{"_id":"6a3d8a980ae041d9fc048d88","slug":"from-the-sports-field-to-the-uniform-the-districts-players-have-scripted-a-new-success-story-noida-news-c-1-noi1095-4433823-2026-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Noida News: खेल मैदान से वर्दी तक, जिले के खिलाड़ियों ने लिखी सफलता की नई कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Noida News: खेल मैदान से वर्दी तक, जिले के खिलाड़ियों ने लिखी सफलता की नई कहानी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- राष्ट्रीय स्तर पर चमके खिलाड़ी, अब बीएसएफ, एयरफोर्स और पुलिस में निभा रहे जिम्मेदारी
मो. सफीक खान
नोएडा। खेल अब केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का मजबूत माध्यम भी बन रहा है। गौतमबुद्ध नगर के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन कर खेल कोटे के जरिए बीएसएफ, भारतीय वायुसेना और पुलिस जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में स्थान हासिल किया है। उनकी उपलब्धियां जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
अच्छेजा गांव के ऋषभ नागर ने वुशू में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक और राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका चयन पुलिस विभाग में हुआ। वहीं, दुजाना गांव की तनीषा नागर ने वुशू में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर खेल कोटे से भारतीय वायुसेना में जगह बनाई। राजतपुर गांव की अनुष्का भाटी ने राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीतकर पहचान बनाई। खेल उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हुआ और वह वर्तमान में देश सेवा कर रही हैं। सेक्टर-22 निवासी आर्यमान संगवान ने कराटे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। खेल कोटे से हेड कांस्टेबल बने आर्यमान आज भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
कोट-
खेल ने मुझे अनुशासन और आत्मविश्वास दिया। इसी के दम पर मैं पुलिस सेवा तक पहुंच सका। -ऋषभ नागर, वुशू खिलाड़ी
मेरी सफलता साबित करती है कि बेटियां खेलों के जरिए बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं। -तनीषा नागर, वुशू खिलाड़ी
खेल ने मुझे देश सेवा का अवसर दिया। यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। -अनुष्का भाटी, बीएसएफ
खेल और नौकरी दोनों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। -आर्यमान संगवान, कराटे खिलाड़ी
विज्ञापन
मो. सफीक खान
नोएडा। खेल अब केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि युवाओं के लिए बेहतर भविष्य का मजबूत माध्यम भी बन रहा है। गौतमबुद्ध नगर के कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन कर खेल कोटे के जरिए बीएसएफ, भारतीय वायुसेना और पुलिस जैसी प्रतिष्ठित सेवाओं में स्थान हासिल किया है। उनकी उपलब्धियां जिले के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।
अच्छेजा गांव के ऋषभ नागर ने वुशू में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते। एशियाई प्रतियोगिता में रजत पदक और राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीतने के बाद उनका चयन पुलिस विभाग में हुआ। वहीं, दुजाना गांव की तनीषा नागर ने वुशू में उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर खेल कोटे से भारतीय वायुसेना में जगह बनाई। राजतपुर गांव की अनुष्का भाटी ने राष्ट्रीय स्तर पर चार स्वर्ण पदक जीतकर पहचान बनाई। खेल उपलब्धियों के आधार पर उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में हुआ और वह वर्तमान में देश सेवा कर रही हैं। सेक्टर-22 निवासी आर्यमान संगवान ने कराटे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल की। खेल कोटे से हेड कांस्टेबल बने आर्यमान आज भी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
विज्ञापन
कोट-
खेल ने मुझे अनुशासन और आत्मविश्वास दिया। इसी के दम पर मैं पुलिस सेवा तक पहुंच सका। -ऋषभ नागर, वुशू खिलाड़ी
मेरी सफलता साबित करती है कि बेटियां खेलों के जरिए बड़े मुकाम हासिल कर सकती हैं। -तनीषा नागर, वुशू खिलाड़ी
खेल ने मुझे देश सेवा का अवसर दिया। यह मेरे लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। -अनुष्का भाटी, बीएसएफ
खेल और नौकरी दोनों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ना ही मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है। -आर्यमान संगवान, कराटे खिलाड़ी