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Noida News: बायोमेट्रिक फेल तो आई-स्कैन पास, रजिस्ट्री हुई और भी आसान
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बुजुर्गों की हाथों की लकीरें मिटने से नहीं हो पाता था सत्यापन, इसलिए शुरू होगी नई व्यवस्था
फोटो है
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एक अप्रैल से रजिस्ट्री कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैन मशीन के जरिए सत्यापन की सुविधा शुरू होगी। इससे खासतौर पर बुजुर्गों को राहत मिलेगी, जिनकी हाथों की लकीरें अकसर मैच नहीं हो पातीं। एआईडी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बुजुर्गों के आधार सत्यापन में दिक्कतें आती हैं। इस समस्या का सामाधान करने के लिए ही नई व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है।
जिले के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में होने वाली करीब 10 प्रतिशत रजिस्ट्रियों में फिंगरप्रिंट स्कैनिंग में दिक्कत होती है। उम्र बढ़ने के साथ हाथों की लकीरें हल्की पड़ जाने या घिस जाने के कारण कई बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट नहीं आ पाते। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासन ने अब आइरिस स्कैन तकनीक लागू करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, रजिस्ट्री विभाग में शुरुआती चरण में 10 आइरिस स्कैन मशीनों के लिए ऑर्डर दिया गया है। इन मशीनों के इंस्टॉल होने के बाद आवेदकों की आंखों को स्कैन कर आधार सत्यापन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज हो सकेगी।
एक घंटे की स्लॉट बुकिंग की तैयारी
रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ को नियंत्रित करने और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए एक अप्रैल से एक घंटे के स्लॉट में पंजीकरण की बुकिंग की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। जमीन की रजिस्ट्री के दौरान आधार सत्यापन में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। एक अप्रैल से रजिस्ट्री कार्यालयों में आइरिस (आंख) स्कैन मशीन के जरिए सत्यापन की सुविधा शुरू होगी। इससे खासतौर पर बुजुर्गों को राहत मिलेगी, जिनकी हाथों की लकीरें अकसर मैच नहीं हो पातीं। एआईडी प्रथम, गौतमबुद्ध नगर अरुण कुमार शर्मा ने बताया कि बुजुर्गों के आधार सत्यापन में दिक्कतें आती हैं। इस समस्या का सामाधान करने के लिए ही नई व्यवस्था को शुरू किया जा रहा है।
जिले के सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों में होने वाली करीब 10 प्रतिशत रजिस्ट्रियों में फिंगरप्रिंट स्कैनिंग में दिक्कत होती है। उम्र बढ़ने के साथ हाथों की लकीरें हल्की पड़ जाने या घिस जाने के कारण कई बुजुर्गों के फिंगरप्रिंट मशीन में स्पष्ट नहीं आ पाते। ऐसे में सत्यापन प्रक्रिया लंबी हो जाती थी और लोगों को बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके समाधान के लिए प्रशासन ने अब आइरिस स्कैन तकनीक लागू करने का फैसला किया है। अधिकारियों के मुताबिक, रजिस्ट्री विभाग में शुरुआती चरण में 10 आइरिस स्कैन मशीनों के लिए ऑर्डर दिया गया है। इन मशीनों के इंस्टॉल होने के बाद आवेदकों की आंखों को स्कैन कर आधार सत्यापन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक सटीक और तेज हो सकेगी।
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एक घंटे की स्लॉट बुकिंग की तैयारी
रजिस्ट्री कार्यालयों में भीड़ को नियंत्रित करने और प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए एक अप्रैल से एक घंटे के स्लॉट में पंजीकरण की बुकिंग की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे लोगों को लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और कार्य निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा।