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Noida News: आप बने 12 लाख के विजेता... फर्जी टिकट से ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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नोएडा। फेस-3 पुलिस एवं साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया एप के माध्यम से लॉटरी के नाम पर ठगी करने वा
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50 रुपये का टिकट... 12 लाख का झांसा, लॉटरी ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
-कोतवाली फेज-3 पुलिस और साइबर सेल ने 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार
- - सोशल मीडिया पर फर्जी लॉटरी और इनाम का लालच देकर दक्षिण भारत के लोगों से करते थे ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली फेज-3 पुलिस व साइबर सेल ने सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लॉटरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये जालसाज 50 रुपये का फर्जी टिकट भेजकर 12 लाख की लॉटरी लगने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को सेक्टर-121 से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त 20 मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और 10,200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले करीब दो महीने से एनसीआरपी पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और बैंक खातों से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने गोपनीय सूचना और बीट पुलिसिंग के आधार पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी लॉटरी और इनाम जीतने से जुड़े विज्ञापन प्रसारित करते थे। लोगों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापनों में अपने मोबाइल नंबर भी साझा करते थे। संपर्क करने वाले लोगों को महज 50 रुपये में फर्जी लॉटरी टिकट भेजा जाता था। कुछ समय बाद उन्हें 12 लाख रुपये की लॉटरी लगने की सूचना देकर झांसे में लिया जाता था।
इसके बाद आरोपित टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस, आरबीआई क्लीयरेंस और फाइनल ट्रांसफर चार्ज के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी पिछले कुछ महीने से नोएडा में ठगी कर रहे थे।
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आयकर व आरबीआई के फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल : पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी की तरफ से आयकर विभाग और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी प्रमाणपत्र भी तैयार किए जाते थे। इन फर्जी प्रमाण पत्र को व्हाट्सएप के जरिए पीडि़तों को भेजकर यह विश्वास दिलाया जाता था कि लॉटरी की धनराशि जारी होने वाली है। इसके बाद उनसे लगातार रुपये ऐंठे जाते थे।
दक्षिण भारतीय निशाने पर : जांच में पता चला कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस गिरोह के खिलाफ करीब 18 शिकायतें दर्ज हैं। ये सभी शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर हैं। गिरोह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाता था और पीड़ितों से उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत कर विश्वास जीतता था। शिकायत करने वाले अधिकतर लोग भी दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार आरोपी :
एलन एंटनी, सर्जापुर, बेंगलुरू( 27), अंकित कुमार, नांलदा, बिहार (18), राहुल, नांलदा बिहार (18), शकील, कलबुर्गी, बेंगलुरू(29) राजशेखर, बनारगटा, बेंगलुरू(29), गुरु प्रसाद, गुलबर्गा, कर्नाटक (22), विनय डीपी, कुडकु, कर्नाटक (28), विनोद कुमार, बोमनाहली, कर्नाटक (33) , संतोष, चिक्काजाला, बेंगलुरू (24), चेतन, कलबुर्गी, बेंगलुरू (21)। आरोपियों ने 10वीं, 12 तक पढ़ाई की है।
-कोतवाली फेज-3 पुलिस और साइबर सेल ने 10 आरोपियों को किया गिरफ्तार
- - सोशल मीडिया पर फर्जी लॉटरी और इनाम का लालच देकर दक्षिण भारत के लोगों से करते थे ठगी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कोतवाली फेज-3 पुलिस व साइबर सेल ने सोशल मीडिया के जरिए फर्जी लॉटरी का झांसा देकर लोगों से ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पर्दाफाश किया है। ये जालसाज 50 रुपये का फर्जी टिकट भेजकर 12 लाख की लॉटरी लगने का झांसा देकर ठगी करते थे। पुलिस ने गिरोह के 10 शातिर सदस्यों को सेक्टर-121 से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी में प्रयुक्त 20 मोबाइल फोन, चार डेबिट कार्ड और 10,200 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।
नोएडा सेंट्रल के एडीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया कि पिछले करीब दो महीने से एनसीआरपी पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबरों, आईएमईआई और बैंक खातों से संबंधित शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद साइबर सेल और स्थानीय पुलिस ने गोपनीय सूचना और बीट पुलिसिंग के आधार पर संयुक्त कार्रवाई करते हुए पूरे गिरोह को दबोच लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे फेसबुक और इंस्टाग्राम पर फर्जी लॉटरी और इनाम जीतने से जुड़े विज्ञापन प्रसारित करते थे। लोगों को आकर्षित करने के लिए विज्ञापनों में अपने मोबाइल नंबर भी साझा करते थे। संपर्क करने वाले लोगों को महज 50 रुपये में फर्जी लॉटरी टिकट भेजा जाता था। कुछ समय बाद उन्हें 12 लाख रुपये की लॉटरी लगने की सूचना देकर झांसे में लिया जाता था।
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इसके बाद आरोपित टीडीएस, जीएसटी, एनओसी, इनकम टैक्स क्लीयरेंस, आरबीआई क्लीयरेंस और फाइनल ट्रांसफर चार्ज के नाम पर अलग-अलग किस्तों में रकम अपने फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ठगी को अंजाम देने के लिए फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड का इस्तेमाल किया जाता था। आरोपी पिछले कुछ महीने से नोएडा में ठगी कर रहे थे।
आयकर व आरबीआई के फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल : पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी की तरफ से आयकर विभाग और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के फर्जी प्रमाणपत्र भी तैयार किए जाते थे। इन फर्जी प्रमाण पत्र को व्हाट्सएप के जरिए पीडि़तों को भेजकर यह विश्वास दिलाया जाता था कि लॉटरी की धनराशि जारी होने वाली है। इसके बाद उनसे लगातार रुपये ऐंठे जाते थे।
दक्षिण भारतीय निशाने पर : जांच में पता चला कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में इस गिरोह के खिलाफ करीब 18 शिकायतें दर्ज हैं। ये सभी शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल पर हैं। गिरोह मुख्य रूप से दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाता था और पीड़ितों से उनकी स्थानीय भाषा में बातचीत कर विश्वास जीतता था। शिकायत करने वाले अधिकतर लोग भी दक्षिण भारत के अलग अलग राज्यों के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार आरोपी :
एलन एंटनी, सर्जापुर, बेंगलुरू( 27), अंकित कुमार, नांलदा, बिहार (18), राहुल, नांलदा बिहार (18), शकील, कलबुर्गी, बेंगलुरू(29) राजशेखर, बनारगटा, बेंगलुरू(29), गुरु प्रसाद, गुलबर्गा, कर्नाटक (22), विनय डीपी, कुडकु, कर्नाटक (28), विनोद कुमार, बोमनाहली, कर्नाटक (33) , संतोष, चिक्काजाला, बेंगलुरू (24), चेतन, कलबुर्गी, बेंगलुरू (21)। आरोपियों ने 10वीं, 12 तक पढ़ाई की है।