 14 लाख 55 हजार रुपये की ठगी हुई। पीड़ित ने घटना के बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ऐसे बचें एपीके फाइल वाले साइबर फ्रॉड से
- व्हाट्सएप पर आई एपीके फाइल न खोलें। आरटीओ चालान, बिजली बिल, बैंक अपडेट या किसी सरकारी सेवा के नाम पर भेजी गई अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- आधिकारिक वेबसाइट से ही चालान जांचें: किसी मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर चालान की जानकारी जांचें।
- निजी जानकारी साझा न करें: मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, कार्ड डिटेल, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान लिंक या एप में दर्ज न करें।
- फोन में अनजान एप दिखे तो तुरंत हटाएं: किसी संदिग्ध एप को इंस्टॉल करने के बाद बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर बैंक से संपर्क कर खाते की सुरक्षा बढ़ाएं।
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- साइबर ठगों ने एप के जरिये हासिल की बैंकिंग जानकारी, व्हाट्सएप अकाउंट भी किया हैक
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर ठग अब यातायात चालान के नाम पर लोगों को निशाना बना रहे हैं। नोएडा में एक व्यक्ति को व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान नाम की फाइल भेजी गई। इस एपीके फाइल खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी भरना पीड़ित को भारी पड़ गया। कुछ ही देर में उसका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया और बैंक खाते से 14.55 लाख रुपये तीन अलग-अलग आरटीजीएस ट्रांजेक्शन के जरिये निकाल लिए गए।
पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। नोएडा निवासी मनोज कुमार पटेल ने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई 2026 को उनके व्हाट्सएप पर आरटीओ चालान से संबंधित एपीके फाइल आई थी। उन्होंने फाइल खोलकर उसमें मांगी गई जानकारी भर दी। इसके बाद उनका व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया। आरोप है कि ठगों ने उनके कॉल को दूसरे मोबाइल नंबर पर फॉरवर्ड कर दिया। इसके बाद बैंकिंग लेनदेन के जरिये रकम निकाल ली गई।
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पीड़ित के अनुसार, ठगों ने बैंक खाते की लेनदेन सीमा भी बढ़ाकर करीब 21 लाख रुपये कर दी। इसके बाद खाते से तीन आरटीजीएस ट्रांजेक्शन किए गए। पहली बार चार लाख रुपये, दूसरी बार छह लाख रुपये और तीसरी बार चार लाख 55 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। इस तरह कुल 14 लाख 55 हजार रुपये की ठगी हुई। पीड़ित ने घटना के बाद साइबर क्राइम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई थी। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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ऐसे बचें एपीके फाइल वाले साइबर फ्रॉड से
- व्हाट्सएप पर आई एपीके फाइल न खोलें। आरटीओ चालान, बिजली बिल, बैंक अपडेट या किसी सरकारी सेवा के नाम पर भेजी गई अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।
- आधिकारिक वेबसाइट से ही चालान जांचें: किसी मैसेज में दिए लिंक पर क्लिक करने के बजाय संबंधित सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर चालान की जानकारी जांचें।
- निजी जानकारी साझा न करें: मोबाइल नंबर, बैंक खाते की जानकारी, कार्ड डिटेल, ओटीपी, यूपीआई पिन या अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान लिंक या एप में दर्ज न करें।
- फोन में अनजान एप दिखे तो तुरंत हटाएं: किसी संदिग्ध एप को इंस्टॉल करने के बाद बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर बैंक से संपर्क कर खाते की सुरक्षा बढ़ाएं।