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Noida News: जलभराव समेत सुविधाओं की कमी से जूझ रहे साइट-5 के उद्यमी
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ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ
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- उद्यमियों ने कहा कि एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क बनाकर सुविधा देना भूल गया यूपीसीडा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी) साइट-5 के निर्यातक मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से परेशान हैं। उनका कहना है कि यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने का दावा कर ईपीआईपी बनाया लेकिन मूलभूत सुविधाओं विकसित करना भूल गया। बारिश होते ही सेक्टर में जलभराव हो जाता है। सेक्टर में पानी की आपूर्ति तक नहीं है। बोरवेल कराने पर एनजीटी की कार्रवाई का डर रहता है। उद्यमी करीब 30 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।
बुधवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में निर्यातकों ने अपनी समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ईपीआईपी बनाया था। यहां उद्योग लगाने वाले निर्यातक हर संभव प्रयास कर रहे है लेकिन उनका यूपीसीडा व सरकार से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। सेक्टर में पानी की आपूर्ति नहीं है। निर्यातकों ने स्वयं नालियां बनाई लेकिन उनको मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया। इस कारण सड़कों पर पानी भरा रहता है। बारिश होते ही दो फीट तक पानी भर जाता है। सेक्टर के गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं पर काम नहीं करते है।
आरोप है कि 52 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रही है। एक साल पहले सड़कें बनी थी वो भी टूटने लगी हैं। पेट्रोलिंग की सुविधा भी अच्छी नहीं है। ट्रक पार्किंग नहीं है। सेक्टर को सार्वजनिक यातायात से नहीं जोड़ा गया है। श्रमिकों के लिए सस्ते मकान नहीं है।
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मूलभूत सुविधाओं का है आभाव
सार्वजनिक परिवहन से लेकर पानी आपूर्ति, जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों में उपलब्ध है, मौके पर कुछ नहीं है। - शुभम किरोड़ीमल अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ एक्सपोर्टस
पुराना सेक्टर है लेकिन एसटीपी नहीं है। नालों से भी सेक्टर को नहीं जोड़ा गया है। निर्यातकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। -अरबिंदर सिंह कोहली
सभी 52 प्रतिशत प्रति वर्गमीटर की दर से मेंटेनेंस शुल्क दे रहे है लेकिन सुविधा शून्य मिल रही है। बेसिक जरूरतों के लिए दुकानें भी नहीं है। - अनूप शर्मा
सेक्टर में काफी उद्योग निवेशकों के नाम आवंटित है। जो अब तक शुरू नहीं हो सके है। यूपीसीडा को इस पर ध्यान देना चाहिए। - मोहम्मद आरिफ
यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के मकसद से विशेष जोन बनाया था। मूलभूत सुविधा नहीं होने से उद्योगों को चलाना मुश्किल हो रहा है।-रौनक अरोड़ा यहां श्रमिकों के पास सस्ते मकान नहीं है। दूर से आने के लिए उनके पास सार्वजनिक साधन नहीं है। इन समस्याओं पर काम करने की जरूरत है। -विकास शर्मा
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। एक्सपोर्ट प्रमोशन इंडस्ट्रियल पार्क (ईपीआईपी) साइट-5 के निर्यातक मूलभूत सुविधा नहीं मिलने से परेशान हैं। उनका कहना है कि यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने का दावा कर ईपीआईपी बनाया लेकिन मूलभूत सुविधाओं विकसित करना भूल गया। बारिश होते ही सेक्टर में जलभराव हो जाता है। सेक्टर में पानी की आपूर्ति तक नहीं है। बोरवेल कराने पर एनजीटी की कार्रवाई का डर रहता है। उद्यमी करीब 30 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं।
बुधवार को आयोजित अमर उजाला संवाद में निर्यातकों ने अपनी समस्याओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ईपीआईपी बनाया था। यहां उद्योग लगाने वाले निर्यातक हर संभव प्रयास कर रहे है लेकिन उनका यूपीसीडा व सरकार से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा है। सेक्टर में पानी की आपूर्ति नहीं है। निर्यातकों ने स्वयं नालियां बनाई लेकिन उनको मुख्य नाले से नहीं जोड़ा गया। इस कारण सड़कों पर पानी भरा रहता है। बारिश होते ही दो फीट तक पानी भर जाता है। सेक्टर के गेट पर सुरक्षाकर्मी तैनात हैं पर काम नहीं करते है।
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आरोप है कि 52 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क देने के बाद भी सुविधाएं नहीं मिल रही है। एक साल पहले सड़कें बनी थी वो भी टूटने लगी हैं। पेट्रोलिंग की सुविधा भी अच्छी नहीं है। ट्रक पार्किंग नहीं है। सेक्टर को सार्वजनिक यातायात से नहीं जोड़ा गया है। श्रमिकों के लिए सस्ते मकान नहीं है।
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मूलभूत सुविधाओं का है आभाव
सार्वजनिक परिवहन से लेकर पानी आपूर्ति, जल निकासी, सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों में उपलब्ध है, मौके पर कुछ नहीं है। - शुभम किरोड़ीमल अग्रवाल, अध्यक्ष चैंबर ऑफ एक्सपोर्टस
पुराना सेक्टर है लेकिन एसटीपी नहीं है। नालों से भी सेक्टर को नहीं जोड़ा गया है। निर्यातकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। -अरबिंदर सिंह कोहली
सभी 52 प्रतिशत प्रति वर्गमीटर की दर से मेंटेनेंस शुल्क दे रहे है लेकिन सुविधा शून्य मिल रही है। बेसिक जरूरतों के लिए दुकानें भी नहीं है। - अनूप शर्मा
सेक्टर में काफी उद्योग निवेशकों के नाम आवंटित है। जो अब तक शुरू नहीं हो सके है। यूपीसीडा को इस पर ध्यान देना चाहिए। - मोहम्मद आरिफ
यूपीसीडा ने निर्यात को बढ़ावा देने के मकसद से विशेष जोन बनाया था। मूलभूत सुविधा नहीं होने से उद्योगों को चलाना मुश्किल हो रहा है।-रौनक अरोड़ा यहां श्रमिकों के पास सस्ते मकान नहीं है। दूर से आने के लिए उनके पास सार्वजनिक साधन नहीं है। इन समस्याओं पर काम करने की जरूरत है। -विकास शर्मा

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ

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ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ

ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक सेक्टर ईपीआईपी (साइट-5) में बारिश के बाद सड़को पर हो जाता है जलभराव। आ