{"_id":"6a1d8ebd226d4844080ab3d9","slug":"fgfd-grnoida-news-c-1-noi1095-4347097-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: यमुना-गंगा के लिंक एक्सप्रेसवे से न्यू नोएडा को कनेक्टिविटी की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: यमुना-गंगा के लिंक एक्सप्रेसवे से न्यू नोएडा को कनेक्टिविटी की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
यमुना-गंगा के लिंक एक्सप्रेस-वे से न्यू नोएडा को कनेक्टिविटी की तैयारी
-नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी, कनेक्टिविटी का स्थल बुलंदशहर में प्राधिकरण जल्द तय करेगा
-न्यू नोएडा क्षेत्र में मौजूद चौड़ी सड़कों किनारे सेक्टर लाने की तैयारी, ऐसी प्रमुख सड़कें और उनके किनारे की जमीन चिन्हित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी से खुर्जा के बीच 80 गांव की जमीन पर प्रस्तावित दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (न्यू नोएडा) को यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित 72 किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है। न्यू नोएडा के विकासकर्ता नोएडा प्राधिकरण ने इसको लेकर मंथन शुरू कर दिया है। प्राधिकरण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को पत्र लिखकर न्यू नोएडा क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक उतरने के लिए कट और चढ़ने के लिए रैंप बनवाने की मांग करेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ने के साथ न्यू नोएडा की एक्सप्रेस कनेक्टिविटी जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे के साथ ही आगे आगरा-लखनऊ व नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे से भी हो जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि न्यू नोएडा का क्षेत्र जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। सिकंदराबाद क्षेत्र में इंटरचेंज बना हुआ है। लेकिन जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी नहीं थी। इस बीच यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हुआ है। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर 24.8 किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के लिए जल्द अगली बैठक होगी।
मौजूद सड़कों के किनारे सेक्टर का विकास शुरू होगा :
प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि न्यू नोएडा के लिए यह योजना बनाई गई है कि क्षेत्र में जो प्रमुख और चौड़ी सड़कें पहले से मौजूद हैं और मास्टर प्लान में शामिल हैं उनके किनारे विकास शुरू किया जाए। यहां पर सेक्टर के नियोजन की शुरुआत होगी। ऐसी प्रमुख सड़कों और उनके किनारे की जमीन चिन्हित की गई है। फिर आगे नई सड़कों का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। ओएसडी ने स्पष्ट किया कि जमीन किसानों से समझौते के आधार पर जी जाएगी। यमुना प्राधिकरण के बराबर मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। नोएडा में किसानों को जमीन के सापेक्ष 5 प्रतिशत का प्लॉट मिलता है वहीं न्यू नोएडा में यह यमुना की तरह 7 प्रतिशत का दिया जाएगा। प्लॉट देने पर मुआवजा 3800 रुपये प्रति मीटर होगा।
विज्ञापन
ऑफिस के लिए 10 हजार वर्ग मीटर जमीन : न्यू नोएडा के अस्थाई दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। मास्टर प्लान के मुताबिक न्यू नोएडा को चार चरण में बसाया जाना है। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें देरी हो चुकी है। दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर जमीन का विकास वर्ष 2032, तीसरे चरण में 5908 हेक्टेयर जमीन का विकास वर्ष 2037 और अंत में चौथे चरण के तहत 8230 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य 2041 तक कराने का लक्ष्य रखा गया है
-नोएडा प्राधिकरण ने शुरू की तैयारी, कनेक्टिविटी का स्थल बुलंदशहर में प्राधिकरण जल्द तय करेगा
-न्यू नोएडा क्षेत्र में मौजूद चौड़ी सड़कों किनारे सेक्टर लाने की तैयारी, ऐसी प्रमुख सड़कें और उनके किनारे की जमीन चिन्हित
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दादरी से खुर्जा के बीच 80 गांव की जमीन पर प्रस्तावित दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इनवेस्टमेंट रीजन (न्यू नोएडा) को यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित 72 किलोमीटर के लिंक एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी है। न्यू नोएडा के विकासकर्ता नोएडा प्राधिकरण ने इसको लेकर मंथन शुरू कर दिया है। प्राधिकरण उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को पत्र लिखकर न्यू नोएडा क्षेत्र में लिंक एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक उतरने के लिए कट और चढ़ने के लिए रैंप बनवाने की मांग करेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़ने के साथ न्यू नोएडा की एक्सप्रेस कनेक्टिविटी जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, गंगा एक्सप्रेसवे, यमुना एक्सप्रेसवे के साथ ही आगे आगरा-लखनऊ व नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे से भी हो जाएगी।
नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि न्यू नोएडा का क्षेत्र जीटी रोड और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से जुड़ा हुआ है। सिकंदराबाद क्षेत्र में इंटरचेंज बना हुआ है। लेकिन जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी नहीं थी। इस बीच यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच लिंक एक्सप्रेसवे प्रस्तावित हुआ है। यह एक्सप्रेसवे बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र से शुरू होकर यमुना एक्सप्रेसवे पर 24.8 किलोमीटर की दूरी पर सेक्टर-21 फिल्म सिटी के पास जुड़ेगा। नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सतीश पाल ने बताया कि लिंक एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी के लिए जल्द अगली बैठक होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौजूद सड़कों के किनारे सेक्टर का विकास शुरू होगा :
प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि न्यू नोएडा के लिए यह योजना बनाई गई है कि क्षेत्र में जो प्रमुख और चौड़ी सड़कें पहले से मौजूद हैं और मास्टर प्लान में शामिल हैं उनके किनारे विकास शुरू किया जाए। यहां पर सेक्टर के नियोजन की शुरुआत होगी। ऐसी प्रमुख सड़कों और उनके किनारे की जमीन चिन्हित की गई है। फिर आगे नई सड़कों का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। ओएसडी ने स्पष्ट किया कि जमीन किसानों से समझौते के आधार पर जी जाएगी। यमुना प्राधिकरण के बराबर मुआवजा 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया है। नोएडा में किसानों को जमीन के सापेक्ष 5 प्रतिशत का प्लॉट मिलता है वहीं न्यू नोएडा में यह यमुना की तरह 7 प्रतिशत का दिया जाएगा। प्लॉट देने पर मुआवजा 3800 रुपये प्रति मीटर होगा।
Trending Videos
ऑफिस के लिए 10 हजार वर्ग मीटर जमीन : न्यू नोएडा के अस्थाई दफ्तर को जमीन सिकंदराबाद औद्योगिक क्षेत्र के पास जोखाबाद और सांवली गांव में देखी गई है। करीब 10 हजार वर्ग मीटर जमीन दफ्तर के लिए ली जाएगी। मास्टर प्लान के मुताबिक न्यू नोएडा को चार चरण में बसाया जाना है। पहले चरण में 3165 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है, जिसमें देरी हो चुकी है। दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर जमीन का विकास वर्ष 2032, तीसरे चरण में 5908 हेक्टेयर जमीन का विकास वर्ष 2037 और अंत में चौथे चरण के तहत 8230 हेक्टेयर जमीन पर विकास कार्य 2041 तक कराने का लक्ष्य रखा गया है