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Noida News: निवेश पर तीन गुना रिटर्न देने का झांसा देकर दो लोगों से 48 लाख की ठगी
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निवेश पर तीन गुना रिटर्न देने का झांसा देकर दो लोगों से 48 लाख की ठगी
- फर्जी निवेश ऐप और टेलीग्राम के जरिए बनाया शिकार, साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दो लोगों से करीब 48 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने शेयर बाजार में निवेश पर कई गुना लाभ का झांसा देकर पहले पीड़ितों का भरोसा जीता और फिर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोतवाली फेज-2 क्षेत्र निवासी रेलवे से सेवानिवृत्त अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की है कि उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज कुछ महीने पहले आया था। मैसेज करने वाले ने खुद को प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के दौरान उसे शेयर बाजार में कम समय में तीन गुना तक मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद राजेंद्र से एक निवेश एप डाउनलोड कराकर उसमें खाता खुलवाया गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 35 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालनी चाही तो अतिरिक्त पैसे जमा कराने की मांग की गई। रकम देने से इनकार करने पर उनका अकाउंट फ्रीज करने की बात कही गई और फिर सभी संपर्क बंद कर दिए गए।
इसी तरह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला को टेलीग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का ऑफर मिला। शुरुआत में छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क देकर भरोसा बनाया गया। बाद में उन्हें शेयर बाजार में निवेश से अधिक कमाई का लालच दिया गया और एक एप डाउनलोड कराया गया। अलग-अलग चरणों में उनसे करीब 13 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया तो सफलता नहीं मिली और कुछ समय बाद ठगों ने बातचीत बंद कर दी। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित
- व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिले निवेश संबंधी ऑफर पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
- किसी भी एप या निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता जांचे बिना पैसा निवेश न करें।
- कम समय में कई गुना मुनाफा जैसे दावों से सतर्क रहें।
- टैक्स, अनलॉक फीस या प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर दोबारा पैसे मांगना साइबर ठगी का सामान्य तरीका है।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक विवरण, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग ऐप का इस्तेमाल न करें।
- ठगी का संदेह होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
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- फर्जी निवेश ऐप और टेलीग्राम के जरिए बनाया शिकार, साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा के दो लोगों से करीब 48 लाख रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने शेयर बाजार में निवेश पर कई गुना लाभ का झांसा देकर पहले पीड़ितों का भरोसा जीता और फिर फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए लाखों रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। दोनों मामलों में साइबर क्राइम थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
कोतवाली फेज-2 क्षेत्र निवासी रेलवे से सेवानिवृत्त अधिकारी ने पुलिस से शिकायत की है कि उनके मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज कुछ महीने पहले आया था। मैसेज करने वाले ने खुद को प्रतिष्ठित निवेश कंपनी का प्रतिनिधि बताया। बातचीत के दौरान उसे शेयर बाजार में कम समय में तीन गुना तक मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद राजेंद्र से एक निवेश एप डाउनलोड कराकर उसमें खाता खुलवाया गया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग किस्तों में करीब 35 लाख रुपये निवेश कर दिए। बाद में जब उन्होंने अपनी रकम वापस निकालनी चाही तो अतिरिक्त पैसे जमा कराने की मांग की गई। रकम देने से इनकार करने पर उनका अकाउंट फ्रीज करने की बात कही गई और फिर सभी संपर्क बंद कर दिए गए।
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इसी तरह ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर क्षेत्र की रहने वाली महिला को टेलीग्राम पर वर्क फ्रॉम होम का ऑफर मिला। शुरुआत में छोटे-छोटे ऑनलाइन टास्क देकर भरोसा बनाया गया। बाद में उन्हें शेयर बाजार में निवेश से अधिक कमाई का लालच दिया गया और एक एप डाउनलोड कराया गया। अलग-अलग चरणों में उनसे करीब 13 लाख रुपये जमा करा लिए गए। जब उन्होंने निवेश की रकम निकालने का प्रयास किया तो सफलता नहीं मिली और कुछ समय बाद ठगों ने बातचीत बंद कर दी। डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि पुलिस ठगी में इस्तेमाल हुए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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ऐसे रहें साइबर ठगी से सुरक्षित
- व्हाट्सएप, टेलीग्राम या सोशल मीडिया पर मिले निवेश संबंधी ऑफर पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
- किसी भी एप या निवेश प्लेटफॉर्म की वैधता जांचे बिना पैसा निवेश न करें।
- कम समय में कई गुना मुनाफा जैसे दावों से सतर्क रहें।
- टैक्स, अनलॉक फीस या प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर दोबारा पैसे मांगना साइबर ठगी का सामान्य तरीका है।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बैंक विवरण, ओटीपी या स्क्रीन शेयरिंग ऐप का इस्तेमाल न करें।
- ठगी का संदेह होते ही तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।